वटवृक्ष और शिवालय के पास मीट मुर्गे की दुकाने लगवाने पर नगर वासियों का आक्रोश ले सकता है भयंकर रूप।। Raebareli news ।।

रजनीकांत अवस्थी
महराजगंज/रायबरेली: नगर पंचायत प्रशासन द्वारा योगी सरकार के निर्देशों का हवाला देकर मांस की दुकानों को कस्बे से हटाकर दूसरी जगह शिफ्ट किए जाने से लोगों की धार्मिक भावनाएं भड़कने का खतरा उत्पन्न हो गया है। प्रस्तावित स्थल पर न केवल विशाल वटवृक्ष है, बल्कि 50 मीटर की परिधि के अंदर एक शिवालय भी बना हुआ है।
        आपको बता दें कि, अधिशासी अधिकारी के इस निर्णय से न केवल आम जनता में आक्रोश है। बल्कि कई सभासद भी ईओ के निर्णय की आलोचना कर रहे हैं। लोगों की मांग है कि, मीट मुर्गे की दुकानें धार्मिक महत्व के वटवृक्ष तथा मंदिर से कम से कम 200 मीटर दूरी पर हटवाई जाएं, अन्यथा जन आक्रोश भयंकर रूप ले सकता है।
    सनद रहे कि, बीते बुधवार को रायबरेली रोड पर स्थित महराजगंज कस्बे के वार्ड नंबर 7 पैगंबर नगर स्थित मांस और मुर्गी की गुमटिओं को हटाने का निर्णय नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी डॉ राजेश कुमार ने बगैर किसी सभासद या चेयरमैन की सलाह के करते हुए इस मंडी को अतरेहटा रोड स्थित कोल्ड स्टोरेज के पास करने का आदेश दिया था। व्यापारियों ने ईओ के निर्देश का अनुपालन करते हुए, अपनी दुकाने ले जाकर कोल्ड स्टोरेज के पास विशाल वटवृक्ष और मंदिर से के समीप ही रखकर अपना धंधा चालू कर दिया है।
     यह भी स्मरण रहे कि, कस्बे और आसपास महज यही एक विशाल बट वृक्ष है, जिसमें महिलाएं बरगदाही अमावस्या के दिन जाकर पूजन करती हैं और साल भर हिंदू तीज त्योहारों पर धार्मिक कार्यों का अनुष्ठान करती है। आज सुबह महिलाओं ने जब बकरे और मुर्गों के मांस की बिक्री यहां देखी तो, उन में गहरा आक्रोश फैल गया और कई महिलाओं ने चेयरमैन सरला साहू व उनके पति प्रभात साहू के अलावा सभासदों से भी विरोध दर्ज कराया है।
     हमारे संवाददाता ने इस मामले में चेयरमैन के अलावा कई सभासदों से संपर्क किया, तो उनका कहना था कि, इसमें उनकी सहमति नहीं ली गई है। बल्कि सभासदों में, विजय दीवान, नुरुल हसन, श्रीमती अरविन्द त्रिपाठी, रामकुमार यादव, सतीश कुशुमेश, विनीत वैश्य आदि ने भी ईओ के इस फैसले पर नाराजगी जताते हुए आम जनता का समर्थन किया है।
इनसैट.....

अपने तमाम गलत निर्णयों से आलोचना का शिकार हो रहे अधिशासी अधिकारी डॉ राजेश कुमार का यह कदम चौतरफा निंदा का विषय बन गया है। जिसको लेकर महराजगंज नगर पंचायत में आक्रोश देखने को मिल रहा है। यदि इसका शीघ्र समाधान न किया गया तो, इसके दूरगामी परिणाम होंगे। इस मामले को लेकर विरोध दर्ज कराने वालों में रामकुमार वहेलिया, रामलखन यादव, बाबादीन यादव, सत्रोहन प्रसाद, हंसराज सहित सैकड़ों लोगों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि, मामले में तत्काल हस्तक्षेप करके इस मंडी को कम से कम 200 मीटर दूर घनी आबादी और धार्मिक प्रतीक स्थल से दूर ले जाया जाए।

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