शिला पूजन में बड़ी छावनी महान्त की रहेगी कुर्सी खाली

ब्यूरो रिपोर्ट
अयोध्या: श्रीराम जन्म भूमि में श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन करने के बाद संत महंतों को सम्बोधित करेंगे तो उस समय एक कुर्सी खाली दिखेगी उस पर बड़ी छावनी के श्रीमहन्त जी के नाम की पट्टी रहेगी, जिस पर श्री महान्त का आशीर्वचन उपस्थित रहेगा। ऐसा इसलिए है कि बड़ी छावनी की चली आ रही सनातनी परम्परा है। बाबा रघुनाथ दास जी की बड़ी छावनी अयोध्या नगरी की सबसे प्राचीन छावनी यानि संत आश्रम है।
      आपको बता दें कि, बताया जाता है, इस छावनी की 450 से 500 साल पुरानी मान्यता है कि जो श्री गादी महान्त होते है वह कभी भी अपनी छावनी के बाहर नही जाते है। उस परम्परा और मर्यादाओं को ध्यान में रखते हुए बड़ी छावनी के महान्त श्री जगदीश दास जी शास्त्री प्रत्यक्ष रूप से कार्यक्रम में नही होगे लेकिन उनके आशीर्वचन व मन उपस्थित रहेगा। 
     श्री महान्त ने श्रीराम मंदिर निर्माण शुरू होने के लिए मोदी और योगी सहित तमाम ट्रस्ट के सदस्यों को शुभाशीष दिया है और कहा है कि वह सदैव भगवान का ध्यान करते हुए बड़ी छावनी की मर्यादाओं और परम्पराओ के आधार पर कार्यक्रम में शामिल नही हो रहे है। 
     इसकी पुष्टि करते हुए बड़ी छावनी के प्रधान भक्त जगाधरी हरियाणा निवासी संदीप गोयल प्रधान ने भी बताया कि छावनी की यह प्राचीन परंपरा है जिसका गुरु भगवान निर्वहन कर रहे है और कोई भी कारण नही है। श्री गोयल ने देशवासियों से अपील किया है कि इस अवसर पर बड़ी दीवाली जैसा उत्सव मनाए और घरो पर दिए जलाए। श्री महान्त ने दूरभाष से अपना आशीर्वचन प्रदान करते हुए कहा कि "गो-ब्राह्मनभ्यो शुभ मस्तु नित्य, यदो धर्म: ततो जय:...... मंगल मस्तु कल्यानु मस्त" से अपना आशीर्वचन दिया है।

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