साधन सहकारी समितियों में खरीदना न होने से मंडी के कांटो पर बढ़ी भीड़।। Raebareli news ।।

 

रजनीकांत अवस्थी

महराजगंज/रायबरेली: सरकार द्वारा इस बार किसानों के गेहूं की खरीद के लिए व्यापक प्रबंध किए जाने के बावजूद स्थानीय अव्यवस्थाओं के चलते गेहूं की खरीद का काम तेजी नहीं पकड़ रहा है। कहीं बोरों की कमी, तो कहीं ठेकेदारों की नियुक्ति ना होने की वजह से क्रय केंद्रों से गेहूं की उठान ना हो पाने से अब गेहूं रखने की जगह नहीं बची है। क्योंकि आए दिन मौसम करवटें ले रहा है, कभी आंधी तूफान, तो कभी ओले, तो कभी बरसात की आशंका के चलते अब समस्या यह है कि, आगे अगर किसानों का गेहूं खरीदा भी जाए, तो रखा कहां जाए।

     आपको बता दें कि, महराजगंज मंडी में गेहूं खरीद के लिए चार कांटे लगाए गए हैं। इनमें दो कांटे विपणन विभाग द्वारा लगाए गए हैं। इन कांटों की जानकारी देते हुए वरिष्ठ विपणन अधिकारी शशि भूषण चतुर्वेदी ने बताया कि, इस बार गेहूं खरीद के लिए मंडियों को सरकार की तरफ से कोई लक्ष्य निर्धारित नहीं किया गया है। उन्होंने बताया कि, मंडी प्रथम में 200 किसानों का लगभग 9000 कुंतल अभी तक खरीद की गई है। जिनमें 32 किसानों का छोड़कर 168 किसानों का पेमेंट 1 करोड़ 30 लाख 94 हजार 250 रुपये का किया जा चुका है। जबकि उनके दूसरे कांटे पर गेंहू की तौल के बारे में उन्होंने बताया कि, अभी तक लगभग 7000 कुंतल यहां पर तौल की जा चुकी है। जिनमें 150 किसान शामिल है। द्वितीय कांटे पर 25 किसानों को छोड़कर 125 किसानों की पेमेंट 88 लाख 67 हजार 750 रुपये की जा चुकी है।


    श्री चतुर्वेदी ने यह भी बताया कि, कोरोना महामारी के दौरान लेबरों की दिक्कत की वजह से तौल प्रभावित हो रही है, और इस बार मौसम भी अपना रंग बदल रहा है, जिसकी वजह से भी तौल काफी प्रभावित हो रही है। इसके अलावा उन्होंने बताया कि, इनके पास बोरे पर्याप्त मात्रा में है, यह तौल 4 अप्रैल 2021 से शुरू हुई है, और 15 जून 2021 तक चलेगी। शशि भूषण ने यह भी बताया कि, कुछ केंद्र प्रभारियों के अन्दर कोरोना के लक्षण पाए गए है। इस वजह से भी तौल प्रभावित हो रही है। वहीं मंडी में लगे तीसरे कांटे एसएफसी काटा प्रभारी शुभम प्रजापति से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि, अभी तक 57 किसानों का 2334 कुंतल गेहूं की खरीद की गई है। जिनमें से 24 किसानों को 22 लाख पेमेंट की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि, एफसीआई में गेहूं उठान की समस्या आ रही है। ठेकेदारों की नियुक्ति अब तक ना होने से गेहूं की उठान नहीं हो पा रही है। अगर गेहूं खरीदा जाए, तो रखा कहां जाए। 

    वहीं उन्होंने यह भी बताया कि, यहां से जो गेहूं लदवा कर एफसीआई रायबरेली भेजा जाता है, तो एक-एक गाड़ी उठाने में चार चार दिन लग जाते हैं, और गाड़ी वहीं खड़ी रहती है। जिससे हाल्ट का किराया भी देने की समस्या है, साथ ही मौसम खराब रहने से गेहूं तौल कर खुले में नहीं रखा जा सकता, उन्होंने भी पल्लेदारों की बीमारी की समस्या बताई है। वहीं परिसर में ही मंडी परिषद द्वारा भी कांटा लगवाया गया है। यहां की गति बहुत धीमी है। केंद्र शुरू होने से लेकर अब तक महज 77 किसानों से 3000 कुंतल गेहूं खरीदा गया है। केंद्र प्रभारी सरोज कुमार ने बताया कि, 70 किसानों के खातों में 49 लाख 39 हजार 475 का भुगतान किया जा चुका है। अधिकारियों के इन दावों के विपरीत किसानों का कुछ और ही कहना है। जमूरावां के रहने वाले बड़े किसान प्रेम शंकर मिश्रा ने बताया कि, उन्होंने अपने गेहूं के बिक्री के लिए रजिस्ट्रेशन करा लिया है। उनसे पहले कहा गया कि, हलोर साधन सहकारी समिति में बिक्री करें, लेकिन वहां समिति पर ताला लटके रहने के कारण वह महराजगंज मंडी आए, तो यहां भी बताया जा रहा है कि, 9 और 10 जून से पहले गेहूं नहीं लिया जाएगा। जबकि, दूसरे किसान रामप्यारे सिंह निवासी पाली का कहना है कि, उनकी सोसाइटी में खरीद नहीं हो रही है, और मंडी वाले कहते हैं कि, सोसाइटी में जाकर बेचों। अब मजबूरी है कि, वह खुले बाजार में अपना गेंहूं औने पौने दामों में बेचने को मजबूर हैं। वहीं क्षेत्र के अन्य किसानों शीतला प्रसाद लोधी, रामकरण लोधी, राजेश कुमार सिंह आदि ने भी गेहूं की खरीद अब तक न किए जाने का मामला उठाया है।

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