भ्रष्टाचार की भेंट चढ गई स्वजल पेयजल योजना।। Raebareli news ।।

मुंह चढ़ाती नजर आ रही जर्जर पानी की टंकियां
रजनीकांत अवस्थी
शिवगढ़/रायबरेली: शिवगढ़ क्षेत्र के ग्राम पंचायत गूढ़ा में स्वजल पेयजल योजनान्तर्गत निर्मित पानी की टंकियां बिना संचालित हुए ही जर्जर अवस्था में पहुंच चुकी हैं। जो कभी भी ढहकर बड़ी दुर्घटना को अंजाम दे सकती हैं।
      आपको बता दें कि, एक दशक पूर्व बसपा सुप्रीमो पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के कार्यकाल में शिवगढ़ क्षेत्र के ग्राम पंचायत गूढ़ा में चुन्नीलाल खेड़ा, जोरावर खेड़ा, झमई खेड़ा में स्वजल पेयजल योजनान्तर्गत एक-एक व गूढ़ा कस्बे में 2 दो सहित समूची ग्राम पंचायत में कुल 5 पानी की टंकियों का निर्माण कराया गया था। वर्ष 2006 - 2007 में बनाई गई पांचो पानी की टंकियां भ्रष्टाचार की भेंट कर गई। 
     ज्ञात हो कि, ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पूर्व सीएम मायावती के कार्यकाल में स्वजल पेयजल योजना की शुरुआत की गई थी। तीन-तीन लाख से अधिक के बजट से बनाई गई पानी की टंकियों से गांव में पाइप लाइन बिछाकर घर-घर टोटिया लगाकर प्रत्येक घर को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना था। जिसके लिए गांव के कुछ लोगों को चयनित कर अध्यक्ष, कोषाध्यक्ष एवं सदस्य बनाया गया था। वाटर सप्लाई के लिए प्रत्येक पानी की टंकी में समरसेबल बोरिंग, विद्युत कनेक्शन, और एक जरनेटर की व्यवस्था की गई थी। वहीं समूचे गांव में पाइप लाइन बिछाने के लिए भारी तादात में प्लास्टिक की पाइप में आई थी। किंतु इतना सब होते हुए स्वजल पेयजल योजना भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया। जनरेटर और पाइपें नदारद हो गई। बिना संचालित हुए ही पानी की टंकियां पूरी तरह से जर्जर हो चुकी हैं।
      ग्रामीणों का आरोप है कि, बनाई पानी की टंकियों में जमकर धांधली हुई थी। टंकियों के निर्माण में इस कदर बंदरबांट हुई थी कि यदि उसमें एक बार भी पानी भर दिया जाता तो वह तुरंत जमींदोज हो जाती। खाऊ - कमाऊ नीति के चलते पानी की टंकियां सिर्फ शोपीस बनकर  रह गई। एक दशक पूर्व बनी पानी की टंकियां मुंह चिढ़ाती नजर आ रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि, उन्होंने दर्जनों बार लिखित शिकायत की किन्तु नतीजा शून्य रहा। आलम यह है कि, यदि कोई प्राकृतिक आपदा या हल्का भूकम्प या तेज तूफान आ जाए तो जर्जर हो चुकी पानी टंकिया किसी भी समय भरभरा कर गिर सकती है। ग्रामीणों ने कार्यदाई संस्था के विरुद्ध कार्यवाही किए जाने की मांग के साथ ही जर्जर हो चुकी पांचो पानी की टंकियों को गिरवाने की मांग की है।
      ग्रामीणों का कहना है कि, यदि समय रहते इन टंकियों को गिरवाया नहीं गया तो बड़ा हादसा हो सकता है। वहीं इस बाबत जब खण्ड विकास अधिकारी अजय कुमार सिंह से बात की गई तो उन्होंने बताया कि, इस योजना के विषय में ब्लॉक में कोई रिकार्ड नहीं है। जांच कराकर कार्यवाई की जाएगी।

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