उस जमाने का वाकया है जब बिजली के पँखे का ईजाद नहीं हुआ था । हाथ के ताड़वाले पंखे से हवा लोग लेते थे ।
एक गांव में ताड़ का पंखा बेचने वाला पहुंचा । वह आवाज लगाकर बोल रहा था- 10 रुपए में 10 साल तक चलने वाला पंखा खरीदो ।
गांव के बड़े जमींदार ने आवाज सुनकर उसे बुलाया और कहा-एक रुपया का पंखा एक तो तुम 10 रु0 में बेचकर ठग रहे हो और दूसरे यह 10 साल चलेगा भी नहीं ?
पंखा वाला बोला-हुजूर गारंटी है ।
जमींदार-आज तुम बेचकर फिर न आए तब ?
पंखावाला- मैं रोज आऊंगा ।
इस बात पर ढेरों पंखे जमींदार ने खरीद लिए।
दो दिन बाद पंखा वाला फिर गांव आया । जमींदार ने उसे बुलाकर हड़काया । तुम्हारा पँखा तो एक दिन भी नहीं चला टूट गया ।
पंखेवाले ने कहा-आपने उसका सही प्रयोग नहीं किया होगा, इसलिए टूट गया होगा ।
जमींदार ने हाथ में लेकर जैसे पँखा डुलाया जाता है, वैसे बताया कि इस तरह से मैंने पंखे से हवा ली ।
पंखेवाले ने कहा-यही तो आपसे हुजूर गलती हो गई । आपको सीधे हाथ में पँखा लेकर गर्दन को बाएं और दाएं डुलाते रहना चाहिए था तब यह पँखा बिल्कुल न टूटता । आपने इसका इस्तेमाल ही ठीक ढंग से नहीं किया । इसमें मेरा क्या दोष ?
जमींदार को लगा कि सच में उससे गलती हो गई पंखे के इस्तेमाल में ।
©सलिल पांडेय, मिर्जापुर।
एक गांव में ताड़ का पंखा बेचने वाला पहुंचा । वह आवाज लगाकर बोल रहा था- 10 रुपए में 10 साल तक चलने वाला पंखा खरीदो ।
गांव के बड़े जमींदार ने आवाज सुनकर उसे बुलाया और कहा-एक रुपया का पंखा एक तो तुम 10 रु0 में बेचकर ठग रहे हो और दूसरे यह 10 साल चलेगा भी नहीं ?
पंखा वाला बोला-हुजूर गारंटी है ।
जमींदार-आज तुम बेचकर फिर न आए तब ?
पंखावाला- मैं रोज आऊंगा ।
इस बात पर ढेरों पंखे जमींदार ने खरीद लिए।
दो दिन बाद पंखा वाला फिर गांव आया । जमींदार ने उसे बुलाकर हड़काया । तुम्हारा पँखा तो एक दिन भी नहीं चला टूट गया ।
पंखेवाले ने कहा-आपने उसका सही प्रयोग नहीं किया होगा, इसलिए टूट गया होगा ।
जमींदार ने हाथ में लेकर जैसे पँखा डुलाया जाता है, वैसे बताया कि इस तरह से मैंने पंखे से हवा ली ।
पंखेवाले ने कहा-यही तो आपसे हुजूर गलती हो गई । आपको सीधे हाथ में पँखा लेकर गर्दन को बाएं और दाएं डुलाते रहना चाहिए था तब यह पँखा बिल्कुल न टूटता । आपने इसका इस्तेमाल ही ठीक ढंग से नहीं किया । इसमें मेरा क्या दोष ?
जमींदार को लगा कि सच में उससे गलती हो गई पंखे के इस्तेमाल में ।
©सलिल पांडेय, मिर्जापुर।


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