किसान सोशल डिस्टेंसिंग को ध्यान में रखते हुए अपनी फसल काट सकता है तहसीलदार विनोद सिंह।। Raebareli news ।।

रजनीकांत अवस्थी
महराजगंज/रायबरेली: कोविड 19 महामारी से बचाओ के लिए सरकार द्वारा लागू की गई संपूर्ण लाकडाउन से सबसे बड़ी समस्या उन किसानों के सामने हैं, जिनकी रबी की फसलें जिनमें विशेषकर गेहूं पूरी तरह पक कर खेतों में खड़ा है। किसानों को फसल काटने को लेकर भारी दुविधा है। इस संपूर्ण लाक डाउन के दौरान खेतों पर गए किसानों पर कहीं कोई कानूनी कार्यवाही न हो जाए।
     आपको बता दें कि, कई किसानों ने यह सवाल जब इस संवाददाता से किया, तो यह जरूरी लगा कि, इस बारे में प्रशासन की राय ले ली जाए। इसी क्रम में हमारे संवाददाता ने महराजगंज के तहसीलदार विनोद कुमार सिंह से वार्ता की। तो उन्होंने बताया कि, सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के मुताबिक संपूर्ण लॉकडाउन के दौरान किसानों को फसल काटने पर पाबंदी लगाने के कोई निर्देश नहीं दिए गए हैं। किसान सोशल डिस्पेंसिंग व अन्य को से बचाव संबंधी गाइडलाइंस का पालन करते हुए, खेतों में खड़ी गेहूं की फसलों को स्वयं अथवा मजदूरों के द्वारा या मशीनों के माध्यम से काट सकता है।
    इसके अलावा उन्होंने यह भी बताया कि, संपूर्ण तहसील क्षेत्र में बाहर से आए, लोगों को ठहराने के लिए 15 बड़े विद्यालयों में क्वॉरेंटाइन सेंटर होम बनाए गए हैं। जिसमें 2682 लोगों को ध्यान में रखकर, और उनके खाने-पीने की व्यवस्था अच्छी करा दी गई है।
      इसके अलावा महाराजगंज नगर पंचायत में भी 32 लोगों के लिए राजा चंद्रचूड़ सिंह विद्यापीठ इंटर कॉलेज में भी सेंटर खोला गया है।  जिसका कार्य नगर पंचायत महराजगंज कर रहा है। इन सभी स्थानों पर रखे गए लोगों की रेख-देख करने के लिए तहसील, ब्लॉक व पुलिस के लोगों को जिम्मेदारी दी गई है।
     श्री सिंह ने यह भी बताया कि, पूरे तहसील क्षेत्र में कोटेदारों के माध्यम से राशन वितरण का कार्य सुचारू रूप से चल रहा है। कोटेदारों को रोजमर्रा की इस्तेमाल होने वाली वस्तुओं को उचित मूल्य लेकर देने के निर्देश दिए गए हैं। तहसीलदार ने कहा कि, तहसील क्षेत्र के सभी लेखपालों को बैठक करके निर्देशित किया गया है कि, अपने-अपने हलकों में जाकर समाज के सबसे विपन्न और निराश्रित लोगों को चिन्हित कर उन्हें उनके भोजन की व्यवस्था का भी इंतजाम कराया जा रहा है। प्रशासन की पूरी कोशिश है कि, तहसील क्षेत्र में एक भी आदमी ऐसा न मिले जोकि, भूखा पेट सो जाए, इसके लिए वे टीमवर्क के साथ निरंतर काम कर रहे हैं।

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