मुफ्ती निजामुद्दीन का धार्मिक योगदान प्रशंसनीय-हाफिज अकरम।। Raebareli news ।।

रजनीकांत अवस्थी
रायबरेली: यह दुनिया कभी धार्मिक विद्वानों के वजूद से खाली नहीं होगी जो शरिया कानून से पूरे समुदाय को जोड़ने का फर्ज अंजाम दे रहे हैं। मुफ्ती मोहम्मद निजामुद्दीन रिजवी इसी सिलसिले की एक अहम कड़ी हैं।  आपकी विद्वत्ता जनसामान्य के बीच लाकडाउन में बखूबी देखने को मिली। ऐसे नाजुक दौर में जिस तरह आपने मुसलमानों की धार्मिक रहनुमाई का फर्ज अंजाम दिया है वह प्रशंसनीय है। यह उद्गार अलजामिअतुल अशरफिया मुबारकपुर कार्यालय भिवंडी के खादिम हाफ़िज़ मोहम्मद अकरम अशरफी ने अपने बयान में दिया है।
     आपको बता दें कि उन्होंने अपने दिए गए बयान में कहा कि, कोरोना वायरस को लेकर शुरू हुए लाक डाउन में धार्मिक गतिविधियां बुरी तरह प्रभावित हुई। दरअसल भारत के इतिहास में इस तरह का लाक डाउन कभी नहीं देखा गया। सरकारी प्रतिबंधों की वजह से मुसलमानों को अपनी इबादत करने और अन्य रीति-रिवाजों को लेकर बहुत सारी समस्याओं का सामना करना पड़ा है।
      ऐसे नाजुक दौर में मुफ्ती निजामुद्दीन ने लाक डाउन में किस तरह से लोगों को इबादत और कुदरत की बंदगी करनी है, उन तमाम सारी समस्याओं का हल शरिया कानून की रोशनी में बताया। जिससे मुसलमानों को दीन से जुड़े मसले मसायल पर जो बेचैनी थी वह काफी हद तक दूर हो गई।

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