8 वर्ष पूर्व गायब हुई महिला को पुलिस ने परिजनों से मिलवाया थानाध्यक्ष ने पेश की मानवता की मिसाल।। Raebareli news ।।

रजनीकांत अवस्थी

बछरावां/रायबरेली: बछरावां थाना अध्यक्ष राकेश सिंह ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए 8 वर्ष पूर्व गायब हुई एक 40 वर्षीय महिला को उसके परिवार से मिलाने में अहम भूमिका अदा की है। क्षेत्रवासी थानाध्यक्ष बछरावां के इस कदम की भूरि भूरि सराहना कर रहे हैं।

    आपको बता दें कि, जानकारी के मुताबिक विगत 5 दिन पूर्व थाना अध्यक्ष राकेश सिंह की गश्त के दौरान उन्हें एक महिला असम राज्य की भाषा में कुछ बड़बडाती हुई दिखाई पड़ी। थाना अध्यक्ष ने उस महिला को बुलाकर उसका नाम पता जानने का प्रयास किया गया। परंतु वह महिला जो कुछ भी बता रही थी, वहां उपस्थित किसी की समझ में नहीं आ रहा था। अंततोगत्वा थानाध्यक्ष द्वारा कुछ असम की भाषा के जानकारों से वार्ता कराई गई, तो पता चला कि उसका नाम महमूदा बेगम पत्नी खुसेत ग्राम बालूगांव थाना खरपटिया असम राज्य की रहने वाली है।


    इतना पता चलते ही थाना अध्यक्ष राकेश सिंह द्वारा तत्काल संबंधित थाने से दूरभाष पर संपर्क किया, तो पता चला कि, उक्त महिला की गुमशुदगी 8 वर्ष पूर्व थाने में दर्ज है। महिला मानसिक रूप से विक्षिप्त है, उसके चार बेटे व एक बेटी है। मानसिक दुर्बलता की अवस्था में वह घर से निकल पड़ी और भटकते भटकते बछरावां आ गई। स्थानीय लोगों द्वारा कयास लगाया जा रहा है कि, आसाम जाने वाले ट्रकों द्वारा कोई उसे लेकर यहां आ गया है। थाना अध्यक्ष राकेश सिंह ने खटपटिया थाने को सूचना देकर महमूदा बेगम के घर वालों को सूचना देकर यहां बछरावां भेजने की बात कही थी, आसाम की पुलिस ने आनन फानन पीड़िता के परिजनों को सूचना दी, सूचना पाकर पीड़िता के परिवार में खुशी का ठिकाना नहीं रहा, और तत्काल परिजन बछरावां आने के लिए तैयार हो गए।

     बताते हैं कि, पीड़ित महिला का परिवार अत्यंत निर्धन है, जिसकी वजह से गांव वालों ने आर्थिक मदद करके बछरावां भेजा है। यहां पहुंचते ही महिला के भाई ने अपनी बहन को पहचान लिया और बीते 8 वर्षों से बिछड़े भाई-बहन गले लग कर फफक फफक कर रो पड़े। जो भाई-बहन के अटूट प्रेम का एहसास करा रहा था। उस समय यह मार्मिक दृश्य देखकर थाने में उपस्थित पुलिस वालों की आंखें भी भर आई। थाना अध्यक्ष राकेश सिंह ने भाई बहनों को 5 हजार रुपए की आर्थिक सहायता देकर आवश्यक कार्यवाही के पश्चात घर जाने को कहा गया।

     विदित हो कि, आम जनता के अंदर पुलिस का जो चेहरा नजर आता है, जिससे लोग भयभीत रहते हैं, उन सबके बीच राकेश सिंह द्वारा पेश की गई मानवता की मिसाल जहां अन्य पुलिस वालों के लिए एक प्रेरणा दिखाई दे रही है, तो वहीं जनपद का बुद्धिजीवी वर्ग उनकी इस मानवता की भूरि भूरि प्रशंसा कर रहा है।

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