रायबरेली में कांग्रेसियों ने अमेरिकी सरकार द्वारा भारतीय प्रवासियों के अचानक एवं अन्यायपूर्ण निर्वासन के विरोध में मार्च निकालकर किया विरोध प्रदर्शन

रजनीकांत अवस्थी

रायबरेली: अमेरिकी सरकार द्वारा भारतीय प्रवासियों के अचानक और अन्यायपूर्ण निर्वासन के विरोध में जिला एवं शहर कांग्रेस कमेटी द्वारा कांग्रेस कार्यालय तिलक भवन से हाथी पार्क स्थित अम्बेडकर की मूर्ति तक मार्च निकाला गया और बाबा साहब की मूति के नीचे विरोध प्रदर्शन किया गया।

    आपको बता दें कि, विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे कार्य. कांग्रेस जिलाध्यक्ष पंकज तिवारी ने कहा कि, निर्वासित व्यक्तियों को अमानवीय हिरासत की स्थिति, यात्रा के दौरान हथकड़ी लगाये जाने और वित्तीय तबाही का सामना करने साहित गम्भीर कठिनाईयों का सामना करना पड़ा है, इस तरह का व्यवहार उनकी गरिमा का घोर उल्लंघन है और हमारे राष्ट्र की छवि को धूमिल करता है।

      जिलाध्यक्ष ने कहा कि, इस खतरनाक घटना के बावजूद केन्द्र सरकार उदासीन ओर असहाय बनी हुई है, हमारे नागरिको के लिए खड़े होने और मानवीय व्यवहार की मांग करने के बजाय सरकार शर्मनाक तरीके से इन कार्यो को उचित ठहरा रही है।

     कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय सचिव व विधानसभा समन्वयक मनोज यादव एवं सुरेन्द्र शर्मा ने भारतीय प्रवासियों के अपमान पर मोदी सरकार की कड़ी आलोचना की।

     कांग्रेस कार्यवाहक प्रवक्ता महताब आलम ने उक्त विरोध प्रदर्शन की जानकारी देते हुए बताया कि वैश्विक मंच पर हमारे नागरिकों की गरिमा और अधिकारों की रक्षा करने से विफलता अक्षम्य है, यह सरकार की अपने लोगों के प्रति साहस और प्रतिबद्धता की कमी को उजागर करता है। कांग्रेस पार्टी सरकार की इस निष्क्रियता की घोर निंदा करती है।

     विरोध प्रदर्शन में मुख्यरुप से विजयशंकर अग्निहोत्री, निर्मल शुक्ला, सुन्दर लाल निर्मल, पद्मधर सिंह, शिवानंद मौर्या, शशिकांत पाण्डेय, महेश प्रसाद शर्मा, अजीत सिंह, नौशाद हुसैन खतीब, संजय श्रीवास्तव, शैलेन्द्र सिंह, आकर्षण द्विवेदी, अभय त्रिवेदी, अम्बरीश बाजपेयी, हाफिज रियाज, आयुष द्विवेदी, आशीष त्रिवेदी, सूर्य कुमार बाजपेई, आर.के.सिंह, घनश्याम शुक्ला, अनीता श्रीवास, प्रदीप चैधरी, गौरव मिश्रा, प्रमोद बाजपेयी, अरूण कुमार यादव, कामता प्रसाद गौड़, मो.अशरफ खान, शम्भूशरण पाल, कामता नाथ सिंह, दल बहादुर सिंह, ओम प्रकाश त्रिपाठी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस जन उपस्थित रहे।

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