रजनीकांत अवस्थी
महराजगंज/रायबरेली: क्षेत्र के पुरासी गांव में कोटेदार की दबंगई के चलते बाहर से मजदूरी करके गांव आने वाले लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जिसके चलते महिला ग्राम प्रधान कृष्णालली ने सभी की जिम्मेदारी अपने कंधों पर उठाकर स्वयं खाना बनाकर खिला रही हैं। जो अपने आप में एक मिसाल है।
आपको बता दें कि, महराजगंज विकासखंड क्षेत्र के पुरासी गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय में कोरोना महामारी के चलते बाहर मजदूरी करने गए लोगों के वापस लौटने के बाद लगभग 25 मजदूर गांव पहुंच गए हैं। जिनकी रहने व खाने-पीने की समुचित व्यवस्था प्राथमिक विद्यालय पुरासी में की गई है।
वहीं शासन द्वारा जारी किए गए दिशा निर्देश के मुताबिक कोटेदार और विद्यालय के प्रधानाचार्य द्वारा सभी सुविधाएं मुहैया कराई जाएगी। लेकिन महिला ग्राम प्रधान कृष्णालली ने जब विद्यालय के प्रधानाचार्य संतोष द्विवेदी से बात की तो, उन्होंने कहा कि, वे सिर्फ रसोईयां व बर्तन दे सकते हैं। खाद्यान्न नहीं है। जिसके बाद महिला ग्राम प्रधान आरोप लगाते हुए बताया कि जब उन्होंने कोटेदार संतराम से बात की, तो कोटेदार संतराम ने भी राशन न देने की बात कही। जिसके बाद से महिला ग्राम प्रधान ने स्वयं सरकार और प्रशासन के आदेशों को अमलीजामा पहनाते हुए 25 लोगों की सेवा में स्वयं लग गई, और राशन की समुचित व्यवस्था करा कर खुद खाना बनाकर 25 लोगों को खाना खिलाने का काम कर रही हैं। जिससे यह साफ जाहिर होता है कि, गांव का कोटेदार संतराम अपनी मनमानी से नहीं बाज आ रहा है।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक पूर्व में भी इस दबंग कोटेदार की शिकायत उच्चाधिकारियों से की गई थी। लेकिन अपने लंबी पहुंच व सांठ -गांठ के चलते दबंग कोटेदार पर शिकायत होने के बावजूद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। जिससे कोटेदार के हौसले बुलंद हैं।
इस बाबत जब ग्राम प्रधान प्रतिनिधि गंगासागर पांडेय से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि, उप जिलाधिकारी विनय कुमार सिंह व कोतवाली प्रभारी अरुण कुमार सिंह के निर्देश पर बाहर से मजदूरी कर वापस गांव आए, लगभग 20 से 25 दिहाडी मजदूरों की समुचित व्यवस्था प्राथमिक विद्यालय पुरासी में की गई है, तथा ग्राम प्रधान द्वारा हर संभव मदद व सहयोग किया जा रहा है।
महराजगंज/रायबरेली: क्षेत्र के पुरासी गांव में कोटेदार की दबंगई के चलते बाहर से मजदूरी करके गांव आने वाले लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जिसके चलते महिला ग्राम प्रधान कृष्णालली ने सभी की जिम्मेदारी अपने कंधों पर उठाकर स्वयं खाना बनाकर खिला रही हैं। जो अपने आप में एक मिसाल है।
आपको बता दें कि, महराजगंज विकासखंड क्षेत्र के पुरासी गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय में कोरोना महामारी के चलते बाहर मजदूरी करने गए लोगों के वापस लौटने के बाद लगभग 25 मजदूर गांव पहुंच गए हैं। जिनकी रहने व खाने-पीने की समुचित व्यवस्था प्राथमिक विद्यालय पुरासी में की गई है।
वहीं शासन द्वारा जारी किए गए दिशा निर्देश के मुताबिक कोटेदार और विद्यालय के प्रधानाचार्य द्वारा सभी सुविधाएं मुहैया कराई जाएगी। लेकिन महिला ग्राम प्रधान कृष्णालली ने जब विद्यालय के प्रधानाचार्य संतोष द्विवेदी से बात की तो, उन्होंने कहा कि, वे सिर्फ रसोईयां व बर्तन दे सकते हैं। खाद्यान्न नहीं है। जिसके बाद महिला ग्राम प्रधान आरोप लगाते हुए बताया कि जब उन्होंने कोटेदार संतराम से बात की, तो कोटेदार संतराम ने भी राशन न देने की बात कही। जिसके बाद से महिला ग्राम प्रधान ने स्वयं सरकार और प्रशासन के आदेशों को अमलीजामा पहनाते हुए 25 लोगों की सेवा में स्वयं लग गई, और राशन की समुचित व्यवस्था करा कर खुद खाना बनाकर 25 लोगों को खाना खिलाने का काम कर रही हैं। जिससे यह साफ जाहिर होता है कि, गांव का कोटेदार संतराम अपनी मनमानी से नहीं बाज आ रहा है।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक पूर्व में भी इस दबंग कोटेदार की शिकायत उच्चाधिकारियों से की गई थी। लेकिन अपने लंबी पहुंच व सांठ -गांठ के चलते दबंग कोटेदार पर शिकायत होने के बावजूद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। जिससे कोटेदार के हौसले बुलंद हैं।
इस बाबत जब ग्राम प्रधान प्रतिनिधि गंगासागर पांडेय से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि, उप जिलाधिकारी विनय कुमार सिंह व कोतवाली प्रभारी अरुण कुमार सिंह के निर्देश पर बाहर से मजदूरी कर वापस गांव आए, लगभग 20 से 25 दिहाडी मजदूरों की समुचित व्यवस्था प्राथमिक विद्यालय पुरासी में की गई है, तथा ग्राम प्रधान द्वारा हर संभव मदद व सहयोग किया जा रहा है।



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