रजनीकांत अवस्थी
महराजगंज/रायबरेली: अगर कुछ करने की ठान लें तो कोई भी बाधा रास्ता नहीं रोक पाती है। इसकी ताजी तस्वीर महराजगंज ब्लाक की ग्राम पंचायत पोखरनी में देखी जा सकती हैं। समस्याओं से घिरे इस गांव का तीन साल में स्वरूप ही बदल गया है। प्रधान ने सरकार से न तो अतिरिक्त धनराशि ली और ना ही अपने पास से पैसा लगाया। उन्होंने किसी से सहयोग भी नहीं मांगा। केवल योजनाओं पर व्यवस्थित तरीके से काम करा कर विकास की श्रेणी में ग्राम पंचायत को पहली पंक्ति में लाकर खड़ा कर दिया है। यहां का अमृत सरोवर ब्लाक का माडल सरोवर है।
एक ही छत के नीचे ग्रामीणों की तमाम समस्याओं को दूर करने की व्यवस्था है। मुख्य रास्ते पक्के हो चुके हैं। ओपन जिम और मनरेगा पार्क बन गए हैं। अंत्येष्टि स्थल, सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दुकान और जल निकासी के लिए नाला-नाली का निर्माण करवा कर एक मिसाल कायम की गई है। इसके चलते यह पंचायत ब्लाक में विकास के मामले में सुर्खियां बटोर रही है। यहां हुए विकास कार्यों से ब्लॉक क्षेत्र के अन्य प्रधान भी प्रेरित होकर अपनी-अपनी ग्राम सभा को विकास की गति दे रहे हैं।
आपको बता दें कि, महराजगंज ब्लॉक मुख्यालय से लगभग 07 किलोमीटर दूर स्थित इस गांव में तीन साल पहले कच्ची सड़कों और जलभराव की दिक्कतों से अधिकांश लोग परेशान थे। ग्राम पंचायत के बच्चे बारिश के दिनों में जलभराव से होकर स्कूल जाते थे। इससे मुक्ति के लिए कहीं से प्रयास होते नजर न आए। ग्राम प्रधान व उनके प्रतिनिधि अखिलेश शुक्ला उर्फ बबलू ने समस्याओं के निदान के लिए शिकायत करने की बजाय लोगों को गांव को संवारने के लिए उनका सहयोग करने के लिए प्रेरित किया। बबलू शुक्ला ने ग्रेजुएशन तक की पढ़ाई की। पिता शिक्षक थे। पहले खेती संभाली। फिर कंबाइंड मशीने लाए। मार्डन गांव के सपने को साकार करने का रास्ता उन्हें अप्रैल 2021 में उनका प्रत्याशी "रामकली" के जीतने के बाद प्रधान प्रतिनिधि बनने पर मिला।
ग्राम प्रधान "रामकली" के शपथ लेने के बाद प्रधान प्रतिनिधि अखिलेश शुक्ला उर्फ बबलू ने चुनौतियों से निपटने का खाका खींचना शुरू किया। वह जानते थे कि, ठोस रणनीति के बिना पोखरनी पंचायत का कायाकल्प नहीं किया जा सकता है। ऐसे में सबसे पहले उन्होंने ग्रामीणों के साथ बैठक कर गांव की हर समस्या पर विचार किया। फिर अधिकारियों के साथ रणनीति तैयार की।
इसके बाद काम की शुरुआत कर तीन साल में उन्होंने वह कर डाला, जिसका लोगों को लंबे समय से इंतजार था। अगर हम विकास कार्यों पर नजर डालें तो ग्राम पंचायत में 29 लाख की लागत से अमृत सरोवर, 20 लाख की लागत से मनरेगा पार्क, 13 लाख की लागत से ओपन जिम, 28 लख रुपए की लागत से अंत्येष्टि स्थल, साढ़े 7 लाख रुपए की लागत से सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दुकान का निर्माण, गांव के जल निकासी के लिए लगभग 1 किलोमीटर नाला निर्माण जिसकी लागत 45 लाख रुपए, 3 किलोमीटर इंटरलॉकिंग लागत 1 करोड रुपए, लगभग 3 किलोमीटर खड़ंजा मार्ग लागत 60 लाख रुपए, 8 किलोमीटर लंबा संपर्क मार्ग लागत एक करोड रुपए, तीन विद्यालयों प्राथमिक विद्यालय पोखरनी first और second, प्राथमिक विद्यालय गढ़ी का कायाकल्प लागत 10 लाख रुपए के अलावा 1 किलोमीटर पक्की नाली निर्माण लागत 10 लाख रुपए, अंडरग्राउंड नाली निर्माण लागत 5 लाख रुपए से ग्राम सभा को आच्छादित किया गया है।
लोगों का मानना है कि, विकास को लेकर अब यह पंचायत ब्लाक की कुल 53 में से पहले स्थान पर है।
