20 हजार मानव-दिवस सृजित करने में जुटा सिंचाई विभाग

DM को प्रोजेक्ट सौंपा सिंचाई के EE ने
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मिर्जापुर । यह प्रमाणिक तथ्य है कि व्यक्ति में मिट्टी के प्रति लगाव जागृत कर देना चाहिए वरना उसका लगाव तलवार से हुआ तो वह समाज के लिए घातक हो जाएगा। मिट्टी से लगाव का आशय काम से है । बिना काम खाली बैठे व्यक्ति के गलत दिशा में जाने की संभावना बनी रहती है।
काम तलाश में लगे लोग
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 गैर प्रांतों से आने वालों को काम में लगाने की कवायद में जिला प्रशासन और सिंचाई  विभाग ने संयुक्त मंथन बुधवार को किया । इस संबन्ध में नहरों पर काम देने के बाबत DM श्री सुशील कुमार पटेल को एक प्रोजेक्ट सिंचाई खंड, चुनार के अधिशाषी अभियंता श्री प्रदीप सिंह पटेल ने सौंपी । जिसमें मनरेगा के तहत सिंचाई नहरों पर काम संबंधित संभावनाओं की तलाश की गई है। इस परियोजना को DM ने गंभीरता से लिया है ।
उत्तर प्रदेश सरकार का निर्देश
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प्रदेश सरकार द्वारा नहरों पर मनरेगा योजना के तहत श्रमिकों से काम देने के निर्णय को तुरत लागू करने के लिए सिंचाई कार्यमण्डल के अधीक्षण अभियंता श्री अखिलेश कुमार सचान ने अपने अधीनस्थ अभियंताओं से विस्तृत मन्त्रणा की जिसमें तय हुआ कि पूरे सर्किल के नहरों के सर्विस रोड पर टूट-फूट की मरम्मत, चोक हुए नहरों की सफाई, मिट्टी के बांधों पर हुए रेन-कटआदि पर मनरेगा के तहत काम होने पर 20 हजार मानव दिवस सृजित होगा । इससे विस्थापित हुए श्रमिक काम पाएंगे ।
इस तरह की योजना कोरोना काल में वरदान होगा
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कोरोना-काल में मशीनों की जगह श्रमिकों से यदि काम कराया जाता है तो वह बेरोजगारी की गति को कंट्रोल करेगा । कोरोना के दुष्प्रभाव रहने तक निजी सेक्टरों में भी हाईटेक मशीनों की जगह मानव हाथों से काम को बढ़ाने का प्रयास होना चाहिए ताकि रोजी-रोटी की जटिल समस्या से लोग बच सकें ।
                 - सलिल पांडेय, मिर्जापुर ।

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