रजनीकांत अवस्थी
रायबरेली: पश्चिम उत्तर प्रदेश के चर्चित कैराना लोकसभा सीट पर इकरा के प्रदर्शन ने सभी को चौंका दिया है। इस सीट पर उन्होंने भाजपा प्रत्याशी प्रदीप चौधरी को तगड़ी पटखनी दी है। कैराना लोकसभा सीट पर वर्ष 1962 से लेकर अब तक 16 बार चुनाव हो चुका है। जिसमें भाजपा का दबदबा रहा है। लेकिन इस बार पासा पलट गया।
आपको बता दे कि, इकरा हसन पिछले 9 वर्षों से कैराना क्षेत्र की राजनीति में सक्रिय है। वह पूर्व सांसद तबस्सुम हसन की बेटी है और नाहिद हसन उनके बड़े भाई है। इकरा हसन ने लंदन की यूनिवर्सिटी से कानून की शिक्षा हासिल की है।
भाजपा ने सीट पर अब तक तीन बार जीत दर्ज कर चुकी है, जबकि कांग्रेस दो, सपा दो, और जनता दल दो जीत चुकी है। इस बार इस सीट पर इकरा हसन समाजवादी पार्टी के चुनाव चिंह पर मैदान में थी। मंगलवार को मतगणना शुरू हुई तो शुरुआत में पिछड़ती नजर आई, लेकिन दोपहर बाद बढ़त बना ली तो अंत तक बरकरार रही।
कैराना सीट पर इकरा के टिकट होने के बाद से ही कैराना लोकसभा सीट पर नए समीकरण बन गए थे। वही अखिलेश द्वारा कैराना लोकसभा सीट में इकरा हसन को प्रत्याशी बना दिए जाने के बाद भाजपा बसपा और सपा में कांटे की टक्कर मानी जा रही थी। क्षेत्र की जनता न सिर्फ इकरा के सादगी की कायल थी, बल्कि बेटी की तरह प्यार भी दिखाया। क्षेत्र की जनता ने उन्हें बंपर मतों से जिताकर यह भी दिखा दिया कि, इस भूमि से बेटियां भी बेटों से काम नहीं है।

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