राज्य स्तरीय हॉकी प्रतियोगिता में उमड़ रही दर्शकों की भीड़।। Raebareli news ।।

रजनीकांत अवस्थी
शिवगढ़/रायबरेली: शिवगढ़ क्षेत्र के श्री बरखण्डी विद्यापीठ इण्टर कॉलेज के मैदान में चल रही 63 वीं श्री बरखण्डी स्मारक राज्य हॉकी प्रतियोगिता का पहला क्वार्टर फाइनल मैच शाहजहांपुर- सुल्तानपुर के मध्य खेला गया। जिसमें मैच की समाप्ति पर दोनों टीमें 2-2 से बराबरी पर रही। मैच का फैसला ट्राई ब्रेकर के द्वारा हुआ। जिसमें शाहजहांपुर 4-1 से विजयी रहा। 
      आपको बता दें कि, शाहजहांपुर की तरफ से मोहम्मद आकिब ने दूसरे मिनट में, फैजल ने 39 वें मिनट में एक-एक गोल दागा। तथा सुल्तानपुर की तरफ से कृष्ण मोहन ने 9 वें मिनट में, आकिब अहमद ने 9 मिनट में गोल किया। सुल्तानपुर के कृष्ण मोहन को दो बार ग्रीन कार्ड, आकिब अहमद को एक बार ग्रीन कार्ड व शाहजहांपुर के सौरभ को ग्रीन कार्ड दिखाया गया।
       सुल्तानपुर को तीन तथा शाहजहांपुर को चार पेनल्टी मिले। दूसरा क्वार्टर फाइनल मैच कैन्ट स्टार हॉकी क्लब बाराबंकी व अनवर हाथी सोसाइटी प्रतापगढ़ के मध्य खेला गया। जिसमें प्रतापगढ़ 4-2 से विजयी रहा। प्रतापगढ़ की तरफ से अजय यादव ने 15 वें, अब्दुल हक ने 29 वें,40 वें मिनट में दो गोल किए तथा रोमानियल सिंह ने 33 वें मिनट में गोल किया।  बनारस की तरफ से सोनू निगम ने 13 वें मिनट तथा मोहम्मद साजिर ने 20 वें मिनट में एक-एक गोल दागा। दोनों टीमों को 3-3 पेनाल्टी मिले। जिसमें प्रतापगढ़ ने एक पेनाल्टी को गोल में तब्दील कर दिया।
       प्रतापगढ़ के रोमानियल सिंह को ग्रीन कार्ड तथा बनारस के अजीत यादव को ग्रीन कार्ड दिखाया गया। वहीं तीसरा क्वार्टर फाइनल मैच डीएचए बहराइच व गोला गोकरननाथ के मध्य खेला गया। जिसमें गोला 3-1 से विजयी रहा। बहराइच की ओर से खेल के 24 वें मिनट में निखिल ने तथा गोला की तरफ से रवी ने 30 वें 46 वें मिनट में दो गोल किए।वहीं 35 वें मिनट में रिशू द्वारा एक गोल किया गया। बहराइच को एक पेनाल्टी तथा गोला को 6 पेनाल्टी प्राप्त हुए, जिसमें गोला ने एक पेनाल्टी को गोल में परिवर्तित किया। इस मैच में किसी टीम के खिलाड़ी को कार्ड नहीं दिखाया गया।
       चौथा क्वार्टर फाइनल मैच बाबू श्रीशचंद हॉकी एकाडमी हरदोई व डीएचए रायबरेली के मध्य खेला गया। हाफ टाइम तक दोनों टीमें 0-0 से बराबरी पर रही। दूसरे हाथ में भी कोई गोल नहीं हो सका। ट्राई ब्रेकर में रायबरेली 3-1 से विजयी रही। इस मैच में इरशाद को ग्रीन कार्ड दिखाया गया। हरदोई को दो पेनाल्टी व रायबरेली को एक पेनाल्टी प्राप्त हुआ। स्कोरर की भूमिका प्रमोद सिंह राकेश सिंह निभा रहे थे। 
