डरे-सहमे लोगों की मां विन्ध्यवासिनी से प्रर्थना :-----
मिर्जापुर । मां विन्ध्यवासिनी धाम क्षेत्र के कण-कण में अद्भुत शक्ति का नतीजा माना जा रहा है कि त्रिकोणधाम की महत्ता को प्रभावित करने वाली आसुरी शक्ति कोरोना बीमारी के दो अंग कट कर गिर गए और चुस्त प्रशासन ने कोरोना पॉजिटिव की संभावनाओं को निगेटिव में बदल दिया जबकि तीसरे काठमांडू के मरीज की भी रिपोर्ट कल 19 मार्च को निगेटिव ही आएगी । इस प्रकार धाम क्षेत्र में बल्ले बल्ले की स्थिति पूरी तरह हो जाएगी ।
BHU से मिले संकेत---
जापान और दुबई के दो मरीजों की जांच रिपोर्ट 17 मार्च को निगेटिव आई थी । तीसरे काठमांडू के मरीज की विधिवत रिपोर्ट आने के पूर्व माइक्रो बायोलॉजी डिपार्टमेंट ने अनऑफिशियल बताया कि इस मरीज में भी कोरोना नहीं है । विधिवत लिखित रिपोर्ट 19 मार्च को आएगी ।
थर्ड फेस पर नज़र-
कोरोना का फर्स्ट फेस चीन का बुहान इलाका था । सेकेंड फेस में वहां से भारत के विभिन्न अंचलों में आए लोगों में वायरस की मौजूदगी मानी गई तथा थर्ड फेस में संक्रमित व्यक्ति को आसपास के लोगों में वायरस का हस्तांतरण है । इसे कम्युनिटी-टू-कम्युनिटी श्रेणी में माना गया है । मशीनरी थर्ड फेस पर भी नज़र गड़ाए है ।
बंदी से घबराहट--
दर-असल स्कूल-कालेज, न्यायालय, जलसे-समारोह, वीआईपी दौरों के निरस्त होने के साथ उन मंदिरों में जहां बड़ी भीड़ होती है, के पट बंद होने की खबर से घबराहट बढ़ती जा रही है । लेकिन बीमारी की भयावहता के चलते सजगता भी बढ़ी है ।
मां विन्ध्यवासिनी धाम में उहापोह--
सिद्धपीठ विंध्याचल में नवरात्र में पट बंद होगा या खुला रहेगा, इसको लेकर फिलहाल उहापोह है । क्योंकि जम्मू में वैष्णव देवी मंदिर, मुंबई में सिद्धविनायक मंदिर तथा उज्जैन में महाकाल मंदिर श्रद्धालुओं के लिए बंद होने की खबर संचार माध्यमों में छाई हुई है । ऐसी स्थिति कुछ लोग विंध्याचल मंदिर को भी उन्हीं मंदिरों की तरह बंद करने का सुझाव देते देखे गए । सिर्फ पुजारी निर्धारित आरती समय समय पर कर दें । श्रद्धालु अपने घर से मां विन्ध्यवासिनी की मानसिक पूजा करें ।
मानसिक पूजा का विधान है- -
धर्मग्रन्थों में मानसिक पूजा का भी विधान है । इसमें इष्ट देवी-देवता का मन में ध्यान कर पँचपोपचार या षोडशोपचार पूजन किया जाता है ।
मंदिर बंद होगा तो क्या होगा ?--
देश के अन्य मंदिरों की तरह मां विन्ध्यवासिनी का मन्दिर भी यदि नवरात्र में बंद होगा तो सर्वाधिक क्षति गर्भगृह में पारी-वालों को होगी । प्रायः पारी खरीदी-बेची जाती है । कभी कभी किसी पंडे के बड़े जजमान आने को होते हैं तो वह पंडा घण्टे-दो घण्टे के लिए पारी दूसरे पंडा से खरीद लेता है । पारिवाल का 31% तथा दर्शन करने वाले पंडा का 69% हिस्सा चढ़ावा में होता है । नवरात्र मेले की पारी पहले से खरीदी-बेची जा चुकी है । अतः कोरोना से मंदिर बंद होता है तो खरीदने वाले को भारी झटका लगेगा ।
प्रशासन की व्यवस्था---
इस बीच 18 मार्च को जिलाधिकारी श्री सुशील कुमार पटेल ने पंडा-समुदाय को इस बात पर राजी कर लिया कि मंदिर के गर्भ गृह में कोई श्रद्धालु नहीं जाएगा जो सायं 4 बजे से लागू भी हो गया ।
कोरोना का अंत विंध्यधाम से होगा ।---
श्रद्धालुओं का मानना है कि कोरोना राक्षस का वध विंध्यधाम से होगा । अव्यवस्थित वातावरण पुनः शीघ्र व्यवस्थित हो, इसके लिए मां विन्ध्यवासिनी से मनुहार चल रही है कि 'कोरोना क टँगिया तोड़ दो मोर मइया' का भजन सुनने को मिल रहा है ।
-सलिल पांडेय, मिर्जापुर ।
©लेखन चोरी करके किसी अन्य के नाम से प्रसारित करना कॉपीराइट एक्ट का उल्लंघन है ।
