यूपी की कानून व्यवस्था ध्वस्त-मुकेश रस्तोगी
रजनीकांत अवस्थी
रायबरेली: समाजवादी व्यापार सभा के जिलाध्यक्ष एवं प्रान्तीय व्यापारी नेता मुकेश रस्तोगी ने उत्तर प्रदेश की योगी सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि योगी सरकार को आम जनता की नहीं बल्कि अपने राजनीतिक हितों की चिंता है। भाजपा सरकार जनहित के प्रति कितनी गम्भीर है, यह कोरोना काल में बीमार स्वास्थ्य अव्यवस्थाए, लूट और हत्यायें, किसानों के यूरिया खाद की गम्भीर समस्यायें मौजूदा सरकार की गम्भीरता की बानगी है। सरकार की हवाई उपलब्धियों की गूँज ओर प्रदेश की जनता का हाहाकार एक दंगल बनकर रह गया है। प्रदेश की शासन व्यवस्थाएँ चारों खाने चित हैं, शासन सुस्त है, प्रशासन ध्वस्त है और जनता पस्त है।
आपको बता दें कि, मुख्यमन्त्री के गृह जनपद में अपराधी मस्त हैं। योगी के राज में लोकतंत्र का चैथा खम्भा मीडिया भी सुरक्षित नहीं है। बलिया जिले में पत्रकार रतन कुमार सिंह की हत्या ने पूरे पत्रकार जगत को झकझोर कर रख दिया है। योगी के गृह जनपद गोरखपुर सहित पूरे प्रदेश की कानून व्यवस्था बद् से बदतर हो गयी है। भाजपा सरकार ने जनता को रामराज्य के नाम पर बहकाया, गुमराह किया, वोट लिया और सत्ता हासिल कर ली और अब इसी भाजपा सरकार के शासनकाल में हत्या, लूट, भष्टाचार चरम सीमा पर है। श्री रस्तोगी ने कहा कि जो यह कहते थे कि देश नहीं बिकने दूँगा, आज देश की सबसे मूल्यवान वस्तुओं को बेंच रहे हैं, आर्थिक और व्यवसायिक दृष्टिकोण से जिस तरह से सरकारी विभागों का निजीकरण हो रहा है, अत्यन्त निन्दनीय कृत्य है निजीकरण की दशा में किसी भी कर्मचारी को कभी भी निकाला जा सकता है। श्री रस्तोगी ने जनता से अपील की है कि यदि आज हम हाथ पर हाथ धरे बैठे रहे तो आने वाली पीढ़ियां हमें माफ नहीं करेगी जो परिस्थितियाँ देश के अन्दर चल रही हैं, उससे उन्हें अन्न के एक-एक दाने तक को मोहताज होना पड़ेगा।

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