बलिया: गोंडवाना की वीरांगना महारानी दुर्गावती की 500वीं जयंती समारोह 5 अक्तूबर 2024 को ग्राम- पकड़ी में पूरे उत्साह पूर्वक मनाई गई। जयंती समारोह कार्यक्रम की अध्यक्षता तिरुमाय नैना देवी तथा संचालन गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के बलिया तहसील इकाई अध्यक्ष संजय गोंड ने किया।
आपको बता दें कि, मुख्य वक्ता के बतौर गोंडवाना विचारक तिरुमाल दादा छितेश्वर गोंड ने अपने सम्बोधन में आदिवासी गोंड समुदाय के गौरवशाली अतीत के क्रांतिकारी आत्म बलिदान की शानदार गौरव गाथा से इतिहास बोध कराते हुए कहा कि, महारानी दुर्गावती का जन्म कालिंजर के राजा महोबा के राजा कीर्ति सिंह के यहां 5 अक्तूबर 1524 को हुआ था, जिनका विवाह गोंडवाना के राजा संग्राम शाह के पुत्र गोंडवाना के राजकुमार दलपति शाह के साथ हुआ था।
गोंडवाना राज बड़ा ही संम्वृद्ध था। गोंडवाना राज में सोने के सिक्के चला करते थे, जिसको देख कर मुगल सम्राट अकबर के सेनापति आसफ खान ने तीन बार गोंडवाना पर आक्रमण किया। दो बार तो महारानी दुर्गावती ने मुगल सेना को परास्त कर दिया, किन्तु तीसरी बार बड़ी ही बहादूरी से लड़ते हुए गोंडवाना महारानी दुर्गावाती युद्ध भूमि में दुश्मनों से अपने आप को घिरा पाकर अपनी ही कटार अपने सीने में घोंप कर वीर गति को प्राप्त हो गयीं, जिनकी शौर्य गाथा इतिहास के सुनहरे अक्षरों में दर्ज हो गई, जो प्रेरणा श्रोत है।
गोंड समुदाय के मान, सम्मान, स्वाभिमान व गोंडवाना राज्य की रक्षा के लिए वीरांगना महारानी दुर्गावती की इतिहास गाथा बड़ी ही शानदार रही है, जिन्होंने जीते-जी कभी भी मुगल अकबर की अधीनता स्वीकार नहीं की।
जयंती समारोह को गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के जिला संरक्षक सुमेर गोंड, कार्यवाहक जिलाध्यक्ष अशोक गोंड, कन्हैया गोंड, अरविंद गोंड, सूचित गोंड, सुदेश शाह, मंजित गोंड, हरिशंकर गोंड, शंकर गोंड, सीमा देवी, शीला देवी, मैना देवी, चिंता देवी, गीता देवी, गुलाब गोंड, सोनू गोंड, अजित गोंड, बच्चा लाल गोंड, पिंटू गोंड ने भी सम्बोधित किया।


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