सार........
⭕ पंडित दीनदयाल उपाध्याय की पुण्य तिथि को समर्पण दिवस के रूप में मनाया-जन्मेजय सिंह।
⭕ उपाध्याय जी के विचार और सिद्धांत हमें सदैव राष्ट्रसेवा की प्रेरणा देते रहेंगें-जन्मेजय सिंह।
⭕ एकात्म मानववाद के प्रणेता उपाध्याय जी का संपूर्ण चिंतन समाज के अंतिम व्यक्ति के उत्थान के लिए था-जन्मेजय सिंह।
विस्तार.........
रजनीकांत अवस्थी
महराजगंज/रायबरेली: एकात्म मानववाद और अंत्योदय के प्रणेता, प्रखर राष्ट्रवादी चिंतक पंडित दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि को भाजपा जिला उपाध्यक्ष जन्मेज्य सिंह ने अपने सैकड़ों समर्थकों व भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ समर्पण दिवस के रूप में मनाया। जिला उपाध्यक्ष भाजपा ने सर्वप्रथम उनके तैल चित्र पर पुष्पांजलि और माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। तत्पश्चात उन्होंने कहा कि, यह कार्यक्रम भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय कार्यक्रमों में से एक है।
आपको बता दें कि, भाजपा जिला उपाध्यक्ष जन्मेजय सिंह ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि, समाज के अंतिम व्यक्ति के उत्थान और आत्मनिर्भर भारत निर्माण के लिए पंडित दीनदयाल उपाध्याय का जीवन समर्पित रहा। उनके विचार और सिद्धांत हमें सदैव राष्ट्रसेवा की प्रेरणा देते रहेंगें।
श्री सिंह ने कहा कि, पंडित दीनदयाल उपाध्याय भारतीय राजनीति के उन महान विचारकों में से थे, जिन्होंने सत्ता की बजाय समाज सेवा को अपना उद्देश्य बनाया। वे केवल एक राजनीतिक नेता नहीं, बल्कि एक महापुरुष थे, जिन्होंने राष्ट्रहित में अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया। उन्होंने कहा, एकात्म मानववाद के प्रणेता उपाध्याय जी का संपूर्ण चिंतन समाज के अंतिम व्यक्ति के उत्थान के लिए था।
भाजपा जिला उपाध्यक्ष जन्मेजय सिंह ने कहा कि, लोकतंत्र केवल बहुमत का शासन नहीं होता, बल्कि उसमें सहिष्णुता और लोकहित की भावना प्रमुख होती है। उपाध्याय जी के अनुसार, भारतीय लोकतंत्र की जड़ें प्राचीन सभ्यता और संस्कृति में समाई हुई हैं। वैदिक काल से लेकर मध्यकाल तक भारत के कई राज्य लोकतांत्रिक सिद्धांतों पर आधारित रहे हैं।
उन्होंने कार्यक्रम में मैजूद भाजपा कार्यकर्ताओं को बताया कि, भाजपा के लिए पंडित दीनदयाल उपाध्याय न केवल वैचारिक प्रेरणा के स्रोत हैं, बल्कि उनकी नीतियां और विचार आज भी प्रासंगिक हैं। उन्होंने कहा कि, उपाध्याय जी का मानना था कि, राजनीति का उद्देश्य केवल सत्ता प्राप्ति नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण और समाज कल्याण होना चाहिए।
श्री सिंह ने कहा कि, उपाध्याय जी का मानना था कि, भारत को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए सनातन संस्कृति के मूल्यों पर आधारित नीतियों को अपनाना चाहिए। उन्होंने समाज के अंतिम व्यक्ति के उत्थान को सर्वोपरि रखते हुए “अंत्योदय” का सिद्धांत दिया, जिसका उद्देश्य गरीब और वंचित वर्ग तक विकास की रोशनी पहुंचाना था।
पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने अपने जीवनकाल में समाज और राजनीति को नई दिशा देने का कार्य किया। उनकी पुण्यतिथि पर कार्यक्रम में मौजूद भाजपा नेताओं, कार्यकर्ताओं ने उनके दिखाए मार्ग पर चलने का संकल्प लेते हुए कहा कि, उनकी विचारधारा और दर्शन आज भी भाजपा की नीतियों का मूल आधार है।
इस अवसर पर भाजपा जिला उपाध्यक्ष जन्मेजय सिंह के साथ भाजपा मंडल उपाध्यक्ष वीरेंद्र अवस्थी, शक्ति केंद्र संयोजक आशुतोष पांडेय, बूथ अध्यक्ष कौशल किशोर पांडेय, रंजीत सिंह, रामप्रकाश पूर्व बीडीसी, श्यामलाल वर्मा, रमेश मौर्य, सुनील पासी, रिंकू त्यागी, गंगाराम समेत भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता उपस्थित रहे।




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