रजनीकांत अवस्थी
महराजगंज/रायबरेली: क्षेत्र में भारत लोक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित एकल विद्यालय के तहत के जमुरावां, मकरंदपुर, बारी, गोहन्ना, हलोर, अलीपुर कुबना सहित कुल 30 एकल विद्यालय संचालित हैं। आचार्या बहने अपने घर पर अथवा सार्वजनिक स्थलों पर 6 से 14 वर्ष के बच्चों को संस्कार युक्त शिक्षा देकर संस्कार युक्त राष्ट्र का निर्माण कर रही हैं।
आपको बता दें कि, एकल विद्यालय अभियान की शुरुआत 1988 में झारखंड के गुमला नामक ब्लॉक के रतनपुर गांव से हुई थी। जिसकी शुरुआत 60 विद्यालयों से हुई थी। एकल विद्यालय मकरंदपुर में आचार्या सुमन तिवारी विद्यालय में उपस्थित 30 से अधिक बच्चों को महापुरुषों की कहानियों के माध्यम से संस्कार युक्त शिक्षा देती मिली। बच्चों के अभिभावकों ने बताया कि, जब से बच्चे एकल विद्यालय में जाने लगे हैं बच्चों का मानसिक विकास तीव्र गति से हो रहा है।
भटसरा, बासकटा ,अलीपुर, बारी, मऊ, जमुरावां, हिलहा आदि ग्रामसभा में एकल विद्यालय द्वारा आज सुबह 8:30 बजे नन्हें मुन्ने बच्चों ने प्रभात फेरी निकाली। सोमवार सुबह प्रभात फेरी से संदेश दिया कि, गांव-गांव में एकल विद्यालय द्वारा अभियान चलाकर एकल विद्यालय में पढ़ने वाले हर बच्चे को संस्कार युक्त शिक्षा प्रदान की जाएगी। संस्कारों की शिक्षा को जन-जन तक पहुंचायेगें। संस्कार के लिए जियेगें संस्कार के लिए मरेगें, यह संकल्प हमारा है।
आचार्या छाया सिंह, प्रिया सिंह, सुमन तिवारी, ज्योत्शना ने नन्हे मुन्ने बच्चे निस्चय, अलफेज, इकरा बानो,प्रियांसी,नेहा,अशिंका, अनिकेत, अनंत (कृष्णा), सुधांशु, मेयसर, निशा, फाइजान, साक्षी, दर्जनों बच्चों ने हिस्सा लिया।
महराजगंज/रायबरेली: क्षेत्र में भारत लोक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित एकल विद्यालय के तहत के जमुरावां, मकरंदपुर, बारी, गोहन्ना, हलोर, अलीपुर कुबना सहित कुल 30 एकल विद्यालय संचालित हैं। आचार्या बहने अपने घर पर अथवा सार्वजनिक स्थलों पर 6 से 14 वर्ष के बच्चों को संस्कार युक्त शिक्षा देकर संस्कार युक्त राष्ट्र का निर्माण कर रही हैं।
आपको बता दें कि, एकल विद्यालय अभियान की शुरुआत 1988 में झारखंड के गुमला नामक ब्लॉक के रतनपुर गांव से हुई थी। जिसकी शुरुआत 60 विद्यालयों से हुई थी। एकल विद्यालय मकरंदपुर में आचार्या सुमन तिवारी विद्यालय में उपस्थित 30 से अधिक बच्चों को महापुरुषों की कहानियों के माध्यम से संस्कार युक्त शिक्षा देती मिली। बच्चों के अभिभावकों ने बताया कि, जब से बच्चे एकल विद्यालय में जाने लगे हैं बच्चों का मानसिक विकास तीव्र गति से हो रहा है।
भटसरा, बासकटा ,अलीपुर, बारी, मऊ, जमुरावां, हिलहा आदि ग्रामसभा में एकल विद्यालय द्वारा आज सुबह 8:30 बजे नन्हें मुन्ने बच्चों ने प्रभात फेरी निकाली। सोमवार सुबह प्रभात फेरी से संदेश दिया कि, गांव-गांव में एकल विद्यालय द्वारा अभियान चलाकर एकल विद्यालय में पढ़ने वाले हर बच्चे को संस्कार युक्त शिक्षा प्रदान की जाएगी। संस्कारों की शिक्षा को जन-जन तक पहुंचायेगें। संस्कार के लिए जियेगें संस्कार के लिए मरेगें, यह संकल्प हमारा है।
आचार्या छाया सिंह, प्रिया सिंह, सुमन तिवारी, ज्योत्शना ने नन्हे मुन्ने बच्चे निस्चय, अलफेज, इकरा बानो,प्रियांसी,नेहा,अशिंका, अनिकेत, अनंत (कृष्णा), सुधांशु, मेयसर, निशा, फाइजान, साक्षी, दर्जनों बच्चों ने हिस्सा लिया।

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