- अन्तिम सांस तक नहीं बिकने दूँगा रायबरेली की ऐतिहासिक धरोहरें
रजनीकांत अवस्थी
रायबरेली: जिला पंचायत सदस्य चन्द्रराज सिंह पटेल ने जिलाधिकारी को प्रार्थना-पत्र देकर जिला पंचायत रायबरेली की सरकारी सम्पत्ति जो देश की आजादी के बाद से अभी तक सुरक्षित एवं संरक्षित थी, परन्तु वर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष अपने कार्यकाल के अंतिम वर्ष में सम्पूर्ण जनपद में स्थित जिला पंचायत की समस्त सम्पत्तियों को अपने निजी हित एवं सगे सम्बन्धियों (सिविल लाइन स्थित अतिथि गृह की मार्केट) को हस्तान्तरित करने की प्रक्रिया बहुत तेजी से चल रही है, जिसमें अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत की भूमिका संदिग्ध है। वह अधिकारी भी अपनी नौकरी के सेवाकाल के अन्तिम वर्ष में है और पूर्व में जितनी भी तैनाती रही है, सभी विवादस्पद रही है।
आपको बता दें कि, विगत पाँच-छः दिनों से लगातार जिला पंचायत के सेवानिवृत्त कर्मचारी जिला पंचायत कार्यालय के सम्पत्ति अभिलेखों में अध्यक्ष जिला पंचायत को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष लाभ पहुँचाने हेतु प्रयासरत हैं, पूर्व में भी कुछ लोगों को हस्तान्तरित/अनुबन्ध किया गया था, जिसका कब्जा आज तक उन लोगों को प्राप्त नहीं हो सका, उनसे प्राप्त धन का बंदरबांट किया गया, सम्पत्तियाँ जिनको हस्तांतरित करने की तैयारी की जा रही है, उनमें सिविल लाइन स्थित अतिथि गृह, रफी अहमद किदवई पार्क, किला बाजार, बेलीगंज पाठशाला, महराजगंज अतिथि गृह, लालगंज कस्बा आदि प्रमुख है।
श्री पटेल ने जिलाधिकारी से मांग की है कि, सम्पूर्ण सम्पत्तियों का अवलोकन व निगरानी अपने स्तर से की जाए एवं बिना शासन की अनुमति के सरकारी सम्पत्तियों के साथ छेड़छाड़ न की जाए, सरकारी सम्पत्तियां का दुरूपयोग होने से बचाया जाये तथा अपर मुख्य अधिकारी को निर्देशित किया जाए कि, कार्यकाल के अन्तिम वर्ष शासन-प्रशासन की मंशा के अनपुरूप जीरो टालरेंस पर कार्य करें।
रजनीकांत अवस्थी
रायबरेली: जिला पंचायत सदस्य चन्द्रराज सिंह पटेल ने जिलाधिकारी को प्रार्थना-पत्र देकर जिला पंचायत रायबरेली की सरकारी सम्पत्ति जो देश की आजादी के बाद से अभी तक सुरक्षित एवं संरक्षित थी, परन्तु वर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष अपने कार्यकाल के अंतिम वर्ष में सम्पूर्ण जनपद में स्थित जिला पंचायत की समस्त सम्पत्तियों को अपने निजी हित एवं सगे सम्बन्धियों (सिविल लाइन स्थित अतिथि गृह की मार्केट) को हस्तान्तरित करने की प्रक्रिया बहुत तेजी से चल रही है, जिसमें अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत की भूमिका संदिग्ध है। वह अधिकारी भी अपनी नौकरी के सेवाकाल के अन्तिम वर्ष में है और पूर्व में जितनी भी तैनाती रही है, सभी विवादस्पद रही है।
आपको बता दें कि, विगत पाँच-छः दिनों से लगातार जिला पंचायत के सेवानिवृत्त कर्मचारी जिला पंचायत कार्यालय के सम्पत्ति अभिलेखों में अध्यक्ष जिला पंचायत को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष लाभ पहुँचाने हेतु प्रयासरत हैं, पूर्व में भी कुछ लोगों को हस्तान्तरित/अनुबन्ध किया गया था, जिसका कब्जा आज तक उन लोगों को प्राप्त नहीं हो सका, उनसे प्राप्त धन का बंदरबांट किया गया, सम्पत्तियाँ जिनको हस्तांतरित करने की तैयारी की जा रही है, उनमें सिविल लाइन स्थित अतिथि गृह, रफी अहमद किदवई पार्क, किला बाजार, बेलीगंज पाठशाला, महराजगंज अतिथि गृह, लालगंज कस्बा आदि प्रमुख है।
श्री पटेल ने जिलाधिकारी से मांग की है कि, सम्पूर्ण सम्पत्तियों का अवलोकन व निगरानी अपने स्तर से की जाए एवं बिना शासन की अनुमति के सरकारी सम्पत्तियों के साथ छेड़छाड़ न की जाए, सरकारी सम्पत्तियां का दुरूपयोग होने से बचाया जाये तथा अपर मुख्य अधिकारी को निर्देशित किया जाए कि, कार्यकाल के अन्तिम वर्ष शासन-प्रशासन की मंशा के अनपुरूप जीरो टालरेंस पर कार्य करें।

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