जिगरी दोस्तों ने ही कुल्हाड़ी से गला काटकर, कर दी निर्मम हत्या, इश्कबाजी में ही गई संजय यादव की जान।। Raebareli news ।।

रजनीकांत अवस्थी
महराजगंज/रायबरेली: वर्चस्व की लड़ाई और प्रेम प्रसंग के चलते ही उसके दोस्तों ने ही होनहार छात्र संजय उर्फ शिवानंद यादव की हत्या कर दी। पुलिस ने हत्याकांड का खुलासा घटना के 72 घंटे के भीतर ही करके आला कत्ल भी बरामद कर लिया है। हत्या में शामिल तीनों अभियुक्तों ने पुलिस को दिए बयान में घटना कारित करना स्वीकार किया है। तीनों अभियुक्तों को जेल भेज दिया गया है।
     आपको बता दें कि, विगत 30 मई 2020 दिन रविवार को कपूरपुर मजरे जमुरवां गांव के रहने वाले अर्जुन यादव का 22 वर्षीय लड़का  संजय उर्फ शिवानंद यादव की बेरहमी से गला काटकर निशंक हत्या कर दी गई थी। मामले में अर्जुन यादव ने गांव के ही आशीष सिंह पुत्र उदय राज सिंह तथा आशीष सिंह के रिश्तेदार जिहवा गांव निवासी लवलेश सिंह पुत्र शमशेर सिंह के विरुद्ध नामजद एफ आई आर दर्ज की गई थी।
    घटना के बारे में अर्जुन यादव का कहना था कि, शनिवार की शाम 6:00 बजे संजय घर से निकला फिर वापस नहीं लौटा था और रविवार की सुबह गांव में सड़क के किनारे युवक मंगल दल खेल मैदान के पास उसका शव बरामद हुआ था। मृतक के गले में धारदार हथियार से इतना तेज प्रहार किया गया था कि, गला धड़ से कटकर अलग हो गया था। वहीं सर के पीछे भी गहरी चोटें थी।
    शव बरामद होने के बाद परिजनों में कोहराम मच गया। घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्राधिकारी राघवेंद्र चतुर्वेदी व महराजगंज कोतवाल अरुण कुमार सिंह मौके पर पहुंच गए थे, और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। अधिकारियों ने मृतक के परिजनों को ढांढस बंधाया था कि, हत्यारों को शीघ्र गिरफ्तार कर उनके विरुद्ध कड़ी वैधानिक कार्यवाही कराई जाएगी।
     इसी क्रम में पुलिस ने आशीष कुमार सिंह पुत्र उदय राज सिंह निवासी कपूरपुर और आशीष सिंह के रिश्तेदार जिहवा गांव निवासी लवलेश सिंह पुत्र शमशेर सिंह तथा हलोर गांव के रहने वाले शुभम उर्फ आशीष पटेल पुत्र अमरीश वर्मा निवासी हलोर को भी गिरफ्तार कर लिया है। मामले में पुलिस का कहना है कि, हत्यारों ने हत्या में शामिल होना, हत्या की घटना को अंजाम देना, कबूल किया है। पूछताछ में अभियुक्तों ने यह भी बताया कि, प्रेम प्रसंग के चलते उस में रोड़ा बने संजय यादव उर्फ शिवानंद को तीनों ने मिलकर मौत के घाट उतारा था। अभियुक्तों का यह भी कहना है कि, वह उन लोगों के साथ रहकर अपना वर्चस्व कायम करना चाहता था।
    उधर पुलिस ने दावा किया है कि, अभियुक्तों के निशानदेही पर आला कत्ल एक आदत कुल्हाड़ी जिससे अभियुक्तों ने मृतक को मौत के घाट उतारा था तथा हत्या में प्रयुक्त बुलेरो भी पुलिस ने बरामद कर लिया है।
      उधर घटना के त्वरित खुलासे को लेकर पुलिस महकमे के आला अधिकारियों आईजी जोन व पुलिस अधीक्षक स्वप्निल ममगई ने महराजगंज पुलिस और एसओजी की टीमों को शाबाशी देते हुए पाच पाच हजार रुपए के पुरस्कार की घोषणा भी की है।

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