कोरोनावायरस से लड़ने के लिए बीजेपी विधायक ने दिया 1 महीने का वेतन और एक करोड़ रुपए की सहायता धनराशि।। Raebareli news ।।

लेखक वरिष्ट पत्रकार है।
शिवगढ़/रायबरेली: बछरावां विधायक रामनरेश रावत ने भी कोरोनावायरस से लड़ने के लिए अपनी निधि से एक करोड़ रुपये, तथा एक माह का वेतन जन सहयोग में लगाने के लिए दिया है, और जिलाअधिकारी व मुख्यविकास अधिकारी को अपनी जनता के लिए हर संभव मदद किये जाने के लिए भी आश्वस्त किया है। 
      आपको बता दें कि, भाजपा विधायक राम नरेश रावत ने कहा कि, वर्तमान समय में देश ही नहीं अपितु पूरे विश्व में जो त्रासदी चल रही है। उस महामारी से लड़ने के लिए वे और उनका परिवार प्रतिक्षण तत्पर हैं। शासन के दिशा निर्देश और मेडिकल के चक्र को बनाए रखने के लिए लॉक डाउन में अपने परिवार के साथ वे अपने घर में रह रहे है। किंतु उसके बाद भी यदि उनकी आवश्यकता तन मन धन किसी भी प्रकार से इस देश, प्रदेश व बछरावां विधानसभा के काम आए तो वे करने के लिए तैयार है।
      उन्होंने एक करोड़ रुपए निधि से जन सहयोग में जनता को मास्क सैनिटाइजर, खाद्यान्न जैसी रोजमर्रा की मूलभूत जरूरतों को पूरी करने के लिए दिया गया है। इसके बाद भी यदि किसी तरह की कोई जरूरत आती है, तो जनसेवा के लिए तन मन धन से वे प्रतिक्षण तैयार हैं।
     उन्होंने एक माह का वेतन भी अपनी स्वेच्छा से  इस कोरोना महामारी से लड़ने के लिए  दे रहें हैं। उन्होंने बताया कि, जिला प्रशासन से बात हो चुकी है जैसे ही उनकी आवश्यकता किसी भी प्रकार से होती है वे हर संभव मदद के लिए तैयार रहूंगें।
     उन्होंने गर्व से कहा कि, यदि उनके खून का एक कतरा भी किसी को जीवन दे सकता है, तो उसके लिए वे और उनका परिवार हर समय तैयार हैं। बीजेपी विधायक ने कहा कि, इस कोरोना को हराना है, अफवाहों में नहीं पड़ना है। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र भाई मोदी और उत्तर प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ बराबर जनता से अपील कर रहे हैं कि, लॉक डाउन का पूरा पालन करें।
      क्योंकि यह कोरोनावायरस छुआछूत की बीमारी है। छुआछूत से दूर रहें एक दूसरे को कतई ना छुए, दूर से बात करें। ज्यादातर घर के अंदर ही अपने को आइसोलेट करते रहें। इस बीमारी से डरने की आवश्यकता है, क्योंकि निडरता में ही जीत छुपी हुई है। लड़ने की आवश्यकता है। अपने लिए, नहीं अपने परिवार के लिए, अपने समुदाय के लिए। इसलिए घर से बाहर ना निकले जो भी कहा जा रहा है। उन निर्देशों का पालन करें। निश्चित रूप से हम इस लड़ाई में जीत कर रहेंगे। 
      उन्होंने अंत में कहा कि, वीर भोग्या वसुंधरा के नारे के साथ अगर कुछ दिन के लिए उन्हें घर पर रहकर लड़ना पड़े, तो लड़ना चाहिए हार नहीं माननी चाहिए।अत्यधिक बाहर निकलना लोगों के संपर्क में जाना घातक हो सकता है। कम्युनिटी में यदि फैलता है, तो रुकना बड़ा मुश्किल हो जाएगा। बड़ी जनहानि हो जाएगी। दुनिया के कई देश जो हम से भी ज्यादा स्वास्थ्य सेवाओं में अत्याधुनिक व्यवस्थाओं से लैस हैं। वह भी हाथ खड़े कर चुके हैं। तो हमारी क्या विषाद इसलिए अपने को सुरक्षित करें। अपने परिवार को सुरक्षित करें। घर में ही आइसोलेट होते रहे।

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