ऐसा कोई कार्य नहीं जो इंजीनियर न कर सके- मुख्य अभियंता-1, सिंचाई श्री यादव


कार्यों शुरू करने के पहले योजनाओं का सम्यक अध्ययन जरूरी- मुख्य अभियंता श्री सचान

सिंचाई विभाग में उच्चस्तरीय वैचारिक उद्बोधनों के बीच हुआ विदाई-समारोह

मिर्जापुर । सिंचाई कार्यमण्डल के अधीक्षण अभियंता से मुख्य अभियंता पद पर प्रोन्नत श्री अखिलेश कुमार सचान को अत्यंत उच्चस्तरीय बौद्धिक उद्बोधनों के बीच विदाई दी गई।  विदाई कम सम्मान समारोह में तकरीबन सभी वक्तागण विकास में इंजीनियर्स की भूमिका, कार्यों में लगन और समर्पण के इर्द-गिर्द ही जहां विचार व्यक्त कर रहे थे, वहीं श्री सचान के आस्था के धाम मां विंध्यवासिनी के श्रीचरणों से मर्यादा के क्षेत्र अयोध्या में स्थानांतरण को सौभाग्य का सूचक मान रहे थे ।

 

कोई काम असंभव नहीं यदि सच्चा इंजीनियर है तो

शनिवार को लेकरVIP गेस्ट हाउस में हुए समारोह की अध्यक्षता विभाग के विंध्यमण्डल, प्रयागराज के मुख्य अभियन्ता लेविल-1 श्री जीवन राम यादव ने की। श्री यादव ने उत्साह, सजगता, कर्मठता जागृत करने वाले अपने उद्बोधन में कहा कि इंजीनियर को गर्मी-सर्दी नहीं लगती यदि वह सच्चा इंजीनियर है तो।  उन्होंने कहा कि संसार में कोई ऐसा काम नहीं जो इंजीनियर न कर सके। उन्होंने कहा कि बहुत व्यापक है यह क्षेत्र । श्री यादव ने कहा कि धरती पर भगवान डॉक्टर माने जाते हैं लेकिन मृत व्यक्ति को डॉक्टर जिंदा नहीं कर सकते जबकि इंजीनियर जो क्षेत्र मृत-तुल्य है, वहां जीवन बसा सकते हैं । श्री यादव उद्बोधन को बीच-बीच में सरस बनाते हुए लोगों को ठहाका भी लगाने के लिए बाध्य कर रहे थे।



स्पष्ट दृष्टि, सुरुचिपूर्ण कार्य की प्रक्रिया और अभिलेखीकरण आवश्यक

   कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि के रूप में अयोध्या में पदोन्नत हुए मुख्य अभियन्ता श्री अखिलेश कुमार सचान ने अधीनस्थों के सहयोग की सराहना की तथा कहा कि नई उम्र के अभियन्ताओं को खरा और चकदार बनाने के लिए वे खुद कड़े हो जाते थे। ताकि आगे चलकर वे किसी भी जटिलताओं का सामना कर सकें और हर चुनौती का आसानी से हल ढूढ़ सकें । श्री सचान ने अधीनस्थ अभियन्ताओं को तीन मंत्र दिए जिसमें फहला 


कार्य की विधिवत जानकारी, दूसरा उसका सम्यक खाका बनाकर कार्य करना और तीसरा अभिलेखों की सुरुचिपूर्ण तैयारी ताकि किसी भी समय उसे देखकर पूरी परियोजना का स्वरूप सुस्पष्ट हो सके। 

    श्री सचान ने आलोचनाओं को व्यक्तित्व और कृतित्व  विकास का हिस्सा मान लेने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि कृषि के विकास में सिंचाई विभाग से जो अपेक्षाएं हैं, उसे पूरा करने से आत्म-संतुष्टि मिलेगी।


  इस अवसर पर मिर्जापुर सर्किल तथा ओबरा सर्किल में स्थान्तरित होकर आए अधीक्षण अभियंता क्रमशः श्री रमेश प्रसाद एवं श्री अजय कुमार बर्मा ने भी श्री सचान की तकनीकी जानकारियों को अत्युत्तम कहा । दोनों अधीक्षण अभियन्ताओं ने कार्यक्रम के पूर्व कार्यभार भी ग्रहण किया। 


  प्रारंभ में सिंचाई खंड चुनार के अधिशासी अभियन्ता श्री प्रदीप कुमार पटेल,  मिर्जापुर नहर प्रखंड के अधिशासी अभियंता श्री वैभव सिंह, कनहर परियोजना के अधिशासी अभियन्ता श्री रामगोपाल, सोनभद्र के ओबरा नहर प्रखंड के अधिशासी अभियन्ता श्री संजय कुमार  ने अतिथियों को माल्यार्पण किया । वरिष्ठ अभियन्ताओं ने उत्तरीय, मां विंध्यवासिनी का चित्र, भगवान गणेश एवं राधाकृष्ण की मूर्ति के साथ अभिनन्दन पत्र भेंट किया। वक्ताओं में साहित्यजगत की ओर से सलिल पांडेय, सर्किल के मुख्य लिपिक श्री जोखन यादव आदि थे। अत्यंत ज्ञानपूर्ण संचालन डिप्लोमा इंजीनियर संघ के नेता राजेश कुमार पांडेय ने किया । सम्मान-समारोह वैचारिक-दृष्टि से उच्चस्तरीय था।

                           साकेत पांडेय

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