रजनीकांत अवस्थी
शिवगढ़(रायबरेली) शिवगढ़ थाना क्षेत्र के ठकुराइन खेड़ा मजरे खजुरों गांव की रहने वाली प्रसूता रूबी यादव पत्नी बबलू यादव ने मुख्य चिकित्साधिकारी को पत्र देकर शिकायत की है कि 13 फरवरी की शाम 6 बजे उसे प्रसव पीड़ा हुई तो परिजन उसे एम्बुलेंस सीएचसी शिवगढ़ ले गए जहां महिला चिकित्सक ने उसे देखा और बोली अभी प्रसव का समय नहीं है। पीड़िता का आरोप है कि वह रात भर सीएससी शिवगढ़ में भर्ती रही। सुबह महिला चिकित्सक ने उससे कहा कहीं दूसरी जगह दिखा लो। तभी वहां मौजूद रामराज नाम के शख्स ने अपने आप को सीएचसी स्टाफ से बताते हुए अपने निजी नर्सिंग होम में दिखाने की सलाह दी। जिसके बाद 14 फरवरी को सुबह प्रसव पीड़ा हुई तो पीड़िता रामराज के यहां भर्ती हो गई। आरोप है कि रात 11 बजे रामराज ने कहा उसे दूसरी जगह बछरावां में दिखाना पड़ेगा। जिसका खर्चा 30000 रुपए आएगा। महिला का आरोप है कि उसके परिजनों ने असमर्थता जाहिर करते हुए कहा कि इतना पैसा उनके पास नहीं है इसके बावजूद आरोपी युवक ने बोलोरो बुला ली और उन्हें अपने नर्सिंग होम में रोके रखा। बाद में गांव के ही दिनेश यादव के दखल पर उसे जाने दिया गया। जिसे परिजनों ने क्षेत्र के ही एक निजी नर्सिग होम में भर्ती कराया जहां रात 12 बजे पीड़िता ने एक पुत्र को जन्म दिया जिसकी 10 मिनट पश्चात मृत्यु हो गई। पीड़िता ने मुख्य चिकित्साधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर रामराज और उसके स्टॉप पर कार्यवाही की मांग की है। इस बाबत जब सीएचसी अधीक्षक डॉक्टर एलपी सोनकर से बात की गई तो उन्होंने बताया कि उनको रामराज नाम के व्यक्ति के खिलाफ शिकायत मिली थी कि प्राइवेट क्लीनिक चलाता है। वहीं बताए गए स्थान पर जब जाकर देखा गया तो वहां कोई ऐसा साक्ष्य नही मिला जिससे साबित हो कि वहां पहले से कोई नर्सिंग होम अथवा कोई अस्पताल संचालित था।
शिवगढ़(रायबरेली) शिवगढ़ थाना क्षेत्र के ठकुराइन खेड़ा मजरे खजुरों गांव की रहने वाली प्रसूता रूबी यादव पत्नी बबलू यादव ने मुख्य चिकित्साधिकारी को पत्र देकर शिकायत की है कि 13 फरवरी की शाम 6 बजे उसे प्रसव पीड़ा हुई तो परिजन उसे एम्बुलेंस सीएचसी शिवगढ़ ले गए जहां महिला चिकित्सक ने उसे देखा और बोली अभी प्रसव का समय नहीं है। पीड़िता का आरोप है कि वह रात भर सीएससी शिवगढ़ में भर्ती रही। सुबह महिला चिकित्सक ने उससे कहा कहीं दूसरी जगह दिखा लो। तभी वहां मौजूद रामराज नाम के शख्स ने अपने आप को सीएचसी स्टाफ से बताते हुए अपने निजी नर्सिंग होम में दिखाने की सलाह दी। जिसके बाद 14 फरवरी को सुबह प्रसव पीड़ा हुई तो पीड़िता रामराज के यहां भर्ती हो गई। आरोप है कि रात 11 बजे रामराज ने कहा उसे दूसरी जगह बछरावां में दिखाना पड़ेगा। जिसका खर्चा 30000 रुपए आएगा। महिला का आरोप है कि उसके परिजनों ने असमर्थता जाहिर करते हुए कहा कि इतना पैसा उनके पास नहीं है इसके बावजूद आरोपी युवक ने बोलोरो बुला ली और उन्हें अपने नर्सिंग होम में रोके रखा। बाद में गांव के ही दिनेश यादव के दखल पर उसे जाने दिया गया। जिसे परिजनों ने क्षेत्र के ही एक निजी नर्सिग होम में भर्ती कराया जहां रात 12 बजे पीड़िता ने एक पुत्र को जन्म दिया जिसकी 10 मिनट पश्चात मृत्यु हो गई। पीड़िता ने मुख्य चिकित्साधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर रामराज और उसके स्टॉप पर कार्यवाही की मांग की है। इस बाबत जब सीएचसी अधीक्षक डॉक्टर एलपी सोनकर से बात की गई तो उन्होंने बताया कि उनको रामराज नाम के व्यक्ति के खिलाफ शिकायत मिली थी कि प्राइवेट क्लीनिक चलाता है। वहीं बताए गए स्थान पर जब जाकर देखा गया तो वहां कोई ऐसा साक्ष्य नही मिला जिससे साबित हो कि वहां पहले से कोई नर्सिंग होम अथवा कोई अस्पताल संचालित था।

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