महराजगंज/रायबरेली: जल नहीं होगा तो कल नहीं होगा। यह स्लोगन संकेत देता है कि, कृषि को बचाने के लिए जल आवश्यक है। ऐसा ही एक मामला महराजगंज तहसील क्षेत्र का प्रकाश में आया है, जहां सिंचाई विभाग की उदासीनता के चलते सैकड़ों बीघे जमीन को पानी ना मिलने से भूमि को बंजर होने से बचा पाना किसानों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।
आपको बता दें कि यूपी के रायबरेली में महराजगंज तहसील क्षेत्र के पहरेमऊ गांव में लगा सरकारी नलकूप सफेद हाथी साबित हो रहा है। मिली जानकारी के मुताबिक इस नलकूप के बोर को फेल होना बताया जा रहा है। जिसकी वजह से कई गांवों के पचासों किसानों की सैकड़ों बीघे जमीन पानी ना मिलने के अभाव में बंजर होती जा रही है। जनवरी माह में खराब हुए नलकूप को आज तक संबंधित विभाग के आला अधिकारियों ने ठीक कराना मुनासिब नहीं समझा। किसानों द्वारा अब यह भूमि जोतने बोने एवं खेती न करने की दशा में बंजर होती जा रही है।किसान माता बदल निवासी करम अली का पुरवा ने बताया कि, इस नलकूप के खराब होने के कारण पहरेमऊ, खैरहना, करम अली का पुरवा, गढ़ी, पूरे दलजीत का पुरवा के किसानों की जमीन पर खेती नहीं हो पा रही। जबकि किसान रामसगार ने बताया कि, धान की रोपाई का समय चल रहा है, लेकिन नलकूप खराब होने से हम किसानों के सामने परिवार के भरण पोषण की चुनौती खड़ी हो गई है।
इसके अलावा किसान एवं क्षेत्र पंचायत सदस्य संतोष कुमार ने बताया कि, 50 से अधिक किसानों की लगभग सैकड़ों बीघे जमीन को पानी ना मिल पाने की वजह से खेती नहीं हो पा रही है। एक बार इसकी शिकायत क्षेत्रीय विधायक से भी की गई। लेकिन मामला ढाक के तीन पात ही साबित हुआ। उन्होंने बताया कि, ऑपरेटर की लापरवाही के कारण भी नलकूप को ठीक करा जाने का कार्य आगे नहीं बढ़ पा रहा है। किसान महादेव यादव, घुरई रमजान, द्वारिका प्रसाद चौरसिया, राम अभिलाष सिंह, रामनरेश यादव, छेदी, रामकुमार, रामसेवक, रामनरायन, गंगा चरन, सतीश कुमार, संतलाल, दुर्गा प्रसाद, महेश, सुंदर लाल आदि किसानों की जमीने नलकूप खराब होने के कारण प्रभावित हो रही है।
इस विषय में जब आपरेटर इंद्रदेव मौर्य से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि, कंकरीट और बालू अत्यधिक मात्रा में आ जाने के कारण दो बार पम्प जाम हो चुका है। उच्चाधिकारियों को रिबोर के संबंध में अवगत कराया गया है। क्योंकि जहां बोर है, वहां चलने की सम्भावना कम है। नया बोर होने के बाद ही किसानों को खेती के लिए पानी मिल पाना संभव होगा।


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