निजी हितों के आगे समाज हुआ हाशिए पर-न्यायमूर्ति पीके श्रीवास्तव।। Mirzapur news ।।

इतिहासकार स्व काशीप्रसाद जायसवाल की 139वीं जयंती मनाई गई
सलिल पांडेय
मिर्जापुर: इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायाधीश श्री पी के श्रीवास्तव ने अफसोस प्रकट करते हुए कहा कि वर्तमान दौर में लोगों का नजरिया बदल गया है । निजी हितों के आगे सामाजिक हित हाशिए पर चला गया है ।
    श्री श्रीवास्तव विश्वप्रसिद्ध इतिहासकार स्व काशी प्रसाद जायसवाल की 139वीं जयंती समारोह में बतौर मुख्य अतिथि बोले कि जब पिछली पीढ़ी के लोगों ने स्व जायसवाल को भुला दिया तो नए जमाने से ज्यादा उम्मीद नहीं की जा सकती ।
न्यायमूर्ति के उद्बोधन में लगे ठहाके---
स्व काशीप्रसाद जायसवाल के बारे में विशेषज्ञ वक्ताओं के उद्बोधन से प्रभावित होकर श्री श्रीवास्तव ने कहा कि वे खुद इतने महान इतिहासकार के बारे में नहीं जानते । कार्यक्रम में युवाओं की कम उपस्थिति देखकर श्री श्रीवास्तव ने कहा-'जहां तक मेरी दृष्टि जा रही है, सब बुजुर्ग ही बैठे हैं । जाते हुए लोगों से बहुत उम्मीद करना व्यर्थ है ।' उनके इस कथन पर ठहाके लगे ।
नपाध्यक्ष ने वायदा किया---
विशिष्ट अतिथि के रूप में नपाध्यक्ष श्री मनोज कुमार जायसवाल ने कहा कि उनके स्तर से पूरा प्रयास होगा कि यहां स्व जायसवाल की स्मृति में ग्रन्थालय हो ।
प्रदेश संयोजिका ने दिया धन---
कार्यक्रम की मुख्य आयोजिका वाराणसी से आईं स्व काशीप्रसाद जायसवाल विद्वत् परिषद की प्रदेश अध्यक्ष तथा किशोर न्याय बोर्ड की प्रदेश संयोजक डॉ रीता जायसवाल ने स्व जायसवाल सम्बंधित पुस्तकोंके लिए 51सौ की घोषणा की ।
विशेषज्ञों के विचार ----
कार्यक्रम में स्व जायसवाल के विविध स्वरूपों पर के बी पी जी कॉलेज के प्राचीन इतिहासके पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो के एम सिंह, साहित्यकार गणेश गम्भीर, गुलाबचंद तिवारी, सलिल पांडेय के अलावा वाराणसी से आए डॉ भगत, विविध संगठनों से जुड़े संजय सिंह गहरवार, पन्ना लाल बुंदेला आदि ने प्रकाश डाला । लोगों ने कहा कि पूरे विश्व में स्व जायसवाल के नाम से मिर्जापुर जाना जाता है । उन्होंने भारतीय राष्ट्रवाद पर जबरदस्त लेखन किया ।
      इस कार्यक्रम में डॉ रामहर्ष गुप्त, माताप्रसाद जायसवाल तथा भोलानाथ पांडेय को सम्मानित किया गया । कार्यक्रम की अध्यक्षता नागरिक संगठन के श्री अरुण मिश्र तथा धन्यवाद ई कुलपालसिंह ने दिया ।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