रजनीकांत अवस्थी
महराजगंज/रायबरेली: आइसीडीएस में व्याप्त भ्रष्टाचार ने आंगनबाड़ी केन्द्रों को भ्रष्टाचार की फुलवारी बना दिया है। अनियमितताएं यहां तेजी से फल फूल रही है। आए दिन इन केंद्रों के नए नए किस्से सामने आते रहते हैं। जिले से लेकर विभिन्न प्रखंडों तक में अधिकारियों की मनमानी व कमीशनखोरी के चक्कर में आंगनबाड़ी केन्द्रों का हाल बेहाल है। बाल विकास परियोजना के तहत आगनबाडी केन्द्रों का समुचित संचालन व नियंत्रण महिला पर्यवेक्षक व बालविकास परियोजना पदाधिकारी के जिम्मे होता है। गरीब व असहाय परिवारों के बच्चों को स्कूल पूर्व शिक्षा मिले इसी मकसद से इसका संचालन होता है।
इससे उलट महराजगंज प्रखंड में यह परियोजना प्रायः खानापूर्ति तक सिमट कर रह गया है, चुंकि मामला एक ऐसे तबके से जुड़ा है जिसके लिए कोई बोलने वाला नहीं है। इसलिए इसे गंभीरता से नहीं लिया जाता। आंगनबाडी केन्द्र सिरसोई विकासखंड क्षेत्र महराजगंज को देखा गया तो वहां पर कोई बच्चे उपस्थित नहीं मिले। और सहायिका प्राथमिक विद्यालय के कार्यों में मशगुल थी। पूछने पर सहायिका रामरती देवी ने बताया कि, सेविका कृष्णा देवी अक्सर गायब ही रहती है। सहायिका ने यह भी बताया कि, सिरसोई आंगनबाड़ी केन्द्र पर काफी महीनो से पोषाहार नही बट रहा है। वहीं दिन के एक बजे आस-पड़ोस के भी केन्द्रों का हाल वैसा ही दिखा। कहीं भी बच्चे उपस्थित नहीं पाए गए।
वहीं ग्रामीण कन्हैयालाल मौर्य, राम सुफल आदि से जब बात की गई तो उन सब ने बताया कि, विगत 5 वर्ष से पोषहार उपलब्ध नही रहने की बात बताई जाती रही है। सिरसोई आंगनबाड़ी केंद्र पर जो समानताएं दिखी आमूमन लगभग केन्द्रों पर वस्तुस्थित वही है। ऐसे में सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि, जब आधारभूत ढांचे का हाल ऐसा रहेगा। तो कैसे नौनिहालों को मिलेगी स्कूल पूर्व की शिक्षा।
महराजगंज/रायबरेली: आइसीडीएस में व्याप्त भ्रष्टाचार ने आंगनबाड़ी केन्द्रों को भ्रष्टाचार की फुलवारी बना दिया है। अनियमितताएं यहां तेजी से फल फूल रही है। आए दिन इन केंद्रों के नए नए किस्से सामने आते रहते हैं। जिले से लेकर विभिन्न प्रखंडों तक में अधिकारियों की मनमानी व कमीशनखोरी के चक्कर में आंगनबाड़ी केन्द्रों का हाल बेहाल है। बाल विकास परियोजना के तहत आगनबाडी केन्द्रों का समुचित संचालन व नियंत्रण महिला पर्यवेक्षक व बालविकास परियोजना पदाधिकारी के जिम्मे होता है। गरीब व असहाय परिवारों के बच्चों को स्कूल पूर्व शिक्षा मिले इसी मकसद से इसका संचालन होता है।
इससे उलट महराजगंज प्रखंड में यह परियोजना प्रायः खानापूर्ति तक सिमट कर रह गया है, चुंकि मामला एक ऐसे तबके से जुड़ा है जिसके लिए कोई बोलने वाला नहीं है। इसलिए इसे गंभीरता से नहीं लिया जाता। आंगनबाडी केन्द्र सिरसोई विकासखंड क्षेत्र महराजगंज को देखा गया तो वहां पर कोई बच्चे उपस्थित नहीं मिले। और सहायिका प्राथमिक विद्यालय के कार्यों में मशगुल थी। पूछने पर सहायिका रामरती देवी ने बताया कि, सेविका कृष्णा देवी अक्सर गायब ही रहती है। सहायिका ने यह भी बताया कि, सिरसोई आंगनबाड़ी केन्द्र पर काफी महीनो से पोषाहार नही बट रहा है। वहीं दिन के एक बजे आस-पड़ोस के भी केन्द्रों का हाल वैसा ही दिखा। कहीं भी बच्चे उपस्थित नहीं पाए गए।
वहीं ग्रामीण कन्हैयालाल मौर्य, राम सुफल आदि से जब बात की गई तो उन सब ने बताया कि, विगत 5 वर्ष से पोषहार उपलब्ध नही रहने की बात बताई जाती रही है। सिरसोई आंगनबाड़ी केंद्र पर जो समानताएं दिखी आमूमन लगभग केन्द्रों पर वस्तुस्थित वही है। ऐसे में सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि, जब आधारभूत ढांचे का हाल ऐसा रहेगा। तो कैसे नौनिहालों को मिलेगी स्कूल पूर्व की शिक्षा।




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