इन्हें कानपुर में ही उतार लेना था
मिर्जापुर । यात्रा में हड़बड़ी और न जानकारी की वजह से अहमदाबाद से आई ट्रेन में सैकड़ों ऐसे यात्री थे जिन्हें बिना वजह ज्यादा झंझट झेलना पड़ा है ।
जिन रास्तों से आई ट्रेन उसके भी यात्री यहां आ गए- गाइडेंस का अभाव था या कुछ और था कि अहमदाबाद से चली ट्रेन वाया आगरा कानपुर, प्रयागराज होते यहां आई । ये यात्री वहीं उतार लिए गए होते तो इनका समय बचता, ट्रेन के कष्टों से कुछ मुक्ति मिली होती लेकिन ऐसा बताने वाला कोई नहीं मिला लिहाजा 300-300 किमी की यात्रा इन्हें बतौर कष्ट के रूप में करनी पड़ गई ।
जो यहां आ गए- यहां सौ से अधिक ऐसे यात्री आ गए जो कानपुर, कन्नौज, झांसी, बलरामपुर, बुलन्दशहर, बरेली तक के थे । इन्हें कानपुर में ही उतार लिया गया होता तो इन्हें तथा इनके परिवार को कम कठिनाई होती। सर्वाधिक बलरामपुर के लोग यहां आ गए । इनके लिए 2 बसों की जरूरत पड़ी।
ट्रेन कानपुर भी रुकी और प्रयागराज भी-मजेदार यह कि ट्रेन कानपुर और प्रयागराज में भी रुकी थी । जो जानकार थे, उसमें कुछ तो प्रयागराज में उतर गए लेकिन बहुत से यहां आ गए ।
17 मई की ट्रेन में ऐसा न हो- रविवार को भी दो ट्रेनें आएंगी । उसमें इस बात की सावधानी की जरूरत है।
सलिल पांडेय, मिर्जापुर ।
मिर्जापुर । यात्रा में हड़बड़ी और न जानकारी की वजह से अहमदाबाद से आई ट्रेन में सैकड़ों ऐसे यात्री थे जिन्हें बिना वजह ज्यादा झंझट झेलना पड़ा है ।
जिन रास्तों से आई ट्रेन उसके भी यात्री यहां आ गए- गाइडेंस का अभाव था या कुछ और था कि अहमदाबाद से चली ट्रेन वाया आगरा कानपुर, प्रयागराज होते यहां आई । ये यात्री वहीं उतार लिए गए होते तो इनका समय बचता, ट्रेन के कष्टों से कुछ मुक्ति मिली होती लेकिन ऐसा बताने वाला कोई नहीं मिला लिहाजा 300-300 किमी की यात्रा इन्हें बतौर कष्ट के रूप में करनी पड़ गई ।
जो यहां आ गए- यहां सौ से अधिक ऐसे यात्री आ गए जो कानपुर, कन्नौज, झांसी, बलरामपुर, बुलन्दशहर, बरेली तक के थे । इन्हें कानपुर में ही उतार लिया गया होता तो इन्हें तथा इनके परिवार को कम कठिनाई होती। सर्वाधिक बलरामपुर के लोग यहां आ गए । इनके लिए 2 बसों की जरूरत पड़ी।
ट्रेन कानपुर भी रुकी और प्रयागराज भी-मजेदार यह कि ट्रेन कानपुर और प्रयागराज में भी रुकी थी । जो जानकार थे, उसमें कुछ तो प्रयागराज में उतर गए लेकिन बहुत से यहां आ गए ।
17 मई की ट्रेन में ऐसा न हो- रविवार को भी दो ट्रेनें आएंगी । उसमें इस बात की सावधानी की जरूरत है।
सलिल पांडेय, मिर्जापुर ।






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