सम्भल घटना पर अपराधियों पर रासुका लगाई जाए
अखिल भारतीय धोबी महासंघ ने पचास-पचास लाख रूपये के मुआवजे की मांग किया
रजनीकांत अवस्थी
रायबरेली: अखिल भारतीय धोबी महासंघ के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष कमलेश चैधरी के नेतृत्व में सम्भल में हुई घटना के विरोध में प्रधानमन्त्री को सम्बोधित एक ज्ञापन उप जिलाधिकारी सदर को दिया गया।
आपको बता दें कि, श्री चैधरी ने दिये गये ज्ञापन में कहा कि, प्रधानमन्त्री द्वारा भारतीयों को कोरोना जैसी महामारी से मुक्त कराने में रातों दिन लगे हुए हैं, जो बहुत ही सराहनीय है, साथ ही देश के अन्य जटिल मामलों में अपनी सूक्ष्म निगाह रखते हैं। श्री चैधरी ने कहा कि, देश का धोबी समाज भी अभिन्न अंग है, प्रायः जानकारी में आता है कि, पूरे देश में धोबी समाज के ऊपर इस समय अत्याचार, अनाचार की बाढ़ आ गयी है, विशेष तौर पर उत्तर प्रदेश में ज्यादा ही अत्याचार हो गया है।
मुख्यमन्त्री आदित्यनाथ योगी के कुशल नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सबका साथ, सबका विकास के माध्यम से आगे बढ़ रहा है, पर कुछ अराजक तत्व सरकार की छवि धूमिल कर रहे हैं, अभी हाल ही में उत्तर प्रदेश के जनपद संभल में प्रधान पति व सक्रिय समाजसेवी छोटेलाल दिवाकर व उनके पुत्र सुनील दिवाकर को दिन दहाड़े गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गयी, इसके अलावा उत्तर प्रदेश के कई अन्य जनपदों में इस समाज के साथ जघन्य अपराध हुए हैं, सोशल मीडिया के माध्यम से अपराधियों के सहयोगी लगातार अपराधियों को बढ़ावा दे रहे हैं।
श्री चैधरी ने कहा कि, यह धोबी समाज देश के कर्मठ कामगार के नाम से जाना जाता है, कपड़ा धोना व प्रेस करना इसकी जीविका है, ईमानदारी व लगन के साथ समाज के गन्दे कपड़ों को धोकर व प्रेस करके जो मेहनताना मिलता है, उसी से अपना परिवार का जीविकोपार्जन करता है। धोबी समाज के साथ अन्याय को देखते हुए अखिल भारतीय धोबी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री कृष्ण कुमार कनौजिया ने गहरा शोक व्यक्त किया।
अखिल भारतीय धोबी महासंघ आपसे माँग करता है कि उत्तर प्रदेश के जनपद सम्भल में हुई घटना को संज्ञान में लेते हुए मृतकों के आश्रितों को पचास-पचास लाख का मुआवजा दिलाया जाए व अपराधियों पर रासुका लगवाई जाए एवं घटना की जाँच सी.बी.आई. से कराये जाने हेतु उचित दिशा-निर्देश पारित करें।
अखिल भारतीय धोबी महासंघ ने पचास-पचास लाख रूपये के मुआवजे की मांग किया
रजनीकांत अवस्थी
रायबरेली: अखिल भारतीय धोबी महासंघ के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष कमलेश चैधरी के नेतृत्व में सम्भल में हुई घटना के विरोध में प्रधानमन्त्री को सम्बोधित एक ज्ञापन उप जिलाधिकारी सदर को दिया गया।
आपको बता दें कि, श्री चैधरी ने दिये गये ज्ञापन में कहा कि, प्रधानमन्त्री द्वारा भारतीयों को कोरोना जैसी महामारी से मुक्त कराने में रातों दिन लगे हुए हैं, जो बहुत ही सराहनीय है, साथ ही देश के अन्य जटिल मामलों में अपनी सूक्ष्म निगाह रखते हैं। श्री चैधरी ने कहा कि, देश का धोबी समाज भी अभिन्न अंग है, प्रायः जानकारी में आता है कि, पूरे देश में धोबी समाज के ऊपर इस समय अत्याचार, अनाचार की बाढ़ आ गयी है, विशेष तौर पर उत्तर प्रदेश में ज्यादा ही अत्याचार हो गया है।
मुख्यमन्त्री आदित्यनाथ योगी के कुशल नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सबका साथ, सबका विकास के माध्यम से आगे बढ़ रहा है, पर कुछ अराजक तत्व सरकार की छवि धूमिल कर रहे हैं, अभी हाल ही में उत्तर प्रदेश के जनपद संभल में प्रधान पति व सक्रिय समाजसेवी छोटेलाल दिवाकर व उनके पुत्र सुनील दिवाकर को दिन दहाड़े गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गयी, इसके अलावा उत्तर प्रदेश के कई अन्य जनपदों में इस समाज के साथ जघन्य अपराध हुए हैं, सोशल मीडिया के माध्यम से अपराधियों के सहयोगी लगातार अपराधियों को बढ़ावा दे रहे हैं।
श्री चैधरी ने कहा कि, यह धोबी समाज देश के कर्मठ कामगार के नाम से जाना जाता है, कपड़ा धोना व प्रेस करना इसकी जीविका है, ईमानदारी व लगन के साथ समाज के गन्दे कपड़ों को धोकर व प्रेस करके जो मेहनताना मिलता है, उसी से अपना परिवार का जीविकोपार्जन करता है। धोबी समाज के साथ अन्याय को देखते हुए अखिल भारतीय धोबी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री कृष्ण कुमार कनौजिया ने गहरा शोक व्यक्त किया।
अखिल भारतीय धोबी महासंघ आपसे माँग करता है कि उत्तर प्रदेश के जनपद सम्भल में हुई घटना को संज्ञान में लेते हुए मृतकों के आश्रितों को पचास-पचास लाख का मुआवजा दिलाया जाए व अपराधियों पर रासुका लगवाई जाए एवं घटना की जाँच सी.बी.आई. से कराये जाने हेतु उचित दिशा-निर्देश पारित करें।

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