      इस मौके पर आयोजक कमेटी के अध्यक्ष एवं विद्यापीठ के प्रधानाचार्य डॉ. त्रिदिवेन्द्रनाथ त्रिपाठी, उपाध्यक्ष राजकुमार गुप्ता, सत्रोहन सिंह, लक्ष्मी नारायण, डॉ. बृजेश सिंह, सुशील शुक्ला, सचिव धीरेंद्र प्रताप सिंह, उपसचिव हरि बहादुर सिंह, राजबहादुर सिंह, संयुक्त सचिव शैलेंद्र कुमार सिंह, अरुण कुमार सिंह, जगत बहादुर सिंह, कोषाध्यक्ष अरविंद कुमार शुक्ला, विजय प्रताप सिंह, रमेश कुमार सहगल, पूर्व खेल शिक्षक राम नरेश मेहता, ओमप्रकाश सिंह
हरि बहादुर सिंह, जगत बहादुर सिंह, अजय सिंह, अरुण कुमार सिंह, अरुण त्रिवेदी सहित सैकड़ों की संख्या में लोग मौजूद रहे।
इस राज्य स्तरीय हॉकी प्रतियोगिता का इतिहास
 श्री बरखण्डी स्मारक राज्य हॉकी प्रतियोगिता उत्तर प्रदेश की एकमात्र ऐसी हॉकी प्रतियोगिता है जो अपने जन्म काल से अनवरत संपन्न होती चली आ रही हैं। जिस समय देश संकट में था उस समय मात्र 1962 चीन युद्ध ,1965 पाकिस्तान युद्ध, 1970 के बांग्लादेश मुक्ति संग्राम राष्ट्रीय संकट के वर्षों को छोड़कर 
को छोडकर अनवरत आयोजित होती चली आ रही हैं।    1962,1965 एवं 1970 में राष्ट्रीय संकट के समय एकत्रित धन राष्ट्रीय सुरक्षा कोष में भेज दिया गया। यह प्रतियोगिता श्री बरखण्डी विद्यापीठ के संस्थापक स्वर्गीय राजा श्री बरखण्डी महेश प्रताप नारायण सिंह जूदेव की स्मृति में 1958 में तत्कलीन प्रधानाचार्य स्व0 इन्द्र बहादुर सिंह तथा शिक्षक स्व0 वीरेंद्र प्रसाद त्रिपाठी द्वारा प्रारम्भ कराई गई थी। प्रतियोगिता आयोजित करने एवं उसके सुचारू रूप से संचालित करने में प्रसिद्ध हॉकी खिलाड़ी एवं प्रशिक्षक स्व0 विष्णु दत्त पाठक ,वीरेंद्र प्रसाद त्रिपाठी एवं विद्यापीठ के तत्कालीन प्रधानाचार्य स्व0 ठाकुर इंद्र बहादुर सिंह का नाम इस प्रतियोगिता के इतिहास में सदैव अमिट एवं अविस्मरणीय रहेगा।
       ग्रामीण एवं अत्यंत पिछड़े क्षेत्र में आयोजित होने पर भी इस प्रतियोगिता की एक गौरव गाथा है। उत्तर प्रदेश का कोई भी ऐसा जनपद नहीं बचा है जहां की टीमें इस प्रतियोगिता में सम्मिलित होने ना आयी हो, यही नहीं सर्व श्री इद्रीस अहमद, शाहिद अली, जफर इकबाल, औसाफ, महेन्द्र पाल सिंह, रामलाल , प्रभात आदि अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी अपनी प्रतिभा दिखा कर इस प्रतियोगिता को गौरान्वित कर चुके हैं। प्रसिद्ध प्रशिक्षक दिक्षित उर्म मुन्नू दादा अपनी टीम लेकर यहाँ पदार्पण कर चुके हैं। सबसे बड़ी बात है कि, यह प्रतियोगिता मात्र छात्रों एवं उनके अभिभावकों के सहयोग के बल पर ही आयोजित रही है।

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