रजनीकांत अवस्थी
शिवगढ़/रायबरेली; कोरोना वायरस कोविड-19 के संक्रमण से ग्रामीणों को बचाने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग को ध्यान में रखते हुए ग्राम प्रधानों की अध्यक्षता में नोडल अधिकारियों ने निगरानी समिति के साथ बैठक की। शिवगढ़ क्षेत्र के पिपरी ग्राम पंचायत के भवनपुर स्थित पंचायत भवन में ग्राम प्रधान अनुपमा तिवारी की अध्यक्षता में निगरानी समिति की बैठक आयोजित की गई। जिसमें बाहर से आने वाले व्यक्तियों पर पूरी तरह से नजर बनाए रखने के निर्देश दिए।
आपको बता दें कि, इस मौके पर ग्राम पंचायत सचिव सीताराम, आंगनबाड़ी कार्यकत्री अनीता रानी, कृष्णा कुमारी, अमिता अवस्थी, आशा बहू राजकुमारी, सुषमा, रोजगार सेवक अशोक कुमार सहित लोग मौजूद रहे।
वहीं ग्राम पंचायत कुम्भी में ग्राम प्रधान दिग्विजय सिंह उर्फ मुन्ना भैया की अध्यक्षता में निगरानी समिति की बैठक आयोजित की गई। जिसमें प्रमुख रुप से नोडल अधिकारी भोलेन्द्र वर्मा, ग्राम पंचायत सचिव मोहित सिंह, आंगनबाड़ी कार्यकत्री संतोष ,आशा पूनम मिश्रा, चंद्रावती, अनीता यादव ,निशा पूनम मिश्रा, शिक्षामित्र कमलेश कुमारी सहित लोग मौजूद रहे।
विदित हो कि, कोरोना वायरस वैश्विक महामारी का रूप ले चुका है। जिसका संक्रमण समूचे विश्व में तेजी से फैल रहा है। जिससे भारत भी अछूता नहीं है। देश में कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए देश में तृतीय चरण का लॉकडाउन चल रहा है, ताकि कोरोना वायरस की चेन को तोड़ा जा सके। किन्तु देश में डेढ़ महीने से अधिक समय से चल रहे लॉकडाउन से गरीब, बेसहारा, दिव्यांग एवं दिहाड़ी मजदूर भुखमरी की कगार पर पहुंच चुके हैं। जो मजबूर होकर पैदल ही घरों के लिए निकल पड़े हैं, बेबसी के आंसू बहा रहे मजदूरों के पैरों में छाले पड़ गए हैं।
शहरों से घरों के लिए पालन कर रहे लोगों की करुणा भरी तस्वीरें सामने आ रही हैं। जैसे तैसे लोग अपने घर पहुंचना चाहते हैं। ऐसी स्थिति में घरों के लिए पलायन कर रहे लोगों को होम क्वारंटाइन करने के लिए सरकार ने शासनादेश जारी किया है। शहरों से पलायन करके घर पहुंच रहे, लोगों के लिए होम क्वारंटाइन की व्यवस्था की गई है। जिन पर नियमित रुप से नजर बनाए रखने के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर निगरानी समिति बनाई गई है।
ये निगरानी समिति गांव बाहर से आने वाले हर व्यक्ति पर नजर रखती है। जो लोगों के गांव पहुंचते ही उसकी सूचना ब्लॉक और स्वास्थ विभाग को देती है। निगरानी समिति में ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत सचिव, आशा, एएनएम व आंगनबाड़ी कार्यकत्री को रखा गया है। वहीं निगरानी समिति के सुपरविजन के लिए एक नोडल अधिकारी बनाया गया। निगरानी समिति होम क्वारंटाइन किए गए लोगों के घर नियमित रूप से जाकर उनका हाल लेगी एवं होम क्वारंटाइन किए गए व्यक्तियों में संक्रमण के लक्षण दिखने पर निगरानी समिति इसकी सूचना ब्लॉक और स्वास्थ्य विभाग को देगी। जांच में कोरोना लक्षण पाए जाने जाने पर उन्हें आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया।
