गीता प्रेस, गोरखपुर का ज्ञान जो शास्त्रों के आधार पर है, उसे जरूर अपनाना चाहिए

1-जिस घर में बर्तन इधर-उधर बिखरे पड़े रहते हों, बर्तन फूटे हों, आसन फटे हों, वह घर पाप के कारण दूषित होता है, उस घर की पूजा न देवता और न पितर स्वीकार करते हैं ।- महाभारत, अनुशासन पर्व
     2-घर में रखे टूटे बर्तन में कलियुग और यदि टूटी खाट ( चौकी, पलंग आदि भी) है तो उसमें दरिद्रता रहती हैं ।-महाभारत, अनुशासन पर्व
3-पुत्र या विशेष परिस्थितियों में घर के सेवक (नौकर) से ही दान कराया जाना चाहिए । वरना पुण्यफल का छठा भाग क्षीण हो जाता है ।-पद्मपुराण
4-पुत्र से बढ़कर दौहित्र (बेटी की संतानें), भांजा और भाई का हित करना चाहिए । अपनी बेटी से बढ़कर भाई की पत्नी, पुत्रवधू और बहन के पालन पोषण पर ध्यान देना चाहिए ।-शुक्रनीति
5-पिता के निधन के बाद बड़े  भाई को ही पिता के समान समझना चाहिए और बड़े भाई को छोटे भाई को पुत्र के समान मानना चाहिए ।-गरुण पुराण
शंखनाद से नकारात्मक ऊर्जा नष्ट होती है--  
कुछ अन्य ध्यान देने योग्य बातें---
1-पूजा शुरू करने के पहले गणेशजी को, फिर विष्णु, इसके बाद शिव, पुनः मां दुर्गा और अंत में सूर्य भगवान को मानसिक रुप से प्रणाम करना चाहिए ।
2-गणेशजी को दूर्वा (दूब) से, विष्णुजी नैवेद्य से, शिवजी जल से, मां दुर्गा स्तुति से और सूर्य भगवान प्रणाम करने से प्रसन्न होते हैं ।
3-ऊनी या कुश के आसन पर बैठकर ही पूजा की जानी चाहिए वरना सकारात्मक तरंगें पृथ्वी में चली जाती हैं ।
4-पूजा के अंत में 'यह पूजा देवता या देवी को समर्पण है' बोलना चाहिए । 
5-पूजा के अंत में आरती करें । आरती में विषम संख्या में वर्तिका (बाती) रहे । 
6- भगवान की प्रतिमा के चरणों चार बार, नाभि की दो बार, मुख की एक बार आरती कर अंत में नीचे से ऊपर पूरे शरीर की सात बार आरती करें ।
7-देवियों की आरती में चरण 4, नाभि 2, हृदय 7, कंठ 2 और मुख की एक बार आरती कर अंत में 7 बार आरती करें ।
8-दीपक सीधे जमीन पर नहीं रखना चाहिए । अक्षत पर रखकर  चारों तरफ जल घुमा कर गिरा दें ।
9-पूजा के अंत में भूमि का स्पर्श कर आज्ञाचक्र (दोनों भौहों के बीच) लगाना चाहिए ।
10-अंत में शंखनाद करने से नकारात्मक ऊर्जा नष्ट होती है ।
11-पति पत्नी में से कोई एक अमावस्या के दिन बाहरी किसी का कोई पदार्थ न खाएं और न ग्रहण करे, इससे पितृ देवता प्रसन्न होते हैं ।
                       सलिल पांडेय, मिर्जापुर 
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