दिनभर निर्जल रहकर महिलाओं ने षष्ठी मैया से अपने पुत्रों के दीर्घायु की कामना की
रजनीकांत अवस्थी
महराजगंज/रायबरेली: भाद्रपद कृष्ण षष्ठी को हरछठ (हलषष्ठी) के रूप में पूजा जाता है। उत्तरप्रदेश के रायबरेली जनपद महराजगंज कस्बा सहित क्षेत्र की महिलाओं ने रविवार को व्रत रखकर घर आंगन में सोशल डिस्टेंसिंग को ध्यान में रखकर हरछठ पूजा की। दिनभर निर्जल रहकर महिलाओं ने षष्ठी मैया से अपने पुत्रों के दीर्घायु की कामना की।
आपको बता दें कि, महराजगंज कस्बे की महिलाओं, अनुपमा पांडेय, सुशीला देवी, सुधा अवस्थी, वहीं मऊ गांव में राम कुमारी अवस्थी, कांती अवस्थी, सरिता अवस्थी ने साज-श्रृंगार एवं हाथों में मेहंदी रचाकर हलषष्ठी व्रत रखा। महिलाओं ने मंदिरों में शिवलिंग पूजा करके पुत्र के दीर्घायु व परिवार की सुख-शांति के लिए मंगल कामना की। ग्रामीण महिलाओं ने गांव के शिव मंदिरों तथा महराजगंज कस्बे की महिलाओं ने प्राचीन दानेश्वर मंदिर में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए दीप जलाकर भगवान शंकर एवं मां पार्वती की पूजा की। पूजा के बाद मंगलगीत गाए।
मऊ, सिकंदरपुर, सेमराहा, ताजुद्दीनपुर, मुरैनी, मोन, चंदापुर, बावन बुजुर्ग बल्ला, हरदोई, असनी, नारायनपुर, राम गांव, हलोर गांवों में महिलाओं ने सवेरे शुद्ध जल, पूजा सामग्री और हरी दूब से षष्ठी मैया की पूूजा आराधना की।
पूजन करने वाली महिलाओं ने बताया कि, पुत्र की असामयिक मौत से बचाने के लिए यह व्रत रखा जाता है। इस दिन हल की पूजा करना श्रेष्ठ माना जाता है। महिलाएं इस दिन अन्न उत्पादन वाले खेतों में नहीं जाती है, तथा गाय के दूध दही का सेवन उत्तम माना गया है। दिनभर व्रत रखने के बाद शाम को पारणा किया जा सकता है।







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