मिर्जापुर । मां विन्ध्यवासिनी धाम क्षेत्र के कण-कण में अद्भुत शक्ति का नतीजा माना जा रहा है कि त्रिकोणधाम की महत्ता को प्रभावित करने वाली आसुरी शक्ति कोरोना बीमारी के दो अंग कट कर गिर गए और चुस्त प्रशासन ने कोरोना पॉजिटिव की संभावनाओं को निगेटिव में बदल दिया जबकि तीसरे काठमांडू के मरीज की भी रिपोर्ट कल 19 मार्च को निगेटिव ही आएगी । इस प्रकार धाम क्षेत्र में बल्ले बल्ले की स्थिति पूरी तरह हो जाएगी ।
BHU से मिले संकेत---
जापान और दुबई के दो मरीजों की जांच रिपोर्ट 17 मार्च को निगेटिव आई थी । तीसरे काठमांडू के मरीज की विधिवत रिपोर्ट आने के पूर्व माइक्रो बायोलॉजी डिपार्टमेंट ने अनऑफिशियल बताया कि इस मरीज में भी कोरोना नहीं है । विधिवत लिखित रिपोर्ट 19 मार्च को आएगी ।
थर्ड फेस पर नज़र-
कोरोना का फर्स्ट फेस चीन का बुहान इलाका था । सेकेंड फेस में वहां से भारत के विभिन्न अंचलों में आए लोगों में वायरस की मौजूदगी मानी गई तथा थर्ड फेस में संक्रमित व्यक्ति को आसपास के लोगों में वायरस का हस्तांतरण है । इसे कम्युनिटी-टू-कम्युनिटी श्रेणी में माना गया है । मशीनरी थर्ड फेस पर भी नज़र गड़ाए है ।
बंदी से घबराहट--
दर-असल स्कूल-कालेज, न्यायालय, जलसे-समारोह, वीआईपी दौरों के निरस्त होने के साथ उन मंदिरों में जहां बड़ी भीड़ होती है, के पट बंद होने की खबर से घबराहट बढ़ती जा रही है । लेकिन बीमारी की भयावहता के चलते सजगता भी बढ़ी है ।
मां विन्ध्यवासिनी धाम में उहापोह--
सिद्धपीठ विंध्याचल में नवरात्र में पट बंद होगा या खुला रहेगा, इसको लेकर फिलहाल उहापोह है । क्योंकि जम्मू में वैष्णव देवी मंदिर, मुंबई में सिद्धविनायक मंदिर तथा उज्जैन में महाकाल मंदिर श्रद्धालुओं के लिए बंद होने की खबर संचार माध्यमों में छाई हुई है । ऐसी स्थिति कुछ लोग विंध्याचल मंदिर को भी उन्हीं मंदिरों की तरह बंद करने का सुझाव देते देखे गए । सिर्फ पुजारी निर्धारित आरती समय समय पर कर दें । श्रद्धालु अपने घर से मां विन्ध्यवासिनी की मानसिक पूजा करें ।
मानसिक पूजा का विधान है- -
धर्मग्रन्थों में मानसिक पूजा का भी विधान है । इसमें इष्ट देवी-देवता का मन में ध्यान कर पँचपोपचार या षोडशोपचार पूजन किया जाता है ।
मंदिर बंद होगा तो क्या होगा ?--
देश के अन्य मंदिरों की तरह मां विन्ध्यवासिनी का मन्दिर भी यदि नवरात्र में बंद होगा तो सर्वाधिक क्षति गर्भगृह में पारी-वालों को होगी । प्रायः पारी खरीदी-बेची जाती है । कभी कभी किसी पंडे के बड़े जजमान आने को होते हैं तो वह पंडा घण्टे-दो घण्टे के लिए पारी दूसरे पंडा से खरीद लेता है । पारिवाल का 31% तथा दर्शन करने वाले पंडा का 69% हिस्सा चढ़ावा में होता है । नवरात्र मेले की पारी पहले से खरीदी-बेची जा चुकी है । अतः कोरोना से मंदिर बंद होता है तो खरीदने वाले को भारी झटका लगेगा ।
प्रशासन की व्यवस्था---
इस बीच 18 मार्च को जिलाधिकारी श्री सुशील कुमार पटेल ने पंडा-समुदाय को इस बात पर राजी कर लिया कि मंदिर के गर्भ गृह में कोई श्रद्धालु नहीं जाएगा जो सायं 4 बजे से लागू भी हो गया ।
कोरोना का अंत विंध्यधाम से होगा ।---
श्रद्धालुओं का मानना है कि कोरोना राक्षस का वध विंध्यधाम से होगा । अव्यवस्थित वातावरण पुनः शीघ्र व्यवस्थित हो, इसके लिए मां विन्ध्यवासिनी से मनुहार चल रही है कि 'कोरोना क टँगिया तोड़ दो मोर मइया' का भजन सुनने को मिल रहा है ।
-सलिल पांडेय, मिर्जापुर ।
©लेखन चोरी करके किसी अन्य के नाम से प्रसारित करना कॉपीराइट एक्ट का उल्लंघन है ।


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