रजनीकांत अवस्थी
मथुरा: भागवत आयोजन समिति के तत्वधान में राष्ट्र की शांति, सद्भावना, समृद्धि और जनकल्याण के संकल्प को लेकर की जा रही भागवत कथा के समापन के अवसर पर आज ब्रज यातायात एवं पर्यावरण जागरूकता समिति के प्रदेश अध्यक्ष विनोद दीक्षित के नेतृत्व में कथा व्यास सुमन कृष्ण शास्त्री का दुपट्टा पहनाकर श्री राधा कृष्ण की तस्वीर भेंट कर स्वागत किया गया।
आपको बता दें कि, श्रीमद् भागवतगीता समिति के संस्थापक अमित भारद्वाज के साथ कथा व्यास सुमन कृष्ण शास्त्री द्वारा ब्रज यातायात एवं पर्यावरण जनजागरूकता समिति के उत्तर प्रदेश को उत्कृष्ट सामाजिक कार्यों के लिए समिति के प्रदेश अध्यक्ष विनोद दीक्षित के साथ पूरी टीम को सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष विनोद दीक्षित ने कहा कि, श्रीमद् भागवत गीता के आयोजन से धार्मिक आयोजन के साथ आपसी भाईचारे बढ़ता है। इस तरह के आयोजन समाज में समय-समय पर होते रहने चाहिए।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से भागवताचार्य पंडित लक्ष्मी कांत शास्त्री, मुकेश शर्मा, बृजेश शर्मा ,चंद्र मोहन दीक्षित , राहुल शर्मा, हरिबाबू सम्राट, शुभम पचौरी, राहुल गुप्ता ,जगदीश ठाकुर, शुभम तोमर आदि मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
मथुरा: भागवत आयोजन समिति के तत्वधान में राष्ट्र की शांति, सद्भावना, समृद्धि और जनकल्याण के संकल्प को लेकर की जा रही भागवत कथा के समापन के अवसर पर आज ब्रज यातायात एवं पर्यावरण जागरूकता समिति के प्रदेश अध्यक्ष विनोद दीक्षित के नेतृत्व में कथा व्यास सुमन कृष्ण शास्त्री का दुपट्टा पहनाकर श्री राधा कृष्ण की तस्वीर भेंट कर स्वागत किया गया।
आपको बता दें कि, श्रीमद् भागवतगीता समिति के संस्थापक अमित भारद्वाज के साथ कथा व्यास सुमन कृष्ण शास्त्री द्वारा ब्रज यातायात एवं पर्यावरण जनजागरूकता समिति के उत्तर प्रदेश को उत्कृष्ट सामाजिक कार्यों के लिए समिति के प्रदेश अध्यक्ष विनोद दीक्षित के साथ पूरी टीम को सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष विनोद दीक्षित ने कहा कि, श्रीमद् भागवत गीता के आयोजन से धार्मिक आयोजन के साथ आपसी भाईचारे बढ़ता है। इस तरह के आयोजन समाज में समय-समय पर होते रहने चाहिए।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से भागवताचार्य पंडित लक्ष्मी कांत शास्त्री, मुकेश शर्मा, बृजेश शर्मा ,चंद्र मोहन दीक्षित , राहुल शर्मा, हरिबाबू सम्राट, शुभम पचौरी, राहुल गुप्ता ,जगदीश ठाकुर, शुभम तोमर आदि मुख्य रूप से उपस्थित रहे।


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