सरकारी आदेशों को दरकिनार कर दुकानदारों ने शुरू की कालाबाजारी।। Raebareli news ।।

हरिओम मिश्रा
शिवगढ/रायबरेली: क्षेत्र में रविवार को कर्फ्यू जैसा माहौल है, प्रशासन पूर्णतय: शख्ती के साथ लाकडाउन के आदेश का पालन करवा रहा है और उसमें आम जनता प्रसाशन का पूरा सहयोग भी कर रही है। जिला प्रशासन से लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री तक ने साफ तौर पर यह कह दिया है कि, देश में पर्याप्त मात्रा में खाद्य पदार्थ, सब्जी और फल उपलब्ध है। किसी प्रकार की समस्या नहीं है। परंतु इस वक्त खाद्य पदार्थ, फल, सब्जी व दूध इत्यादि दैनिक उपयोग की वस्तुओं को वितरण करने का अधिकार सिर्फ उन्हीं को है। जिनकी सूची स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी की गई है। अन्य कोई भी व्यक्ति किसी भी प्रकार की दुकान नहीं खोलने के भी आदेश दिए गए हैं। इसी बात को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी के निर्देशन में उपजिलाधिकारी के साथ-साथ पुलिस महकमा पल-पल की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
       आपको बता दें कि, उपर्युक्त बातों को दृष्टिगत रखते हुए सड़कों पर स्थानीय पुलिस द्वारा लगातार गश्त कर लोगों को जागरूक किया जा रहा है। परंतु इसके बाद भी प्रशासनिक आदेश को धता बताते हुए कुछ अनाधिकृत खाद्य पदार्थ विक्रेता अपनी ओछी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं। खुलेआम रात में दुकान खोलकर सामानों की कालाबाजारी कर रहे है इसके साथ साथ पैकेट में बंद सामानों का भी अधिक से अधिक मूल्य लेकर बेच रहे हैं। जोकि, अधिकतम खुदरा मूल्य से ज्यादा लेना कानून का उल्लंघन है। ऐसे में पहले से ही परेशान लोगों की कमर तोड़ कर रख दी है। यह राशन, सब्जी और फल और राशन के लिए लोग इधर-उधर भाग रहे हैं। 
     यही नहीं यहां का आलम यह है कि, छोटी छोटी दूकानों से लोग मास्क ओर सेनेटाइजर खरीद रहे हैं। आटा, दाल, नमक, बिस्किट, नमकीन, दूध खरीद रहे हैं। नाम ना छापने की शर्त पर एक स्थानीय दुकानदार ने बताया कि, बैती, भवानीगढ़, शिवगढ़ के कुछ दुकानदार रात में 8 बजे के बाद खुलेआम गुटखा पान मसाला एवं अन्य सामानों की कालाबाजारी करते हैं और मनमाना रेट आम आदमी से वसूलते हैं। सीधे तौर पर 70 रू में बिकने वाला छोला चना 100 रू किलो, तो वहीं 5 रू में मिलने वाला पारले बिस्किट 6 रू का, 36 रू किलो बिकने वाली चीनी को 40 रू किलो खुलेआम यहां बेची जा रही है। आलू को खुलेआम 25 से 30रू किलो बेचा जा रहा है, जबकि टमाटर और प्याज की कीमतें 40 से 50रू प्रति किलो कर दी गई है।
       यही नहीं गुटखा पर बैन लगने के बाद भी यह दुकानदार आम दिनों में 175 रू का बिकने वाला पान मसाला 240रू का तो वहीं 105रू वाला गुटखा खुलेआम 150रू का धड़ल्ले से बेच कर अपनी जेब भर रहे हैं और आम लोगों के जीवन से खिलवाड़ करने के साथ-साथ सरकारी आदेश का भी मजाक उड़ा रहे है। इसका जीता जागता उदाहरण देखने को मिला।
       गुमावा बॉर्डर पर दुकानदार राजेश गुप्ता के यहाँ जहाँ बड़ी मात्रा में अवैध रूप से चीनी का स्टॉक मिला वहीं खुलेआम शासनादेशों के विपरीत चीनी को अधिक रेट पर बेचता हुआ पाया गया। आजकल बाजार में खुलेआम डुब्लीकेट रिफाइंड तेल, सब्जी मसाला, तंबाकू, गुटखा, सिगरेट आदि काफी मात्रा में बिक्री किया जाता है। जोकि, खुले आम जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है। ऐसे में पहले से ही परेशान लोगों को और परेशान करने वाले इन दुकानदारों पर प्रशासन क्या कार्रवाई करता है। यह देखने वाली अहम बात होगी।

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