अभिभावकों के हितों के लिए संघर्ष करने से पीछे नहीं हटूँगा-रज्जू खान।। Raebareli news ।।

फीस माफ न करने पर विद्यालयों सम्पत्ति जब्त कर रजिस्ट्रेशन निरस्त किया जाए
मानवता के विपरीत है शिक्षण संस्थान के प्रबन्ध तन्त्र का रवैया
रजनीकांत अवस्थी
रायबरेली: प्रसपा जिलाध्यक्ष एवं वरिष्ठ अधिवक्ता आफताब अहमद उर्फ रज्जू खान ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमन्त्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर लाकडाउन के दौरान मार्च से अगस्त-2020 तक का शिक्षण शुल्क माफ किये जाने का अनुरोध किया है।  
      आपको बता दे कि, श्री खान ने मुख्यमन्त्री को दिये पत्र में कहा है कि, लाकडाउन के दौरान लोग अपने घरों में रहने को मजबूर हुए, सभी प्रकार के कारोबार बन्द रहे, बीमारों को इलाज कराने तक का पैसा नहीं है, लोगों को एक-एक दाने को मोहताज होना पड़ रहा है।  शासन-प्रशासन द्वारा जनता को कई दिव्स्वप्न दिखाये गये, इसी क्रम में अभिभावकों को राहत देने के उद्देश्य से फीस माफी के लिए शिक्षण संस्थानों को निर्देशित भी किया गया, किन्तु दुःख है कि, निजी शिक्षण संस्थान संचालक अपने को शासन से भी ऊपर मानते हैं, उनके ऊपर किसी के आदेश का कोई फर्क नहीं पड़ता है और वह अभिभावकों के ऊपर मानसिक दबाव बनाने के उद्देश्य से मोबाइल पर मैसेज भेजकर फीस जमा करने का दबाव बनाया जा रहा है।
       जहाँ जनता अन्न के एक-एक दाने को तरस रही है, वहीं शिक्षण संस्थान के प्रबन्ध तन्त्र का रवैया मानवता के विपरीत है।  जिलाध्यक्ष ने मुख्यमन्त्री से मांग की है कि, मार्च-2020 से अगस्त-2020 तक की फीस माफ किये जाने हेतु उत्तर प्रदेश के समस्त शिक्षण संस्थानों को निर्देशित किया जाए, जो भी शिक्षण संस्थान फीस हेतु दबाव बनाये उसके विरूद्ध एफ.आई.आर. दर्ज कर शिक्षण संस्थान का रजिस्ट्रेशन समाप्त कर उनकी सम्पत्ति जब्त कर ली जाए।

आफताब अहमद उर्फ रज्जू खान
मो0नं0: 9044936025

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