रजनीकान्त अवस्थी
महराजगंज/रायबरेली: अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलनरत लेखपालों के विगत 10 तारीख से कलम बंद हड़ताल पर चले जाने के कारण किसानों को भारी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है, यहां तक कि, कंप्यूटरीकृत खतौनी बनने का भी काम ठप हो गया है साथ ही आय ,जाति, निवास ,हैसियत, चरित्र प्रमाण पत्र समेत लोगों के आवश्यक कार्यों पर रिपोर्ट न लगने से आम जनता को खासी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
आपको बता दें कि, उधर लेखपालों ने आज दूसरे दिन भी तहसील में धरना देकर अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की तथा इस बात को दोहराया कि, जब तक उनकी समस्त मांगों को पूर्ण कर शासनादेश जारी नहीं कर दिया जाता है तब तक हड़ताल जारी रहेगी। तहसील परिसर में आज भी दूर-दूर से इनतखाब खतौनी लेने आए किसानों को खाली हाथ लौटना पड़ा साथ ही जेल में बंद लोगों की जमानत के कागजातों के सत्यापन के लिए आए प्रपत्रो पर रिपोर्ट नहीं लग सकी।
आय जाति निवास हैसियत चरित्र लगभग 300 आवेदन पत्र लंबित पड़े हुए हैं। इंतखाब खतौनी की प्रमाणित प्रति न मिलने से काश्तकारों को खासी परेशानी हो रही है। तहसील परिसर में आयोजित धरने को संबोधित करते हुए तहसील अध्यक्ष जितेंद्र सिंह चौहान साथियों का मनोबल बढ़ाते हुए कहा कि, अब हमें आश्वासन नहीं बल्कि शासनादेश चाहिए। महामंत्री ओम प्रकाश सोनी ने कहा कि, 10 तारीख से कार्य बहिष्कार के क्रम में आज दूसरा दिन है। यहां तीन दिन धरना प्रदर्शन तहसील पर चलेगा। इसके उपरांत हम लोग शुक्रवार से 26 तारीख तक जिलाधिकारी मुख्यालय पर जाकर धरना प्रदर्शन करेंगे और इसके उपरांत भी हमारी मांगे नहीं मानी गई तो 27 तारीख को विधानसभा का घेराव किया जाएगा।
इस मौके पर आद्या प्रसाद, प्रीति गुप्ता, संगीता यादव, अर्चना, प्रतिमा, राजाराम, छब्बू राम, शिव कंठ गुप्ता, राजेश कुमार, विपिन मौर्य, राकेश यादव, विवेक सिंह सहित सभी लेखपाल मौजूद रहे।

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