रजनीकांत अवस्थी
महराजगंज/रायबरेली: जन्माष्टमी पर श्रीकृष्ण के श्रृंगार में इस बात का ध्यान रखें कि, वस्त्र से लेकर गहनों तक कुछ भी काला नहीं होना चाहिए। काले रंग का प्रयोग बिल्कुल न करें।
आपको बता दें कि, जन्माष्टमी का त्योहार इस साल 11 और 12 अगस्त को मनाया जा रहा है। गृहस्थ और पारिवारिक लोग मंगलवार, 11 अगस्त यानी आज जन्माष्टमी का व्रत रख रहे हैं। जबकि वैष्णव, संत या संन्यासी बुधवार, 12 अगस्त को व्रत रखेंगे। आइए इसी कड़ी में जानते हैं कि, आखिर जन्माष्टमी पर श्रीकृष्ण का श्रृंगार कैसे करें और उन्हें कौन सा भोग लगाएं।
कैसे होगा श्रीकृष्ण का श्रृंगार?
श्री कृष्ण के श्रृंगार में फूलों का खूब प्रयोग करें। पीले रंग के वस्त्र, गोपी चन्दन और चन्दन की सुगंध से इनका श्रृंगार करें। श्री कृष्ण के श्रृंगार में इस बात का ध्यान रखें कि, वस्त्र से लेकर गहनों तक कुछ भी काला नहीं होना चाहिए। काले रंग का प्रयोग बिल्कुल न करें। वैजयंती के फूल अगर कृष्ण जी को अर्पित किए जाएं तो सर्वोत्तम होगा।
क्या होगा प्रसाद?
जन्माष्टमी के प्रसाद में पंचामृत जरूर अर्पित करें। उसमें तुलसी दल भी जरूर डालें। मेवा, माखन और मिसरी का भोग भी लगाएं। कहीं-कहीं धनिये की पंजीरी भी अर्पित की जाती है। इस दिन श्रीकृष्ण को पूर्ण सात्विक भोजन अर्पित किए जाते हैं, जिसमें तमाम तरह के व्यंजन हों।
कैसे करें मूर्ति का चुनाव?
सामान्यतः जन्माष्टमी पर बाल कृष्ण की स्थापना की जाती है। आप अपनी आवश्यकता और मनोकामना के आधार पर जिस स्वरूप को चाहें स्थापित कर सकते हैं। प्रेम और दाम्पत्य जीवन के लिए राधा-कृष्ण की, संतान के लिए बाल कृष्ण की और सभी मनोकामनाओं के लिए बंसी वाले कृष्ण की स्थापना करें। इस दिन शंख और शालिग्राम की स्थापना भी कर सकते हैं।

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