19वीं शताब्दी के जाने-माने संत स्वामी हरिदास जी महराज की तपोस्थली बबुरिहा धाम में आयोजित हुआ 60वां विशाल भंडारा, साधु संत और भक्तों ने छका प्रसाद

रजनीकांत अवस्थी

महराजगंज/रायबरेली: क्षेत्र के बबुरिहा धाम में बाबा हरिदास जी की पवित्र तपोस्थली पर विगत वर्षों की भांति इस बार भी 60वें विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। जिसमें क्षेत्र ही नहीं दूरदराज तथा अन्य प्रदेशों से भक्त श्रद्धालु भंडारे में पहुंचे और प्रसाद ग्रहण किया। 

कार्यक्रम की विशेषता यह रही कि, इस मौके पर जहां कुटी के संचालक महंत लल्लू दास जी महाराज ने संत महात्माओं और विद्वानों को अंग वस्त्र व दक्षिणा प्रदान कर सम्मानित किया, तो वहीं नीलू सिंह ने संत महात्माओं को भेंट स्वरूप कंबल प्रदान कर सम्मानित किया। इस मौके पर खेखरुवा के महंत भी मौजूद रहे।

     आपको बता दें कि, क्षेत्र के बबुरिहा धाम में बाबा लक्ष्मण दास उर्फ लल्लू दास के नेतृत्व में विशाल भंडारे का आयोजन कराया गया। तपोस्थली पर वर्ष में दो बार भंडारे का आयोजन किया जाता है। जिसमें यह भंडारा छोटे बाबा अवसानदास जी महाराज के सम्मान में किया जाता है।  यह 60वां भंडारा है।

       बबुरिहा धाम 19वीं शताब्दी के जाने-माने संत स्वामी हरिदास जी महराज की तपोस्थली के रूप में पूरे प्रदेश में जानी जाती है। बताते हैं कि, स्वामी हरिदास न केवल एक महान तपस्वी थे, बल्कि उन्होंने अवधी भाषा में श्री रामचरित मानस के ऊपर कई टीकाए भी लिखी, जिसमें मुख्य रुप से श्री रामचरितमानस की शीला पट्टी का मूल, चित्र काव्य मूल, हनुमान बाहुक का टीका, मसल विवेक, भक्ति विनोद, भक्ति विलास, विंध्य अवलोकन आदि हैं। इन ग्रंथों का ऑनलाइन संस्करण भी कराया गया है। 

     आज रविवार को बबुरिहा कुटी की पावन धरा पर हजारों संत महात्माओं एवं भक्तों ने तपोस्थली पर मत्था टेकते हुए आयोजित विशाल भंडारे में प्रसाद ग्रहण किया। महंत लल्लू दास जी महाराज ने संत महात्माओं को अंग वस्त्र और 101,101 मुद्राएं प्रदान कर सम्मानित किया। इसके पश्चात नीलू सिंह ने आए हुए सभी संत महात्माओं को अपनी ओर से एक-एक कंबल प्रदान कर सम्मानित किया।

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