झारखंड: लालू यादव की राजनीति का सूरज चमकने के बाद अब ढलने लगा है। सजायाफ्ता होने से पंगु हो गये हैं। अब उनके नाम का भी असर नहीं रहा। झारखंड विधानसभा चुनाव में तेवर दिखाने के बाद लालू यादव को अंत में झुकना पड़ा। झारखंड मुक्ति मोर्चा और कांग्रेस ने लालू को बैकफुट पर खेलने के लिए मजबूर कर दिया।
आपको बता दें कि, लालू ने सबसे पहले 14 सीटों पर चुनाव लड़ने का एकतरफा एलान कर के झामुमो और कांग्रेस पर दबाव बनाने की कोशिश की थी। यहां तक कि, सिम्बल पर उन्होंने दस्तखत भी कर दिये थे। लेकिन जब महागठबंधन के सबसे बड़े दल झामुमो ने उन्हें पिछले चुनाव का आईना दिखाया तो लालू झुकने पर मजबूर हो गये। कड़वा घूंट पी कर लालू केवल सात सीटों पर ही लड़ने के लिए राजी हो गये।
आपको बता दें कि, लालू ने सबसे पहले 14 सीटों पर चुनाव लड़ने का एकतरफा एलान कर के झामुमो और कांग्रेस पर दबाव बनाने की कोशिश की थी। यहां तक कि, सिम्बल पर उन्होंने दस्तखत भी कर दिये थे। लेकिन जब महागठबंधन के सबसे बड़े दल झामुमो ने उन्हें पिछले चुनाव का आईना दिखाया तो लालू झुकने पर मजबूर हो गये। कड़वा घूंट पी कर लालू केवल सात सीटों पर ही लड़ने के लिए राजी हो गये।

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