बच्चों को जरूर पिलाएं दो बूंद जिंदगी के।। Raebareli news ।।

रजनीकांत अवस्थी
महराजगंज/रायबरेली: पोलियो जैसी संक्रामक बीमारी को लेकर देश और प्रदेश की सरकारें सजग हैं और यह एक संकल्प के रूप में लिया गया है। यह ठान लिया गया है कि, इसे जड़ से समाप्त करके ही दम लेना है।
       आपको बता दें कि, इस संक्रामक बीमारी को जड़ से समाप्त करने के संकल्प के साथ ही आज पूरे प्रदेश में पल्स पोलियो अभियान चलाया गया। इसी क्रम में समूचे रायबरेली जनपद सहित महराजगंज तथा शिवगढ़ विकासखंड क्षेत्र के गांव में सघन पल्स पोलियो अभियान चलाया गया। 19 जनवरी 2020 को यह अभियान बूथ डे के रूप में मनाया गया।
     उच्चीकृत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र महराजगंज के अधीक्षक डॉ राधाकृष्णन ने हमारे संवाददाता को जानकारी देते हुए बताया कि, भारत में पोलियो के खिलाफ अभियान की शुरुआत 1995 में हुई थी। 80 के दशक में हर साल 50 हजार से 1 लाख मरीज सामने आ रहे थे और इस अभियान की सफलता के बाद 2012 में यह आंकड़ा घटकर शून्य हो गया। देश में वाइल्ड पोलियो वायरस का आखिरी केस 2011 में रिपोर्ट हुआ था। यह 18 माह की रुखसार खातून थी, जिनका जन्म पश्चिम बंगाल के हावड़ा में हुआ था। वैसे पोलियो के खिलाफ इस जंग की शुरुआत विश्व स्वास्थ्य संगठन ने की थी।
     डॉ राधाकृष्णन ने यह भी बताया कि, यह पल्स पोलियो अभियान 19 जनवरी से 24 जनवरी तक चलाया जाएगा। जिसमें 19 जनवरी बूथ डे के रूप में मनाया  जा रहा है और बाकी के दिनों में जीरो से लेकर 5 वर्ष तक के बच्चों को घर-घर जाकर पोलियो  की दवा पिलाई जाएगी।
     उन्होंने आगे बताया कि, सघन रूप से इस अभियान को चलाने के लिए विकासखंड क्षेत्र में 97 बूथ बनाए गए हैं। जिनमें 291 कर्मचारियों की नियुक्ति की गई है जो घर-घर जाकर बच्चों को पोलियो की दवा पिलाएंगे। वहीं इस अभियान को सफल बनाने के लिए 17 पर्यवेक्षक की नियुक्ति की गई है जिसमें एक पर्यवेक्षक की निगरानी में 6 से 7 बूथ रहेंगे। इसके अलावा 4 सेक्टर डॉक्टर की भी नियुक्ती की गई है जो ईट भट्ठों पर जाकर बच्चों को पल्स पोलियो की दवा पिलाने का काम करेंगे।

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