राघवपुर के नव निर्वाचित ग्राम प्रधान ने भ्रष्टाचार में लिप्त ग्राम पंचायत अधिकारी शेखर शुक्ला के खिलाफ खोला मोर्चा।। Raebareli news ।।

◆नवनिर्वाचित ग्राम प्रधान ने खंड विकास अधिकारी को ग्राम पंचायत अधिकारी के खिलाफ दिया शिकायती पत्र।

◆ऊंची रसूख रखने वाले ग्राम पंचायत अधिकारी पर नहीं करते उच्चाधिकारी कोई कार्यवाही।

रजनीकांत अवस्थी

महराजगंज/रायबरेली: सूबे के मुख्यमंत्री भले ही समस्त विभागों के अधिकारियों की बैठक करा कर प्रदेश में हो रहे भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं, लेकिन प्रशासनिक अधिकारी योगी सरकार को बदनाम करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं।

    आपको बता दें कि, मामला महराजगंज विकासखंड के राघवपुर ग्राम सभा का है, जहां के नवनिर्वाचित प्रधान पति यादव ने हो रहे इंटरलॉकिंग कार्य में मनमानी व मानक के विपरीत तरीके से करवाए जा रहे काम को लेकर एडीओ पंचायत को फोन द्वारा जानकारी दी गई। एडीओ पंचायत प्रशासन ने बताया कि, उपरोक्त कार्य की जानकारी मुझे नहीं है। लिखित शिकायत में खंड विकास अधिकारी को नवनिर्वाचित प्रधान ने बताया कि, उनकी ग्राम सभा में ग्राम पंचायत के कार्यकाल के बाद जो भी कार्य ग्राम पंचायत अधिकारी द्वारा करवाया गया है। वह मानक के विपरीत व मनमाने ढंग से कराया जा गया है। जिसकी जांच उच्चाधिकारियों द्वारा कराने की मांग की गई है।

  राघवपुर ग्राम सभा में तैनात ग्राम पंचायत अधिकारी शेखर शुक्ला का मनमानी ढंग से कार्य करने से ग्राम सभा के लोग भी बहुत परेशान हैं। छोटे-छोटे कार्यो के लिए भी ग्राम पंचायत अधिकारी ना ही लोगों से मिलते हैं, और ना ही किसी का फोन रिसीव करना इनकी आदत बन गई है। फिर हाल अब सोचने वाली बात यह है कि, ऊंची रसूख रख कर अपनी तानाशाही चलाने वाले ग्राम पंचायत अधिकारी पर उच्च अधिकारी कोई कार्यवाही करते हैं, या नहीं ? प्रश्नवाचक चिन्ह लगा हुआ है ?

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