महराजगंज पुलिस ने 48 घंटे के भीतर घटना का किया सनसनीखेज खुलासा
हत्या करने के बाद परिजनों के साथ आरोपी बहाता रहा घड़ियाली आंसू
रजनीकांत अवस्थी
महराजगंज/रायबरेली: कलयुगी पुत्र ने जमीन जायजात के लिए अपने पिता की क्रूर ढंग से हत्या कर पिता-पुत्र के रिश्ते को कलंकित कर दिया है। महज एक बीघे जमीन के लिए बाप का खून करने वाले बेटे को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल रवाना कर दिया है। इस रहस्यमय हत्याकांड का खुलासा पुलिस ने महज 48 घंटो के भीतर करके आलाकत्ल भी बरामद कर लिया है।
आपको बता दें कि, कोतवाली महराजगंज के अंतर्गत गांव पूरे ठकुराइन मजरे खैरहना गांव में बीते सोमवार की अलसुबह गांव के ही रहने वाले लक्ष्मण 65 पुत्र भगवती लोध का शव घर से थोड़ी ही दूर पर खड़ंजा के पास रक्तरंजित रूप में मिला था। घटना की सूचना मिलने पर महराजगंज कोतवाल अरुण कुमार सिंह ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था।
मामले में लक्ष्मण के छोटे भाई राम समुझ ने अज्ञात हत्यारे के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक स्वप्निल ममगई, अपर पुलिस अधीक्षक नित्यानंद राय और क्षेत्राधिकारी राघवेंद्र चतुर्वेदी ने मौका मुआयना किया था। वहीं एसपी स्वप्निल ममगई ने कोतवाल व सीओ को मामले का शीघ्र खुलासा करके वारदात को अंजाम देने वाले की तत्काल गिरफ्तारी का कड़ा निर्देश दिया था। जिसके बाद कोतवाल अरुण कुमार सिंह और उनकी टीम दिन रात एक करके मामले की खोजबीन में जुट गई थी।
हालांकि, मामले में उसी समय शक पैदा हो गया, जब लक्ष्मण की हत्या के मामले में उनके दोनों पुत्र राजकुमार व विजय कुमार मौजूद है, तो भाई रामसमुझ ने क्यों एफ आई आर दर्ज कराई। आपको यह भी बता दें कि, लक्ष्मण के तीन भाई और भी हैं, जिनमें रामसमुझ, दयाराम और रघुनाथ हैं।
वहीं लक्ष्मण की पत्नी की मृत्यु लगभग 1 साल पहले हो चुकी है। गांव वालों का कहना है कि, वर्तमान समय में मृतक अपने छोटे लड़के विजय कुमार व उसकी पत्नी के साथ रहता था तथा बड़ा बेटा राजकुमार अलग रहता था। वहीं पुलिस का कहना है कि, लक्ष्मण ने अपनी दो बीघे जमीन पर किसान क्रेडिट कार्ड बनवा कर कर्जा ले रखा था। मृतक लक्ष्मण घूम-घूम कर यह कहता था कि, अपनी जमीन बेच कर कर्जा अदा कर देगा। यह बात राजकुमार को अक्सर खटका करती थी और वह लगातार लक्ष्मण से अपने हिस्से की एक बीघे जमीन खुद (राजकुमार) को बैनामा कर देने की बात कहता था। इस बात को लेकर अक्सर राजकुमार और लक्ष्मण में कहासुनी, वाद विवाद होता रहता था।
यह भी चर्चा है कि, राजकुमार अपने पिता पर तरह-तरह के लांछन भी लगाया करता था। घटना के दिन मौका पाकर रात में पिता को राजकुमार ने दबोच लिया और लाठी से हमला करके उसकी हत्या कर दी, तथा हत्या करने के बाद वापस आकर घर में सो गया। मामले की प्राथमिकी लक्ष्मण के छोटे भाई राम समुझ ने कोतवाली में दर्ज कराई थी। एफ आई आर दर्ज होने के पश्चात पुलिस के सामने इस हत्याकांड का खुलासा करना चुनौती भरा कार्य हो गया था।
लेकिन महराजगंज के कोतवाल अरुण कुमार सिंह ने अपनी टीम जिसमें एसएसआई प्रमोद कुमार, उप निरीक्षक विकास कुमार के अलावा आरक्षी रविकुमार तिवारी, धर्मेन्द्र पंकज के साथ मिलकर साक्ष्य जुटाए और अभियुक्त राजकुमार को हिरासत में लेकर जब पूछताछ शुरू की, तो उसने अपना जुर्म कबूल किया।
राजकुमार की निशानदेही पर पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त लाठी भी बरामद कर ली है। इस प्रकार पुलिस ने 48 घंटों के भीतर घटना का पर्दाफाश कर अभियुक्त को जेल भेज दिया है। जिससे कोतवाल अरुण कुमार सिंह की कार्यशैली की क्षेत्र में सराहना हो रही है।
आपको यह भी बता दें कि, बीते दिनों महराजगंज थाना क्षेत्र के कपूरपुर मजरे जमुरावां गांव में हुई। युवक संजय उर्फ शिवानंद यादव की रहस्यमई ढंग से हत्या के मामले में भी कोतवाल अरुण कुमार सिंह ने 3 दिन के भीतर ही हत्याकांड का खुलासा कर घटना को अंजाम देने वाले तीन अभियुक्तों को जेल भेज दिया था।
