रजनीकांत अवस्थी
रायबरेली: विगत मंगलवार को रात 8:00 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोनावायरस से लड़ाई लड़ने के लिए 21 दिन के लाक डाउन की घोषणा कर दी थी। इसके साथ ही देश भर में ट्रेन, बस सेवा भी ठप कर दी गई। जिसके बाद राशन समेत दैनिक जरूरतों के साज-ओ-सामान की अन्य दुकानों पर भीड़ सी उमड़ आई थी, हर एक शख्स खाने पीने का सामान भर लेना चाहता था। यह अलग बात है कि, अगले दिन सुबह से ही बस अड्डों से लेकर रेलवे स्टेशनों पर ऐसे लोग भी उमड़े, जो किसी भी सूरत में अपने घर लौटना चाहते थे। यह वे लोग थे, जिन्हें हम आप दिहाड़ी मजदूर के नाम से जानते हैं। जो लाकडाउन की खबर ने इनके सामने परिवार और खुद को पा लेने का एक गंभीर यक्ष प्रश्न खड़ा कर दिया। परेशानी पर कल क्या होगा के सवालिया निशान के साथ रोज कमाई के बाद चूल्हा जलाने के आदी इन लोगों में से कई जिंदगी कदम-ताल करते हुए सैकड़ों मील दूर अपने घरों की ओर निकल लिए।
आपको बता दें कि, अपने घरों के लिए पैदल अथवा किसी साधन से निकले हुए ऐसे दिहाड़ी मजदूरों की भूख प्यास और परेशानियों को ध्यान में रखते हुए रायबरेली के युवा भाजपा नेता अतुल सिंह ने आज शहर में अन्य राज्यों तथा बड़े शहरों से पलायन कर चुके रायबरेली पहुंचने पर व यहीं के लोकल काम करने वाले दिहाड़ी मजदूरों को मुफ्त खाने का पैकेट वितरण किया।
श्री सिंह ने कहा कि, कोरोना वायरस के कारण लाकडाउन से प्रभावित जरुरतमंदो को उन्होंने स्वयंसेवी संस्था एवं प्रशासन के माध्यम से 500 लंच पैकेट अपने प्रतिनिधि निशांत सिंह के द्वारा वितरित कराया है। श्री सिंह का उद्देश्य है कि, रायबरेली जनपद में कोई भी व्यक्ति भूखा न रहे। इसकी चिन्ता वे सबके साथ मिलकर करेगें। अंत में उन्होंने कहा कि, गरीबों की सेवा ही सच्ची देश सेवा और सबसे बड़ी पूजा है।
रायबरेली: विगत मंगलवार को रात 8:00 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोनावायरस से लड़ाई लड़ने के लिए 21 दिन के लाक डाउन की घोषणा कर दी थी। इसके साथ ही देश भर में ट्रेन, बस सेवा भी ठप कर दी गई। जिसके बाद राशन समेत दैनिक जरूरतों के साज-ओ-सामान की अन्य दुकानों पर भीड़ सी उमड़ आई थी, हर एक शख्स खाने पीने का सामान भर लेना चाहता था। यह अलग बात है कि, अगले दिन सुबह से ही बस अड्डों से लेकर रेलवे स्टेशनों पर ऐसे लोग भी उमड़े, जो किसी भी सूरत में अपने घर लौटना चाहते थे। यह वे लोग थे, जिन्हें हम आप दिहाड़ी मजदूर के नाम से जानते हैं। जो लाकडाउन की खबर ने इनके सामने परिवार और खुद को पा लेने का एक गंभीर यक्ष प्रश्न खड़ा कर दिया। परेशानी पर कल क्या होगा के सवालिया निशान के साथ रोज कमाई के बाद चूल्हा जलाने के आदी इन लोगों में से कई जिंदगी कदम-ताल करते हुए सैकड़ों मील दूर अपने घरों की ओर निकल लिए।
आपको बता दें कि, अपने घरों के लिए पैदल अथवा किसी साधन से निकले हुए ऐसे दिहाड़ी मजदूरों की भूख प्यास और परेशानियों को ध्यान में रखते हुए रायबरेली के युवा भाजपा नेता अतुल सिंह ने आज शहर में अन्य राज्यों तथा बड़े शहरों से पलायन कर चुके रायबरेली पहुंचने पर व यहीं के लोकल काम करने वाले दिहाड़ी मजदूरों को मुफ्त खाने का पैकेट वितरण किया।

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