शिवगढ़/रायबरेली; कोरोना वायरस कोविड-19 के संक्रमण से ग्रामीणों को बचाने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग को ध्यान में रखते हुए ग्राम प्रधानों की अध्यक्षता में नोडल अधिकारियों ने निगरानी समिति के साथ बैठक की। शिवगढ़ क्षेत्र के पिपरी ग्राम पंचायत के भवनपुर स्थित पंचायत भवन में ग्राम प्रधान अनुपमा तिवारी की अध्यक्षता में निगरानी समिति की बैठक आयोजित की गई। जिसमें बाहर से आने वाले व्यक्तियों पर पूरी तरह से नजर बनाए रखने के निर्देश दिए।
आपको बता दें कि, इस मौके पर ग्राम पंचायत सचिव सीताराम, आंगनबाड़ी कार्यकत्री अनीता रानी, कृष्णा कुमारी, अमिता अवस्थी, आशा बहू राजकुमारी, सुषमा, रोजगार सेवक अशोक कुमार सहित लोग मौजूद रहे।
वहीं ग्राम पंचायत कुम्भी में ग्राम प्रधान दिग्विजय सिंह उर्फ मुन्ना भैया की अध्यक्षता में निगरानी समिति की बैठक आयोजित की गई। जिसमें प्रमुख रुप से नोडल अधिकारी भोलेन्द्र वर्मा, ग्राम पंचायत सचिव मोहित सिंह, आंगनबाड़ी कार्यकत्री संतोष ,आशा पूनम मिश्रा, चंद्रावती, अनीता यादव ,निशा पूनम मिश्रा, शिक्षामित्र कमलेश कुमारी सहित लोग मौजूद रहे।
विदित हो कि, कोरोना वायरस वैश्विक महामारी का रूप ले चुका है। जिसका संक्रमण समूचे विश्व में तेजी से फैल रहा है। जिससे भारत भी अछूता नहीं है। देश में कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए देश में तृतीय चरण का लॉकडाउन चल रहा है, ताकि कोरोना वायरस की चेन को तोड़ा जा सके। किन्तु देश में डेढ़ महीने से अधिक समय से चल रहे लॉकडाउन से गरीब, बेसहारा, दिव्यांग एवं दिहाड़ी मजदूर भुखमरी की कगार पर पहुंच चुके हैं। जो मजबूर होकर पैदल ही घरों के लिए निकल पड़े हैं, बेबसी के आंसू बहा रहे मजदूरों के पैरों में छाले पड़ गए हैं।
शहरों से घरों के लिए पालन कर रहे लोगों की करुणा भरी तस्वीरें सामने आ रही हैं। जैसे तैसे लोग अपने घर पहुंचना चाहते हैं। ऐसी स्थिति में घरों के लिए पलायन कर रहे लोगों को होम क्वारंटाइन करने के लिए सरकार ने शासनादेश जारी किया है। शहरों से पलायन करके घर पहुंच रहे, लोगों के लिए होम क्वारंटाइन की व्यवस्था की गई है। जिन पर नियमित रुप से नजर बनाए रखने के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर निगरानी समिति बनाई गई है।
ये निगरानी समिति गांव बाहर से आने वाले हर व्यक्ति पर नजर रखती है। जो लोगों के गांव पहुंचते ही उसकी सूचना ब्लॉक और स्वास्थ विभाग को देती है। निगरानी समिति में ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत सचिव, आशा, एएनएम व आंगनबाड़ी कार्यकत्री को रखा गया है। वहीं निगरानी समिति के सुपरविजन के लिए एक नोडल अधिकारी बनाया गया। निगरानी समिति होम क्वारंटाइन किए गए लोगों के घर नियमित रूप से जाकर उनका हाल लेगी एवं होम क्वारंटाइन किए गए व्यक्तियों में संक्रमण के लक्षण दिखने पर निगरानी समिति इसकी सूचना ब्लॉक और स्वास्थ्य विभाग को देगी। जांच में कोरोना लक्षण पाए जाने जाने पर उन्हें आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया।


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