तैयार किया माडल अमृत सरोवर: प्रदेश सरकार ने पंचायतों में अमृत सरोवर बनाने के आदेश दिए। इनमें पंचायतों के लिए शासन से विशेष बजट भी जारी किया गया है, ग्राम प्रधान रामकली और उनके प्रतिनिधि अखिलेश शुक्ला उर्फ बबलू ने सरकार की मंशा के अनुरूप अमृत सरोवर योजना को कमलीजामा पहनाते हुए पोखरनी पंचायत में माडल अमृत सरोवर तैयार किया है। जिसके चारों तरफ बाकायदा वेरीकेटिंग करा कर फलदार एवं पुष्पदार वृक्ष लगाकर सुसज्जित किया गया है। टहलने के लिए ट्रैक का निर्माण कराया गया है। यहां लोगों के बैठने की व्यवस्था है। मुख्य द्वार की दीवारों पर लोगों को प्रेरित करते संदेश व चित्र बनाए गए हैं।
इस तरह हुए हैं अन्य काम: ग्राम पंचायत में ही लोगों के स्वास्थ्य के लिए ओपन जिम की व्यवस्था की गई। एक बेहतरीन मनरेगा पार्क बनाया गया है। बच्चों, युवाओं तथा बुजुर्गों के दौड़ने के लिए ट्रैक का निर्माण किया गया है। गांव की अधिकतर सड़कें इंटरलाकिंग व आरसीसी हो चुकी हैं, जो रह गई है उसके लिए प्रयास जारी है।
अंत्येष्टि स्थल का निर्माण: गांव के लोगों को अंतिम संस्कार के लिए बाहर न जाना पड़े इसको देखते हुए ग्राम प्रधान व उनके प्रतिनिधि ने गांव में शमशान घाट की भूमि पर अंत्येष्टि स्थल का निर्माण कराया है। इसके अलावा ग्राम पंचायत की कई बीघे क्षेत्रफल में मनरेगा के तहत फल व फूलदार पौधे भी लगाए गए है।
स्कूलों का बदल गया रूप: पोखरनी ग्राम पंचायत के सरकारी स्कूलों का भी अब रूप बदल गया है। पंचायत के प्राथमिक विद्यालय पोखरनी first or second, प्राथमिक विद्यालय गढ़ी का कायाकल्प किया गया। गांव के सार्वजनिक स्थानों पर बैठने के लिए सीमेंटेड बैंच का निर्माण किया गया। पंचायत के अन्य तालाबों का भी जीर्णोद्वार किया गया। सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ेदान व सामुदायिक शौचालय की व्यवस्था है। पोखरनी ग्राम पंचायत ब्लॉक में ऐसी पंचायत हैं, जहां ग्राम निधि व मनरेगा से ही बेहद सुनियोजित तरीके से जनहित से जुड़े विकास कार्य हुए हैं।
प्रधान व उनके प्रतिनिधि बोले, पहले होमवर्क किया, फिर योजना तैयार की: ग्राम प्रधान प्रतिनिधि अखिलेश शुक्ला उर्फ बबलू ने बताया कि, उन्होंने कुछ जानकारों से गांव के विकास पर चर्चा की। उन्हें मिलने वाले बजट की जानकारी दी। कम बजट में कैसे और कौन सा काम किया जा सकता है, इसके टिप्स मिले और उसी हिसाब से काम कराया। मनरेगा से कई काम कराए गए। इससे ग्रामीणों को मजदूरी मिली, उन्होंने अधिक समय तक गांव के विकास के लिए काम किया। इसके अलावा विकास के लिए सामग्री भी सौदेबाजी कर लाई गई। तीन साल के कार्यकाल में गांव के विकास के लिए काफी काम करने के प्रयास किए गए हैं। अब आने वाले दिनों में छह से आठवीं तक के कक्षा के बच्चों के लिए मुफ्त में कंप्यूटर काेर्स शुरू करने की योजना पर काम किया जा रहा है। पूरे गांव में मुफ्त वाई-फाई की सुविधा दिए जाने की योजना काम किया जा रहा है।
गांव के ही धर्मेंद्र यादव और सुंदर पासी ने बताया कि, पोखरनी अन्य ग्राम पंचायतों के मुकाबले विकास कार्यों में काफी अव्वल है। ग्राम प्रधान को आगे भी बेहतर विकास कार्यों के लिए हम ग्रामीणों का सहयोग भरपूर मिलता रहेगा।
योगेश त्रिवेदी और शुभम सिंह ने बताया कि, पहले बारिश के दिनों में जलभराव और जजर्र सड़कों से गुजरना मजबूरी थी, अब ग्राम प्रधान और उनके प्रतिनिधि के प्रयासों से गांव की तस्वीर बदल गई है। मनरेगा पार्क और ओपन जिम का सपना पूरा हुआ है। स्कूलों का कायाकल्प हुआ है।
राजेश कोटेदार ने बताया कि, गांव में पंचायत सचिवालय से लेकर अमृत सरोवर काफी शानदार हैं। अंत्येष्टि स्थल का निर्माण व सरकारी विद्यालयों का कायाकल्प किया गया है। गांव की अधिकतर सड़कें इंटरलॉकिंग, खड़ंजा, आरसीसी पक्की होने से राहत मिली है। पक्की नालियां और नाला निर्माण होने से बारिश के दिनों में जल भराव से मुक्ति मिल गई है।














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