"मिलना आषाढ़ में"लोकप्रिय पुस्तक, साहित्य सम्मान के लिए जूरी द्वारा चयनित

गोरखपुर: श्री नागेन्द्र नाथ मेमोरियल ट्रस्ट के तत्वाधान में आयोजित समारोह में साहित्य सम्मान के लिए पुस्तक "मिलना आषाढ़ में " को जूरी द्वारा चयनित किया गया है। समारोह में आए मुख्य वक्ता संविधान विशेषज्ञ फैजान मुस्तफा कुलपति चाणक्या विश्वविद्यलाय पटना, मुख्य अतिथि, एस. मनि, जन्मदाता बंदे भारत ट्रेन एवं पूर्व महाप्रबंधक आई. सी. एफ. कोच फैक्ट्री चेन्नई व आनंद वर्धन, अध्यक्ष के द्वारा स्मृति चिन्ह, शाल व पुष्प गुच्छ से सुभाष चौधरी को सम्मानित किया गया। 

      आपको बता दें कि, इस अवसर पर सुबाश चौधरी ने अपनी लोकप्रिय पुस्तक "मिलना आषाढ़ में" के बारे में बताया कि, इस पुस्तक में उन्होंने सामाजिक समस्याओं को उकेरा है। समाज में जो प्रथाएं, परंपराएं, रीति रिवाज प्रचलित हैं, उसको हमने पद्य के माध्यम से दर्शाया है। आषाढ़ का महीना उसी तरह मदमस्त करने वाला होता है, चारों तरफ हरियाली आ जाती है। किसानों के चेहरे पर रौनक आ जाती है। किसान नई फसल के लिए बीज बोना शुरु कर देते है। आषाढ़ मास में अमावस्या के दिन किसान हाल और खेती से जुड़े उपकरणों की पूजा करते हैं। 

   यह मास धर्म/कर्म से भी काफी महत्व पूर्ण माना जाता है। इस मास में देवी देवताओं की पूजा के साथ गुरु की भी पूजा की जाती है। इस महीने में भगवान विष्णु के शयन में जाने के कारण सभी मांगलिक कार्य बंद हो जाते हैं।इस पुस्तक में पद के रूप में इन सभी भावनाओं को उकेरा गया है। सभी विभुतियों को अपनी पुस्तक मिलना आषाढ़ में की प्रति भेंट की गई।

      इस अवसर पर रणविजय सिंह, चितरंजन मिश्रा, डॉक्टर अजीज, राजेश सिंह, एस. मनि, फैजान मुस्तफा, आनंद वर्धन एव अनेकों गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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