हत्या करने के बाद परिजनों के साथ आरोपी बहाता रहा घड़ियाली आंसू
रजनीकांत अवस्थी
महराजगंज/रायबरेली: कलयुगी पुत्र ने जमीन जायजात के लिए अपने पिता की क्रूर ढंग से हत्या कर पिता-पुत्र के रिश्ते को कलंकित कर दिया है। महज एक बीघे जमीन के लिए बाप का खून करने वाले बेटे को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल रवाना कर दिया है। इस रहस्यमय हत्याकांड का खुलासा पुलिस ने महज 48 घंटो के भीतर करके आलाकत्ल भी बरामद कर लिया है।
आपको बता दें कि, कोतवाली महराजगंज के अंतर्गत गांव पूरे ठकुराइन मजरे खैरहना गांव में बीते सोमवार की अलसुबह गांव के ही रहने वाले लक्ष्मण 65 पुत्र भगवती लोध का शव घर से थोड़ी ही दूर पर खड़ंजा के पास रक्तरंजित रूप में मिला था। घटना की सूचना मिलने पर महराजगंज कोतवाल अरुण कुमार सिंह ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था।
मामले में लक्ष्मण के छोटे भाई राम समुझ ने अज्ञात हत्यारे के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक स्वप्निल ममगई, अपर पुलिस अधीक्षक नित्यानंद राय और क्षेत्राधिकारी राघवेंद्र चतुर्वेदी ने मौका मुआयना किया था। वहीं एसपी स्वप्निल ममगई ने कोतवाल व सीओ को मामले का शीघ्र खुलासा करके वारदात को अंजाम देने वाले की तत्काल गिरफ्तारी का कड़ा निर्देश दिया था। जिसके बाद कोतवाल अरुण कुमार सिंह और उनकी टीम दिन रात एक करके मामले की खोजबीन में जुट गई थी।
हालांकि, मामले में उसी समय शक पैदा हो गया, जब लक्ष्मण की हत्या के मामले में उनके दोनों पुत्र राजकुमार व विजय कुमार मौजूद है, तो भाई रामसमुझ ने क्यों एफ आई आर दर्ज कराई। आपको यह भी बता दें कि, लक्ष्मण के तीन भाई और भी हैं, जिनमें रामसमुझ, दयाराम और रघुनाथ हैं।
वहीं लक्ष्मण की पत्नी की मृत्यु लगभग 1 साल पहले हो चुकी है। गांव वालों का कहना है कि, वर्तमान समय में मृतक अपने छोटे लड़के विजय कुमार व उसकी पत्नी के साथ रहता था तथा बड़ा बेटा राजकुमार अलग रहता था। वहीं पुलिस का कहना है कि, लक्ष्मण ने अपनी दो बीघे जमीन पर किसान क्रेडिट कार्ड बनवा कर कर्जा ले रखा था। मृतक लक्ष्मण घूम-घूम कर यह कहता था कि, अपनी जमीन बेच कर कर्जा अदा कर देगा। यह बात राजकुमार को अक्सर खटका करती थी और वह लगातार लक्ष्मण से अपने हिस्से की एक बीघे जमीन खुद (राजकुमार) को बैनामा कर देने की बात कहता था। इस बात को लेकर अक्सर राजकुमार और लक्ष्मण में कहासुनी, वाद विवाद होता रहता था।
यह भी चर्चा है कि, राजकुमार अपने पिता पर तरह-तरह के लांछन भी लगाया करता था। घटना के दिन मौका पाकर रात में पिता को राजकुमार ने दबोच लिया और लाठी से हमला करके उसकी हत्या कर दी, तथा हत्या करने के बाद वापस आकर घर में सो गया। मामले की प्राथमिकी लक्ष्मण के छोटे भाई राम समुझ ने कोतवाली में दर्ज कराई थी। एफ आई आर दर्ज होने के पश्चात पुलिस के सामने इस हत्याकांड का खुलासा करना चुनौती भरा कार्य हो गया था।
लेकिन महराजगंज के कोतवाल अरुण कुमार सिंह ने अपनी टीम जिसमें एसएसआई प्रमोद कुमार, उप निरीक्षक विकास कुमार के अलावा आरक्षी रविकुमार तिवारी, धर्मेन्द्र पंकज के साथ मिलकर साक्ष्य जुटाए और अभियुक्त राजकुमार को हिरासत में लेकर जब पूछताछ शुरू की, तो उसने अपना जुर्म कबूल किया।
राजकुमार की निशानदेही पर पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त लाठी भी बरामद कर ली है। इस प्रकार पुलिस ने 48 घंटों के भीतर घटना का पर्दाफाश कर अभियुक्त को जेल भेज दिया है। जिससे कोतवाल अरुण कुमार सिंह की कार्यशैली की क्षेत्र में सराहना हो रही है।
आपको यह भी बता दें कि, बीते दिनों महराजगंज थाना क्षेत्र के कपूरपुर मजरे जमुरावां गांव में हुई। युवक संजय उर्फ शिवानंद यादव की रहस्यमई ढंग से हत्या के मामले में भी कोतवाल अरुण कुमार सिंह ने 3 दिन के भीतर ही हत्याकांड का खुलासा कर घटना को अंजाम देने वाले तीन अभियुक्तों को जेल भेज दिया था।

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