रजनीकांत अवस्थी
महराजगंज:रायबरेली: कोरोनावायरस के बचाव के संघर्ष को और जोरदार तरीके से लड़ने को रायबरेली की जिलाधिकारी शुभ्रा सक्सेना के निर्देशन पर महराजगंज क्षेत्राधिकारी राघवेंद्र चतुर्वेदी और कोतवाल अरुण सिंह ने कमर कस ली है। कस्बा सहित समूचे क्षेत्र में व्यवस्थाओं को चुस्त दुरुस्त कर दिया गया है। दैनिक उपयोग की वस्तुओं के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी कर दिए गए हैं। जिससे घरों में कैद लोगों को परेशानियों का सामना ना करना पड़े।
आपको बता दें कि, महराजगंज कस्बा सहित समूचे क्षेत्र में प्रशासन की सख्ती का आज असर दिखा। क्षेत्राधिकारी राघवेंद्र चतुर्वेदी और कोतवाल अरुण सिंह ने आज मोर्चा संभाला। इक्का-दुक्का वाहन चल रहे हैं।
वहीं क्षेत्र के थुलवासा चौकी, चन्दापुर चौराहा, सुखाई का पुरवा तिराहा, कस्बा सहित मऊ तथा हलोर बाजारों में केवल फल की दुकानें ही खुली रही और उन पर भी भीड़ जुटने नहीं दी गई।
तहसील प्रशासन के उठाए गए इस कदम से सोशल डिस्टेंस्टिंग की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आज दूसरे दिन की बंदी काफी प्रभावशाली रही धीरे धीरे ग्रामीण क्षेत्र में नागरिकों की समझ में आ रहा है कि को रोने से बचाव के लिए मोदी सरकार का फैसला वास्तव में सही फैसला है और इसमें सहयोग देना चाहिए।
महराजगंज:रायबरेली: कोरोनावायरस के बचाव के संघर्ष को और जोरदार तरीके से लड़ने को रायबरेली की जिलाधिकारी शुभ्रा सक्सेना के निर्देशन पर महराजगंज क्षेत्राधिकारी राघवेंद्र चतुर्वेदी और कोतवाल अरुण सिंह ने कमर कस ली है। कस्बा सहित समूचे क्षेत्र में व्यवस्थाओं को चुस्त दुरुस्त कर दिया गया है। दैनिक उपयोग की वस्तुओं के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी कर दिए गए हैं। जिससे घरों में कैद लोगों को परेशानियों का सामना ना करना पड़े।
आपको बता दें कि, महराजगंज कस्बा सहित समूचे क्षेत्र में प्रशासन की सख्ती का आज असर दिखा। क्षेत्राधिकारी राघवेंद्र चतुर्वेदी और कोतवाल अरुण सिंह ने आज मोर्चा संभाला। इक्का-दुक्का वाहन चल रहे हैं।
वहीं क्षेत्र के थुलवासा चौकी, चन्दापुर चौराहा, सुखाई का पुरवा तिराहा, कस्बा सहित मऊ तथा हलोर बाजारों में केवल फल की दुकानें ही खुली रही और उन पर भी भीड़ जुटने नहीं दी गई।
तहसील प्रशासन के उठाए गए इस कदम से सोशल डिस्टेंस्टिंग की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आज दूसरे दिन की बंदी काफी प्रभावशाली रही धीरे धीरे ग्रामीण क्षेत्र में नागरिकों की समझ में आ रहा है कि को रोने से बचाव के लिए मोदी सरकार का फैसला वास्तव में सही फैसला है और इसमें सहयोग देना चाहिए।




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