रायबरेली: नगर मजिस्ट्रेट/प्रभारी अधिकारी (आयुध) बाबू राम ने बताया है कि, उच्च न्यायालय, लखनऊ में योजित रिट याचिका संख्या सी-9426 ऑफ 2023 मंसूर अहमद बनाम उ0प्र0 राज्य व अन्य में पारित आदेश 28 अक्टूबर 2023 एवं दिनेश कुमार पुत्र स्व0 मैकूलाल निवासी पूरे बबुरिहा थाना फुरसतगंज जनपद अमेठी द्वारा वरासत के आधार पर प्राप्त लाइसेंस/शस्त्र प्राप्त करने हेतु न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट, रायबरेली वाद संख्या-845/2022 अन्तर्गत धारा 14 (1) यूपीजी एक्ट, थाना कोतवाली नगर, रायबरेली में पारित आदेश 14 अगस्त 2023 के अनुपालन हेतु आयुध अधिनियम नियमावली 2016, के चैप्टर VII में आयुधों के डिस्पोजल के सम्बन्ध में दी गयी प्रक्रिया एवं प्राविधानों को दृष्टिगत रखते हुए जिला मजिस्ट्रेट के आदेश 29 अप्रैल 2024 के अन्तर्गत 04 सदस्यीय कमेटी गठित की गयी है तथा उक्त अनुज्ञापियों एवं अन्य अनुज्ञापियों के शस्त्र रिलीज किए जाने हेतु 24 मई 2024 तिथि निर्धारित की गया है। गठित कमेटी में नगर मजिस्ट्रेट, पुलिस क्षेत्राधिकारी नगर रायबरेली, संयुक्त निदेशक अभियोजन एवं अतुल गुप्ता निवासी 8/24 सत्यनगर थाना कोतवाली नगर रायबरेली है।
आपको बता दे कि, नगर मजिस्ट्रेट ने कहा है कि, उक्त कमेटी 24 मई 2024 को प्रातः 11.00 बजे एस0 विलायत अली एण्ड सन्स कैपरगंज, रायबरेली, सील शस्त्र व्यावसायिक दुकान को खुलवाकर कमेटी की उपस्थिति में वीडियोग्राफी के साथ दुकान में जमा आयुधों को उनके वैध अनुज्ञापियों के पक्ष में रिलीज कराने एवं शेष बचे आयुधों को स्थानांतरित कराये जाने की कार्यवाही सुनिश्चित करायेगी। तत्पश्चात शस्त्र व्यवसायिक दुकान को पुनः सीज कर दिया जाए। इसके अतिरिक्त कमेटी द्वारा शस्त्र रिलीज करते समय अनुज्ञापियों से इस आशय का शपथ पत्र भी प्राप्त किया जायेगा कि शस्त्र किसी अभियोग में वांछित नहीं हैं।
आयुध अधिनियम की धारा 21 की उपधारा-6 में यह प्राविधानित किया गया है, जिसका उदाहरण के अनुसार The Government may, at any time, return to the depositor are his legal representative things forfeited to it or the proceeds of disposal thereof wholly or in part. उल्लेखनीय है कि, उक्त दोनो प्रकरण न्यायालय के आदेशों के अनुपालन से आच्छादित है तथा मंसूर अहमद उर्फ मसरूर अहमद द्वारा योजित अवमानना याचिका संख्या- सीएपीएल नं0 1696 ऑफ 2024 में मा0 न्यायालय द्वारा आदेश 10 मई 2024 पारित करते हुए नियत तिथि 30 मई 2024 के पूर्व अनुपालन आख्या प्रस्तुत किए जाने के आदेश पारित किए गए है। ऐसी स्थिति में उक्त प्रकरण का समयबद्ध निस्तारण किया जाना अति आवश्यक है।

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