डीआर सर्जिकल हॉस्पिटल में हुई मौत पर कार्यवाही के नाम पर झोल।। Raebareli news ।।

रजनीकांत अवस्थी
महराजगंज/रायबरेली: डीआर सर्जिकल हॉस्पिटल में 36 घंटे बीत जाने के बाद भी कोतवाली पुलिस व स्वास्थ्य विभाग के हाथ अभी भी खाली है और कार्यवाही के नाम पर मुकदमा पंजीकृत कर दिया गया है। लेकिन हत्या के मामले में नामजद आरोपी डॉ राकेश यादव एक बार फिर पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहा है। अब देखना यह है कि, ऐसे गंभीर मामलों में नामजद डॉक्टर पर स्वास्थ्य विभाग कौन सी कार्यवाही करता है। जिससे ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगा सके, या फिर क्षेत्र में मौत बांट रहे ऐसे डॉक्टरों को संबंधित विभाग और प्रशासन खुली छूट देकर इसी तरह मौतें बांटता रहेगा।
     आपको बता दें कि, महराजगंज कस्बे के बछरावां रोड पर स्थित डीआर सर्जिकल हॉस्पिटल उस समय सुर्खियों में आया था जब 1 सितंबर 2019 को बावन बुजुर्ग बल्ला गांव निवासिनी गीता मौर्या पत्नी रामसमुझ उम्र 21 वर्ष की अस्पताल के डॉक्टरों द्वारा प्रसव पीरियड के दौरान इंजेक्शन लगाने पर मौत हो गई थी। जिस पर स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों द्वारा मामले को संज्ञान में लेते हुए हॉस्पिटल सीज कर दिया था और महराजगंज कोतवाली ने गैर इरादतन हत्या जैसी गंभीर धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर लिया था। लेकिन अधिकारियों की खाऊ कमाऊ नीति व सेटिंग गेटिंग के चलते 1 सप्ताह बाद ही हॉस्पिटल खुल गया था। कोतवाली पुलिस द्वारा मामले में सुलह नामा के आधार पर क्लीन चिट दे दी गई थी। लेकिन 1 वर्ष बीत जाने के बाद 7 फरवरी 2020 दिन शुक्रवार को उसी डीआर सर्जिकल हॉस्पिटल में फिर एक मौत गलत इंजेक्शन लगाने से हो गई। जिस पर आनन-फानन में हरकत में आई कोतवाली पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था और गंभीर धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर नामजद की गिरफ्तारी के लिए प्रयास रत है।
      मामले में सीएमओ संजय कुमार शर्मा का कहना है कि, जांच टीम गठित की गई है। जल्द ही हॉस्पिटल पहुंचकर टीम द्वारा जांच कर अपनी रिपोर्ट सौंपी जाएगी, उसके उपरांत कड़ी से कड़ी कार्यवाही की जाएगी। वहीं मामले में कोतवाली प्रभारी अरुण कुमार सिंह का कहना है कि, मुकदमा पंजीकृत किया गया है। नामजद अभियुक्त डॉ राकेश यादव को पकड़ने के लिए पुलिस टीम द्वारा कई बार दबिश दी गई है, जल्द ही अभियुक्त गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।

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