LIC के सर्वोच्च अभिकर्ता और ब्राह्मण संगठन के कर्त्ताधर्ता अलविदा बोल कर अस्ताचल में गए
मिर्जापुर । सुबह की सौम्य लालिमायुक्त किरणों की तरह सौम्य व्यवहार वाले LIC के MDRT अभिकर्ता तथा ब्राह्मण एकता परिषद के कोषाध्यक्ष सूर्यकांत नाथ तिवारी अब धरती पर कभी नहीं दिखाई देंगे । वे अब स्मृतियों एवं चर्चाओं में ही देखे नहीं सिर्फ सुने जाएंगे ।
इधर कई सालों से हृदयरोग से पीड़ित स्व सूर्यकांत तिवारी जिंदगी की अर्धशतक भागीदारी (51साल) ही कर सके थे कि पुरानी बीमारी ने उन्हें *काट-बिहाइन* आउट कर दिया और पितृपक्ष के उस मौके पर जब स्वर्ग के सभी द्वार पितरों के खुले रहते हैं, की प्रथम तिथि को प्रस्थान कर गए । हलांकि वे पितृ-धाम खुद तो चले गए लेकिन परिजनों, मित्रों एवं शुभचिंतकों की आंखों में अश्रुओं की नदी बहाते हुए गए।
3 सितंबर का दिन उनके त्रिकोणात्मक जीवन का अंतिम दिन था। बिहार के सिवान जिले से वे यहां आकर बसे, यह तो पहला कोण था। दूसरा बीमा कम्पनी के अभिकर्ता के शीर्षतम तक पहुंचे जबकि तीसरा कोण सामाजिक जीवन का था । जिले में ब्राह्मण संगठन को व्यापक बनाने के साथ बिना किसी दलगत राजनीति के किसी भी तरह के चुनाव चाहे लोकसभा हो, विधानसभा, निकाय चुनाव सभी मे सूर्यकांत की आभा जरूर बिखरती थी।
स्व सूर्यकांत ने ब्राह्मण संगठनों के कई इकाइयों में अहम भूमिका अदा की। इस सिलसिले में वे नगर के प्रमुख चिकित्सकों डॉ नीरज त्रिपाठी, डॉ एस एन पाठक, डॉ गणेश प्रसाद अवस्थी, डॉ वी पी शुक्ल, कैलाशनाथ दुबे, आर पी ओझा, सुरेश पांडेय, नरेश शर्मा एवं विनय पांडेय आदि के साथ जुड़ कर कई बड़े बड़े कार्यक्रमों को सम्पन्न कराने में बड़ी भूमिका अदा की । जिले में जातिगत संगठनों में ब्राह्मण संगठन को उच्च मुकाम पर उन्होंने खड़ा किया । यही कारण था कि जिले में इस संगठन को मजबूत माना जाने लगा।
हर मौकों पर लोगों को मजबूत करने वाले सूर्यकांत ने अपने स्वास्थ्य की चिंता नहीं की । हृदयरोग से बेफिक्र आखिर वे चिता की आग में ज्योति बन आसमान में चले गए।
गुरुवार को निधन पर उनका अंतिम संस्कार नगर के चौबेघाट पर किया गया। श्रद्धांजलियों का दौर जारी है।
सलिल पांडेय, मिर्जापुर ।


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