गांव गुहार बगल मा लरिका।। Raebareli news ।।

रजनीकांत अवस्थी
महराजगंज/रायबरेली: कभी-कभी पुरानी कहावतें कुछ मामलों में बिल्कुल सटीक बैठती हैं। ऐसा ही एक मामला बीती रात कोतवाली क्षेत्र के पूरे अहलादी मजरे मऊ गांव में देखने को मिला, जहां मां के बगल में सो रही दस 12 साल की एक लड़की अचानक गुम हो गई। घंटों तक परिजन पहले उसे तलाशते रहे, जब वह नहीं मिली, तो सूचना 112 डायल पुलिस के अलावा स्थानीय कोतवाली महराजगंज को भी दी गई। पुलिस की दो दो गाड़ियां और दर्जनों पुलिसकर्मी भी तीन 4 घंटे गांव और आसपास के इलाकों, खेत खलिहानों साथ-साथ मऊ की बड़ी नहर में लड़की को तलासते रहे। लेकिन तभी भोर में लगभग 5:00 बजे वही लड़की गांव में ही घर से लगभग 300 मीटर दूर सार्वजनिक खड़न्जे पर गुमसुम बैठी मिली। जब लोगों ने पूछा तो लड़की ने बताया कि, पता नहीं वह यहां कैसे आ गई और लगभग 5 घंटे से वह यहां बैठी है। तब जाकर परिजनों के साथ-साथ पुलिस ने भी राहत की सांस ली।
     आपको बता दें कि, गांव की रहने वाली नंदू पासी की पत्नी सुनीता घर के बाहर चारपाई पर मच्छरदानी लगा कर अपनी बेटी सोनी उम्र 10 वर्ष के साथ सो रही थी, दूसरी बेटी बगल में ही दूसरी चारपाई पर थी और उसके बगल में ही तीसरी चारपाई पर उसका बेटा लेटा हुआ था। रात लगभग 11:00 बजे नंदू की पत्नी सुनीता की नींद खुली तो उसने देखा सोनी चारपाई पर नहीं है। 
     पहले तो उसने यह समझा कि, वह नित्य क्रिया के लिए आसपास गई होगी, काफी इंतजार करने पर भी 15, 20 मिनट के बाद जब वह नहीं लौटी, तो उसने अपनी दूसरी बेटी व बेटे को बताया। तीनों मिलकर उसे तलाशने लगे। जब उन्हें भी कोई सुराग नहीं मिला, तो नंदू की पत्नी सुनीता ने अपने देवर गिरधारी जो गांव में पुलिस का चौकीदार है। उसको जगाकर पूरी बात बताई। गिरधारी ने तत्काल डायल 112 पुलिस को सूचना दी, साथ ही साथ उन्होंने हलका इंचार्ज उप निरीक्षक विभाकर शुक्ला को भी मामले की जानकारी दी, और सब मिलकर आस-पास खेत खलिहानों में लड़की को तलाशने लगे। इसी दरमियान पुलिस की 2 गाड़ियां भी आ गई।
     विभाकर शुक्ला के नेतृत्व में पुलिस जनों ने चार टीमें बनाकर चारों दिशाओं में टॉर्च आदि के साथ तलाश शुरू कर दी। यह सिलसिला घंटों तक चला। किंतु सोनी का अता पता नहीं चला। अनहोनी की आशंका को देखते हुए नंदू की पत्नी सुनीता व सोनी की बहन और भाई फूट-फूट कर रोने लगे। तभी किसी ने खबर दी की सोनी तो गांव के ही पूर्णमासी के घर के पास सार्वजनिक खड़ंजा पर बैठी हुई है। तत्काल सभी लोग मौके पर पहुंचे गुमसुम बैठी 10 वर्षीय सोनी को उठाया किंतु वह कुछ ना बोली।
     उपनिरीक्षक विभाकर शुक्ला द्वारा बच्ची को पुच्कारने व ढाढस बंधाने पर सोनी भी फूट फूट कर रोने लगी, और कहा कि, वह मां की चारपाई से यहां कैसे पहुंची यह उसे भी पता नहीं है। उसका जी घबरा रहा है। परिजन उसे लेकर घर आए। पुलिस तब तक वहां बैठी रही जब सोनी की हालत सामान्य नही हो गई। उसके बाद पुलिस घर वालों को आवश्यक निर्देश देकर वापस लौट आई।
     ज्ञात हो कि, नंदू दिल्ली में रहता है। वहीं नौकरी करता है, और उसकी पत्नी सुनीता यहां घर पर रहकर बाल बच्चों की देखरेख करती है, तथा गृहस्ती चलाती है। घटना की पूरी चर्चा गांव में आज भी रही। एक बुजुर्ग के मुंह से निकला कि, यह तो वही बात हुई कि, गांव गुहार बगल में लरिका।

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