रजनीकांत अवस्थी
महराजगंज/रायबरेली: चर्चित नकली जीरा बरामदगी मामले में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय परिषद सदस्य रामशंकर वर्मा ने कहा है कि, प्रशासन द्वारा की जा रही कार्यवाही समझ से परे है क्योंकि, नकली जीरा यानी फूल झाड़ू के बीज को आज तक सरकारी तौर पर खरीद-फरोख्त पर कभी रोक नहीं लगाई गई ना ही इसे प्रतिबंधित खाद्य पदार्थों की सूची में रखा गया है। बावजूद इसके पुलिस द्वारा यह तर्क देकर कि, इसका उपयोग मिलावटी जीरा बनाने में किया जा रहा है। यह कहकर व्यापारियों का उत्पीड़न किया जा रहा है।
श्री वर्मा ने कहा कि, जहां तक उनकी जानकारी है केंद्र व प्रदेश सरकारों का कोई भी ऐसा आदेश निर्देश नहीं है कि, जिसमें फूल झाड़ू के बीज को खतरनाक पदार्थ के रूप में घोषित करके उस पर रोक लगाई गई हो।
उन्होंने कहा कि, यदि कोई ऐसा नियम था तो, पहले शासन प्रशासन को बाकायदा इसका प्रचार प्रसार करके इसके खरीद-फरोख्त और उपयोग पर रोक लगाने की कार्यवाही करनी चाहिए थी। उन्होंने यह भी कहा कि, बेरोजगारी के इस दौर में गरीब मजदूर पेशे के लोग पेट पालने के लिये दो-दो चार-चार किलो फूल झाड़ू के बीज को एकत्र कर बेचते थे। इस कार्यवाही के तहत छोटे छोटे व्यापारियों समेत मजदूरों को पीड़ित किया गया है।
उन्होंने प्रदेश सरकार से मागं की है कि, प्रकरण में गहराई से जांच कराकर व्यापारियो और मजदूरों का हो रहा उत्पीड़न बंद कराया जाए।
महराजगंज/रायबरेली: चर्चित नकली जीरा बरामदगी मामले में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय परिषद सदस्य रामशंकर वर्मा ने कहा है कि, प्रशासन द्वारा की जा रही कार्यवाही समझ से परे है क्योंकि, नकली जीरा यानी फूल झाड़ू के बीज को आज तक सरकारी तौर पर खरीद-फरोख्त पर कभी रोक नहीं लगाई गई ना ही इसे प्रतिबंधित खाद्य पदार्थों की सूची में रखा गया है। बावजूद इसके पुलिस द्वारा यह तर्क देकर कि, इसका उपयोग मिलावटी जीरा बनाने में किया जा रहा है। यह कहकर व्यापारियों का उत्पीड़न किया जा रहा है।
श्री वर्मा ने कहा कि, जहां तक उनकी जानकारी है केंद्र व प्रदेश सरकारों का कोई भी ऐसा आदेश निर्देश नहीं है कि, जिसमें फूल झाड़ू के बीज को खतरनाक पदार्थ के रूप में घोषित करके उस पर रोक लगाई गई हो।
उन्होंने कहा कि, यदि कोई ऐसा नियम था तो, पहले शासन प्रशासन को बाकायदा इसका प्रचार प्रसार करके इसके खरीद-फरोख्त और उपयोग पर रोक लगाने की कार्यवाही करनी चाहिए थी। उन्होंने यह भी कहा कि, बेरोजगारी के इस दौर में गरीब मजदूर पेशे के लोग पेट पालने के लिये दो-दो चार-चार किलो फूल झाड़ू के बीज को एकत्र कर बेचते थे। इस कार्यवाही के तहत छोटे छोटे व्यापारियों समेत मजदूरों को पीड़ित किया गया है।
उन्होंने प्रदेश सरकार से मागं की है कि, प्रकरण में गहराई से जांच कराकर व्यापारियो और मजदूरों का हो रहा उत्पीड़न बंद कराया जाए।
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